खानपान-सेहत

रोज कितनी चीनी खा सकते हैं शुगर के मरीज?

खुशी के मौके पर मुंह मीठा करवाना भारत की पुरानी परंपरा रही है. हर त्योहार का जश्न मिठाइयों के साथ मनाया जाता है. अधिकतर मिठाइयों में रिफाइंड शुगर यानी चीनी का खूब इस्तेमाल किया जाता है. चीनी का सेवन कई तरीकों से किया जाता है. कई लोग दूध में चीनी मिलाकर पीते हैं, तो कुछ लोग दही और अन्य खाने-पीने की चीजों में शुगर मिलाते हैं. चाय में भी चीनी इस्तेमाल की जाती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स लोगों को कम से कम चीनी खाने की सलाह देते हैं, क्योंकि इसका ज्यादा सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक होता है. जिन लोगों को डायबिटीज है, उन्हें चीनी को लेकर ज्यादा सावधान रहना चाहिए. चीनी का सेवन करने से डायबिटीज के मरीजों का ब्लड शुगर लेवल अचानक बढ़ सकता है.

क्या है सेफ लिमिट ?

डायबिटीज के मरीजों को चीनी का सेवन बेहद सोच-समझकर करना चाहिए. कई मरीज चीनी पूरी तरह छोड़ देते हैं, जबकि कुछ पेशेंट चीनी जरूरत से ज्यादा खाते हैं. हकीकत यह है कि डायबिटीज के मरीजों के लिए चीनी की कोई मिनिमम सेफ लिमिट नहीं है. ऐसे मरीजों का शरीर ग्लूकोज को ठीक से प्रोसेस नहीं कर पाता है और शुगर लेवल बढ़ जाता है. डायबिटीज के मरीजों को फलों, ड्राई फ्रूट्स और अन्य खाने-पीने की चीजों से जरूरी शुगर मिल जाती है. ऐसे में रिफाइंड शुगर का सेवन करना जरूरी नहीं होता है. अगर आपका शुगर लेवल बहुत ज्यादा है, तो आप चीनी से बिल्कुल दूरी बना लें. अगर आपका शुगर लेवल कंट्रोल है, तो आप कभी-कभी दिनभर में 1-2 चम्मच चीनी का सेवन कर सकते हैं. हालांकि इस बारे में पहले डॉक्टर से कंसल्ट करें.

शुगर के मरीज ज्यादा चीनी खाएंगे, तो क्या होगा?

डॉक्टर ने बताया कि जब डायबिटीज का कोई मरीज तय सीमा से ज्यादा चीनी खाता है, तो उसका ब्लड शुगर लेवल अनकंट्रोल हो जाता है. लंबे समय तक हाई शुगर रहने से शरीर के ऑर्गन्स डैमेज होने लगते हैं और रेटिनोपैथी, नेफ्रोपैथी, न्यूरोपैथी जैसी कॉम्प्लिकेशंस पैदा हो सकती हैं. इसके अलावा ज्यादा चीनी शरीर में सूजन बढ़ाती है, जिससे घाव भरने में देरी होती है और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. सामान्य लोगों में भी ज्यादा चीनी इंसुलिन रेजिस्टेंस पैदा कर सकती है, जो भविष्य में उन्हें डायबिटीज का शिकार बना सकती है. खासतौर से प्रीडायबिटीज से जूझ रहे लोगों को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए. प्रीडायबिटीज के मरीज जितनी कम चीनी खाएंगे, डायबिटीज का खतरा उतना ही कम हो जाएगा.

(Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई जानकारी विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।)

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