इस्लामाबाद: पाकिस्तान की जेल में बंद कराची के गैंगस्टर उजैर बलोच के भाई जुबैर बलोच पर जानलेवा हमला हुआ है। जुबैर को गुरुवार शाम को कराची के लियारी इलाके में गोली मार दी गई। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जुबैर की हालत गंभीर है। पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, जुबैर को सीने और पेट में गोली लगी है। उसे शहर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गोलीबारी में दो राहगीर भी घायल हुए हैं।
कौन है उजैर बलोच?
उजैर बलोच को लियारी का किंग कहे जाने वाले अब्दुल रहमान उर्फ रहमान डकैत के दाहिने हाथ के रूप में जाना जाता है। रहमान डकैत के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने के बाद उजैर बलोच ने लियारी की गद्दी संभाल ली थी। हाल के दिनों में उजैर बलोच का नाम भारतीय स्पाई-थ्रिलर फिल्म ‘धुरंधर’ की वजह से एक बार फिर सुर्खियों में आया है। फिल्म में उजैर का किरदार भारतीय अभिनेता दानिश पंडोर ने निभाया है।
घर के बाहर हुआ जुबैर पर हमला
डॉन की रिपोर्ट में बताया गया कि मोटरसाइकिल पर सवार होकर पहुंचे हमलावरों ने जुबैर बलोच पर हमला किया था। हमलावर अपना चेहरा ढके हुए थे। कराची के पुलिस अधिकारी सैयद असद रजा ने बताया कि हमले के समय जुबैर बलोच अपने घर के बाहर था। कराची साउथ के डीआईजी सैयद असद रजा ने बताया कि जुबैर कई आपराधिक मामलों में साल 2012 से गिरफ्तार था। उसे जनवरी 2025 में रिहा किया गया था।
लियारी गैंग के सदस्य लौट रहे पाकिस्तान
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले के पीछे गैंग की आपसी रंजिश भी शामिल हो सकती है। डॉन ने एक स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता के हवाले से बताया कि जुबैर हाल ही में एक राजनीतिक पार्टी में शामिल हुआ था। कुछ महीने पहले ही इलाके में उस पार्टी के झंडे लगे थे। कार्यकर्ता ने नाम न छापने की शर्त पर यह जानकारी दी।
कार्यकर्ता ने उन अटकलों की तरफ इशारा किया जिनमें कहा जा रहा है कि पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए कराची से दुबई और ईरान भाग गए लियारी गैंग के कई सदस्य वापस आ गए हैं। इससे इलाके में हिंसा बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।
जेल में बंद है उजैर बलोच
लियारी के कुख्यात गैंगस्टर उजैर बलोच लगातार कानूनी कार्रवाई के बाद कमजोर पड़ा है। अप्रैल 2020 में पाकिस्तान की एक मिलिट्री कोर्ट ने उजैर को जासूसी करने का दोषी पाया था और उसे 12 साल की सजा सुनाई थी। उजैर बलोच पर इसके अतिरिक्त कई मामले चल रहे हैं। इस साल मार्च में एंटी-टेररिज्म कोर्ट ने सात अलग-अलग मामलों में उसकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। उजैर बलोच और उसके साथियों पर कराची में हथियारों और विस्फोटकों का इस्तेमाल करके पुलिस अधिकारियों पर हमला करने का आरोप है।

