वडोदरा: गुजरात के वडोदरा शहर वालों के लिए अच्छी खबर है। वडोदरा में रिंग रोड प्रोजेक्ट का पहला चरण पूरा हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि यह एक अहम इंफ्रास्ट्रक्चर पहल है। जिसका मकसद ट्रैफिक के बहाव और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है। इस प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत 1,500 करोड़ रुपए है और इसे वडोदरा शहरी विकास प्राधिकरण (वीयूडीए) और वडोदरा नगर निगम (वीएमसी) की ओर से पांच चरणों में पूरा किया जा रहा है।
75 मीटर चौड़ी है सड़क
प्रस्तावित सड़क 75 मीटर चौड़ी है। दक्षिण गुजरात, उत्तर गुजरात, सौराष्ट्र और मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए डिजाइन किया गया यह रिंग रोड कई राज्य राजमार्गों, एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्ग-48 को भी जोड़ेगा। इस प्रोजेक्ट की योजना अहमदाबाद की सीईपीटी यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर बनाई गई है और इसे पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में बांटा गया है।
ट्रैफिक मैनेजमेंट को बेहतर बनाने में मिलेगी मदद
नगर आयुक्त अरुण महेश बाबू ने कहा कि पहले चरण के पूरा होने से शहर के भीतर ट्रैफिक मैनेजमेंट को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि 27.5 किलोमीटर का पहला चरण लगभग 316 करोड़ रुपए की लागत से पूरा हो चुका है। अब हम दूसरे चरण का निर्माण शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि रिंग रोड को सर्विस रोड, हाई-टेक ड्रेनेज और लाइटिंग जैसी सुविधाओं के साथ बनाया गया है।
कम होंगे ट्रैफिक जाम
स्थानीय निवासियों ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से भीड़ कम करने में मदद मिलेगी, खासकर भारी वाहनों को शहर की सड़कों से हटाकर। वहां से गुजर रहे योगेश जोशी ने कहा कि शहर की सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव कम होगा, और ट्रैफिक का आवागमन ज्यादा आसान होने की उम्मीद है। एक और यात्री शकुंतला जोशी ने कहा कि इससे रोजाना के सफर में समय बचाने में मदद मिलेगी और ट्रैफिक जाम कम होंगे।
प्रोजेक्ट से वडोदरा को क्या उम्मीद?
अधिकारियों ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से वडोदरा में भीड़ कम होने की उम्मीद है, क्योंकि इससे गुजरने वाले ट्रैफिक को दूसरी तरफ मोड़ा जाएगा और कुल मिलाकर ट्रैफिक का बहाव बेहतर होगा। एक बार पूरी तरह से संपन्न हो जाने पर, इससे आस-पास के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास को भी बढ़ावा मिलने और लॉजिस्टिक्स तथा औद्योगिक केंद्रों के विकास में योगदान देने की संभावना है, जिससे इस क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।
कौन बना रहा प्रोजेक्ट?
वडोदरा अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (वीयूडीए) और वडोदरा महानगरपालिका (वीएमसी) मिलकर इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम कर रहे हैं। लगभग 1500 करोड़ रुपए की लागत वाले करीब 66 किलोमीटर लंबे और 75 मीटर चौड़े इस रिंग रोड प्रोजेक्ट को पांच चरणों में तैयार किया जा रहा है। करीब 316 करोड़ रुपए की लागत से परियोजना का 27.5 किलोमीटर लंबा पहला चरण पूरा हो गया है और दूसरे फेज का निर्माण शुरू करने की तैयारी है। रिंग रोड पर सर्विस रोड, हाई-टेक ड्रेनेज और लाइटिंग जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।

