नई दिल्ली: राज्य सभा में सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने छत्तीसगढ़ की पंचायती राज संस्थाओं की प्रशासनिक क्षमता, डिजिटल बुनियादी ढांचे, प्रशिक्षण और सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण (LSDG) को लेकर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा। इसके जवाब में पंचायती राज मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने राज्य में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) के तहत हुई प्रगति का पूरा ब्योरा सदन के समक्ष रखा।
सांसद का सवाल : क्या राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) के माध्यम से छत्तीसगढ़ में पंचायती राज संस्थाओं की प्रशासनिक क्षमता को सफलतापूर्वक सुदृढ़ किया गया है?
पंचायती राज मंत्री ने सकारात्मक उत्तर देते हुए बताया कि यद्यपि पंचायत राज्य का विषय है, फिर भी केंद्र सरकार वित्तीय वर्ष 2022-23 से संशोधित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) लागू कर रही है। छत्तीसगढ़ में निर्वाचित प्रतिनिधियों और पंचायत पदाधिकारियों के प्रशासनिक और संस्थागत विकास हेतु नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में 2022-23 में 1,21,099; 2023-24 में 1,63,292; 2024-25 में 90,559; 2025-26 में 1,82,705 तथा 2026-27 में (10 जुलाई 2026 तक) 58,987 प्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
सांसद का सवाल: ग्राम पंचायतों को प्रदान की गई डिजिटल अवसंरचना और प्रशिक्षण का ब्योरा क्या है?
मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि डिजिटल शासन को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ की ग्राम पंचायतों को 1,111 कंप्यूटर उपलब्ध कराए गए हैं। वित्त वर्ष 2022-23 से अब तक 130 ग्राम पंचायतों में सामान्य सेवा केंद्र (CSC) स्थापित करने के लिए अतिरिक्त भवन उपलब्ध कराए गए हैं। राज्य में 1,197 प्रतिभागियों को विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्मों के उपयोग के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है।
सांसद का सवाल : क्या सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण (LSDG) से ग्रामीण स्वच्छता, स्वास्थ्य और लैंगिक समानता में सुधार हुआ है?
पंचायती राज मंत्री ने बताया कि 17 सतत विकास लक्ष्यों (SDG) को 9 सुगम विषयों में विभाजित करके पंचायतों में लागू किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में स्वच्छता, स्वास्थ्य और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने हेतु विषयगत पंचायत विकास योजनाएं (PDP) तैयार की जा रही हैं। वित्त वर्ष 2022-23 से ‘स्वस्थ पंचायत’ विषय के तहत 2,168 प्रतिभागियों, ‘स्वच्छ और हरित पंचायत’ के तहत 2,475 प्रतिभागियों तथा ‘महिला-अनुकूल पंचायत’ के तहत 1,350 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया गया है। इसके क्रियान्वयन और मूल्यांकन के लिए पंचायत विकास सूचकांक (PAI) भी विकसित किया गया है।
सांसद का सवाल : इस ढांचे के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में दर्ज की गई विकास संबंधी उल्लेखनीय उपलब्धियों का ब्योरा क्या है?
केंद्रीय मंत्री ने राज्य में दर्ज प्रमुख उपलब्धियां गिनाते हुए बताया कि क्षमता निर्माण, डिजिटल शासन अपनाने, ‘समर्थ पंचायत पोर्टल’ के माध्यम से स्वयं के राजस्व स्रोत (OSR) सृजन और पंचायत विकास योजनाओं (GPDP) के समयबद्ध निर्माण में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
जीपीडीपी (GPDP) अपलोड स्थिति: छत्तीसगढ़ की 11,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में पारदर्शी विकास योजनाओं को पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। उदाहरण स्वरूप:
2022-23: 11,659 ग्राम पंचायतों में से 11,652 की योजनाएं अपलोड हुईं।
2023-24: 11,656 में से 11,630 की योजनाएं अपलोड हुईं।
2024-25: 11,713 में से 11,576 की योजनाएं अपलोड हुईं।
2025-26: 11,693 में से 11,651 ग्राम पंचायतों की विकास योजनाएं सफलतापूर्वक अपलोड की जा चुकी हैं।

