Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • मातृशक्ति के खातों में पहुँची महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त
    • पीएम सूर्य घर योजना से घर-घर उजियारा, बिजली बिल में बचत से परिवारों को मिल रहा आर्थिक संबल
    • यूसुफ की शाह से अपील, मुर्शिदाबाद में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने की कार्रवाई रोकें
    • छत्तीसगढ़ में रेलवे विस्तार को मिली रफ्तार, वार्षिक बजट आवंटन बढ़कर ₹7,470 करोड़
    • योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग और आईआईएम रायपुर के बीच एमओयू
    • घर से संदिग्ध हालत में लापता हुईं 2 नाबालिग बहनें, परिवार में चिंता
    • नाबालिग लड़की का अपहरण, दुष्कर्म और फिर गला घोंटकर हत्या
    • शाम को घूमने निकले थे दोनों, नहर में नहाते समय डूबने से कार्तिक और गौरव की गई  जान
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Friday, August 7
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»मौसम»झमाझम बारिश ने दिल्ली-एनसीआर में गर्मी से दी राहत…ये बारिश मॉनसून वाली नहीं…
    मौसम

    झमाझम बारिश ने दिल्ली-एनसीआर में गर्मी से दी राहत…ये बारिश मॉनसून वाली नहीं…

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inJune 29, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    नोएडा में आज अचानक झमाझम बारिश ने गर्मी से लोगों को राहत दी. हालांकि, अभी मॉनसून के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा. सोमवार को जारी अपने ताजा पूर्वानुमान रिपोर्ट में भारत मौसम विभाग ने कहा कि अगले 2 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बाकी हिस्सों, और उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में और आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल हैं. इसके बाद के 2-3 दिनों में यह मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, दक्षिण-पूर्व राजस्थान और गुजरात के बाकी हिस्सों में भी आगे बढ़ेगा.

    ये बारिश मॉनसून वाली नहीं

    अगले 5 दिनों तक मॉनसून के दिल्ली या आसपास के इलाकों में पहुंचने का पूर्वानुमान नहीं है. मॉनसून के दिल्ली पहुंचने की सामान्य तारीख 27 जून है, लेकिन मॉनसून के दिल्ली पहुंचने में इस साल करीब एक हफ्ते की देरी होने की संभावना है. भारत मौसम विभाग के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक के मुताबिक, एक नया सर्कुलेशन पैटर्न डेवेलोप हो रहा है जिसकी वजह से 5 दिन के बाद दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की रफ़्तार फिर तेज़ होने की संभावना है. जाहिर है, अगर मॉनसून ने 04 जुलाई से रफ्तार पकड़ी तो दिल्ली समेत उत्तर-पश्चिम भारत के इलाकों में मॉनसून पहुंच सकता है.

    कहां कब पहुंचेगा मॉनसून

    फिलहाल 29 जून को सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में, और 29 जून तथा 2 और 3 जुलाई को कोंकण और गोवा में कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ जगहों पर बहुत ज्यादा बारिश होने की संभावना है. मध्य महाराष्ट्र में 2 और 3 जुलाई को ऐसी बारिश हो सकती है. पिछले कुछ दिनों से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की रफ्तार धीमी चल रही है. इसकी वजह से अब तक मॉनसून की बारिश में कमी देश के कई हिस्सों में रिकॉर्ड की गयी है.

    सोमवार को मौसम विभाग ने कहा कि 1 जून से 29 जून के बीच देश में औसत से 42% कम बारिश रिकॉर्ड की गयी है. आमतौर पर 01 जून से 29 जून के बीच देश में औसतन 157.7 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की जाती है, लेकिन इस साल जून महीने में 29 तारीख तक सिर्फ 92.2 मिलीमीटर बारिश ही रिकॉर्ड की गयी है. सबसे ज्यादा deficiency सेंट्रल इंडिया क्षेत्र में दर्ज़ की गयी है, जहां 01 जून से 29 जून के बीच औसत से 54% कम बारिश दर्ज की गयी है.

    दूसरी सबसे ज्यादा बारिश की कमी पूर्वी और उत्तरपूर्वी भारत में देखी जा रही है, जहां इन 29 दिनों के दौरान औसत से 41% कम बारिश हुई है. इस दौरान दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की कमी 28% रही है, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश की कमी बढ़कर 30% हो गयी है.

    उधर कमजोर मॉनसून के असर से निपटने के लिए कृषि मंत्रालय ने बड़े स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है. एनडीटीवी से एक्सक्लूसिव बातचीत में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को कहा, “हमने उन 111 जिलों की पहचान कर ली है जहां अल नीनो का ज्यादा असर पड़ने की आशंका है. लेकिन असर 300 जिलों से ज्यादा पर पड़ने की आशंका है. हमने राज्यों को पूरी जानकारी दे दी है कि उनके यहां कौन-कौन से जिले या इलाके संवेदनशील हैं. इन सभी प्रभावित होने वाले जिलों में उन्हें खेती या रोजगार में जहां भी कमी आएगी “जी राम जी” कानून के तहत सभी प्रभावित लोगों को रोजगार देने के लिए तैयार रहना होगा. 

    केंद्रीय कृषि मंत्री ने प्रभावित होने वाले राज्यों को निर्देश दिया है कि जो पुरानी वॉटर बॉडीज है उनको समय पर ठीक कर लिया जाए. साथ ही, जितनी नयी वॉटर बॉडीज बन सकती हैं बनायीं जाएं, और छोटी-छोटी वाटर बॉडीज जैसी संरचनाएं तैयार की जाएं. जल के संरक्षण से जुड़े कार्यों को 01 जुलाई से लांच होने वाले नए “जी राम जी” कानून के तहत सर्वोच्च वरीयता दी जाए जिससे अगर बारिश कम हो तो बारिश के पानी को अच्छे से संग्रहित किया जा सके और इसका उपयोग खेती और पीने के पानी के लिए सही तरीके से हो सके.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    सावधान!दिल्ली समेत इन राज्यों में तेज बारिश का अलर्ट अगले 3 घंटे भारी बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट….

    August 7, 2026

    छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन बारिश के आसार, उत्तर-मध्य जिलों में बरसेंगे बादल…

    July 25, 2026

    छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसून ने पकड़ ली रफ्तार,अगले 48 घंटे भारी वर्षा का अलर्ट, रायपुर समेत कई जिलों में झमाझम बारिश

    July 18, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.