Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • सुवेंदु अधिकारी के PA की हत्या करने वाले शूटर UP से गिरफ्तार
    • ममता को बायो में Ex-CM मंजूर नहीं, शुभेंदु अधिकारी के सीएम बनते ही दिया नया परिचय
    • रविशंकर जलाशय की सुरक्षा के लिए गेटों की मरम्मत एवं आवश्यक कार्यों हेतु 65.50 करोड़ रुपए की मिली प्रशासनिक स्वीकृति
    • सफलता की कहानी-बिना केमिकल, बंपर मुनाफाः डोलनारायण की जैविक मिर्च ने बाजार में मचाई धूम
    • सायंतन बनर्जी जन्म से नेत्रहीन,लेकिन उन्होंने हौसले से बड़ी मिसाल कायम की आज वह शिक्षक, RJऔर सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में कर रहे काम…
    • आईपीएल2026:रायपुर में होटलों की बुकिंग 10-10 हजार रुपए तक हुई महंगी, हवाई टिकटों की कीमतें भी बढ़ीं
    • बड़ा अपडेट:तमिलनाडु में विजय सरकार का रास्ता साफ, VCK के समर्थन से मिला बहुमत
    • शुभेन्दु अधिकारी के पीए के कत्ल की गुत्थी सुलझाने गुजरात से बुलाई गई जांच टीम
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Monday, May 11
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»मुख्य समाचार»हरीश राणा के दिल्ली के ग्रीनपार्क श्मशान घाट में हुआ अंतिम संस्कार…
    मुख्य समाचार

    हरीश राणा के दिल्ली के ग्रीनपार्क श्मशान घाट में हुआ अंतिम संस्कार…

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inMarch 25, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    नई दिल्ली: आंखों के आंसू सूख गए थे. 13 साल तक बेटे की सेवा में दिन-रात एक कर दिया. मानसिक पीड़ा से लेकर तमाम वो दिक्कतें झेलीं जो बुजुर्ग पिता को अंदर तक झकझोर दे रहा था. आज अब श्मशान में उनके जिगर का टुकड़ा अब नई यात्रा पर निकल चुका है. बेटे की पीड़ा में आंसुओं का सैलाब बहाने वाले पिता अशोक राणा आज श्मशान घाट पर चुपचाप पथराई आंखों से बेटे का शव देख रहा है. आंखों के आंसू तो कबके सूख गए थे. पर दिल में उमड़ रही पीड़ा शायद लबों पर आ रही होगी. बाप का दिल आज जार-जार रो रहा होगा. अपने जिगर के टुकड़े को आज वो आखिरी बार देख रहा है. 

    पिता को ढाढस बंधाते करीबी

    पास खड़े लोग अशोक को ढाढस बंधाने की कोशिश कर रहे हैं. पर अशोक की सूखी आंखें शून्य में निहार रही हैं. चेहरे पर दुख साफ दिख रहा है लेकिन आंसू नहीं हैं. क्योंकि जिस हरीश की मुक्ति के लिए वो पिछले 13 साल से अदालतों के चक्कर लगा रहे थे वो अब चैन की नींद सो चुका है. पिछले 13 साल में उन्होंने बेटे की जो पीड़ा देखी उससे अब उन्हें निजात मिल गया है. 

    एक पिता के लिए आंखों के सामने बेटे का शव पड़े होने से बड़ा दुख कोई नहीं होता है. लेकिन अशोक राणा ने अपने बेटे को दर्द से मुक्ति दिलाने के लिए ये दुख खुद चुना था. वैसे भी दर्द जब सहने की शक्ति को पार कर जाता है तो उससे मुक्ति पा लेना ही अच्छा होता है. हरीश के पिता ने भी अपने बेटे के लिए सुप्रीम कोर्ट से इसी मुक्ति की मांग की थी. शीर्ष अदालत भी इस बेटे को मुक्ति देने का ही आदेश दिया लेकिन उनके हाथ भी कांप रहे थे. 

    श्मशान में अशोक राणा चुप हैं. मुंह से कोई बोल नहीं निकल रहे हैं. पास खड़ी मां जरूर रो रही है. जिसे 9 महीने अपने कोख में रखा आज वो बेटा उनकी आंखों के सामने निर्जीव पड़ा है. कुछ समय बाद उनके पास उसकी केवल यादें ही रह जाएंगी. अशोक अपने इस बच्चे के जाने से दुखी तो जरूर हैं लेकिन उसके कष्ट ने इस पिता को थोड़ा निर्दयी भी बना दिया था. आखिर कौन पिता बिस्तर पर कोमा में पड़े अपने जिगर के टुकड़े को तिल-तिलकर मरते देखना चाहता है. आज बाप के दिल में पीड़ा तो है लेकिन बेटे की मुक्ति उनके लिए जरूरी थी.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    शुभेन्दु अधिकारी के पीए के कत्ल की गुत्थी सुलझाने गुजरात से बुलाई गई जांच टीम

    May 9, 2026

    भोपाल के 90 डिग्री ब्रिज केस के सस्पेंड किए सभी 7 इंजीनियर बहाल

    May 9, 2026

    साइबर अपराध पर हाईकोर्ट सख्त, FIR रद्द करने से किया इनकार

    May 9, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.