लुधियाना : ढंडारी खुर्द इलाके में एक घर में खाना बनाते समय अचानक रसोई गैस सिलेंडर से हुए रिसाव ने भीषण आग का रूप धारण कर लिया। इस भयानक अग्निकांड की चपेट में आकर दो मासूम सगे भाई और उनका चाचा जिंदा जलने से बाल-बाल बचे, लेकिन तीनों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया।
घायलों को बड़े अस्पताल में किया रेफर
इसके तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए तीनों तड़प रहे घायलों को निजी वाहनों और एम्बुलेंस के जरिए सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत बड़े अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। मिली जानकारी के मुताबिक मूल रूप से बिहार के सीतापुर का रहने वाला आनंद कुमार अपने परिवार का पेट पालने और मजदूरी के सिलसिले में सोमवार को ही लुधियाना आया था। वह यहां ढंडारी खुर्द में रह रहे अपने छोटे भाई अंकुश के घर पर रुका हुआ था।
अभी परिवार को आए 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि मंगलवार शाम को जब घर में रात का खाना पकाने की तैयारी चल रही थी, तभी अचानक गैस सिलेंडर की पाइप से तेज रिसाव शुरू हो गया। जब तक कोई कुछ समझ पाता, तब तक पूरी रसोई में गैस फैल गई और उसने एक बड़े धमाके के साथ आग पकड़ ली। आग इतनी तेजी से फैली कि वहां खेल रहे आनंद कुमार के दो बेटों 9 वर्षीय यश और 6 वर्षीय अर्थ को आग की लपटों ने चारों तरफ से घेर लिया। बच्चों को आग में जलता देख उनका चाचा अंकुश चीखते हुए रसोई की तरफ भागा और उसने दोनों भतीजों को बाहर निकालने के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना आग में हाथ डाल दिया। बच्चों को तो जैसे-तैसे बाहर खींच लिया गया, लेकिन इस कोशिश में अंकुश खुद भी बुरी तरह से झुलस गया। सिविल अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार तीनों घायलों का शरीर काफी ज्यादा झुलस चुका है और उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

