Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • ‘किल ट्रंप’ के मायने युद्ध
    • हुस्न के जाल में फंसाकर लड़कियां करती थीं फोन, मीठी-मीठी बातें करने के बाद…
    • दुनिया का सबसे रोमांटिक कपल, ब्राजीलियाई जोड़े ने 30 सेकंड में की इतनी किस
    • कुंडली के 4 शुभ राजयोग दिलाते हैं धन, मान-सम्मान और सफलता
    • चातुर्मास में 4 महीने कहां सोते हैं भगवान विष्णु? किस दिन खुलती है उनकी नींद
    • लॉर्ड्स ग्राउंड में पहली बार खेला जाएगा महिला टेस्ट
    • अकाली दल बादल के लिए नई चुनौती बनेगा गठबंधन?…
    • शिक्षा में निवेश, आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी-उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Friday, July 10
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»अजब गजब»सैकड़ों ग्रामीणों ने नाचते-गाते कराई मेंढक-मेंढकी की शादी,हल्दी लगी, सात फेरे लिए, मांग में सिंदूर भरा… 
    अजब गजब

    सैकड़ों ग्रामीणों ने नाचते-गाते कराई मेंढक-मेंढकी की शादी,हल्दी लगी, सात फेरे लिए, मांग में सिंदूर भरा… 

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inJuly 10, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Created with GIMP
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के खूंशी इलाके में बुधवार को मेंढक-मेंढकी की धूमधाम से शादी कराई गई. इस अनोखी शादी में वो हर रस्म निभाई गई, जो एक हिंदू विवाह में होती है. एक आम शादी की तरह, इस शादी में भी पहले दिन, समय और तारीख तय की गई, और फिर पूरे गांव के लोगों को निमंत्रण दिया गया है. सभी लोग सुंदर कपड़े पहनकर एक जगह इकट्ठा हुए और विधि-विधान के साथ विवाह का कार्यक्रम शुरू किया गया.

    वीडियो में कैद की हर रस्म

    इस अनोखे विवाह समारोह की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग की गई, जिसमें कुछ लोग ढोल बजाते नजर आ रहे हैं, जबकि महिलाएं छोटे-छोटे ग्रुप बनाकर एक-दूसरे से बातें करती दिख रही हैं. वहीं एक पेड़ के नीचे गांव के कुछ पुरुष मेंढक-मेंढकी की विवाह रस्मों को पूरी कराते नजर आ रहे हैं. सबसे पहले मेंढक-मेंढकी को हल्दी लगाई जाती है. इसके बाद उन्हें स्नान कराया जाता है. फिर अग्नि के बजाय ऊंची घास की एक डंडी के चारों तरह उन्हें घुमाकर 7 फेरे दिलवाए जाते हैं. इसके बाद मेंढक के हाथ से मेंढकी की मांग सिंदूर से भरवाई जाती है. यह सब देख लोग तालिया बजाते हैं और डांस करने लग जाते हैं.

    क्यों कराई जाती है मेंढक-मेंढकी की शादी?

    इस पूरी कवायद के पीछे एक गहरा लोक मान्यता छिपी है. जब मानसून रूठ जाता है, बारिश नहीं होती और फसलें सूखने लगती हैं, तो गांव वाले बारिश के देवता ‘इंद्र देव’ को मनाने के लिए यह टोटका अपनाते हैं. मान्यता है कि बारिश न होने पर मेंढक-मेंढकी का विवाह कराने से इंद्र देव प्रसन्न हो जाते हैं.

    स्थानीय लोगों का मानना है कि जैसे ही यह शादी संपन्न होती है और जोड़े को पास के तालाब या नदी में विदा किया जाता है, वैसे ही आसमान में काले बादल घिर आते हैं और झमाझम बारिश शुरू हो जाती है. विज्ञान के इस दौर में यह मान्यता भले ही अजीब लगे, लेकिन ग्रामीणों के लिए यह उनकी आस्था और प्रकृति से जुड़ने का अपना एक अनूठा तरीका है.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    दुनिया का सबसे रोमांटिक कपल, ब्राजीलियाई जोड़े ने 30 सेकंड में की इतनी किस

    July 10, 2026

    बारिश में ठिठुर रहा फलवाला, तभी देवदूत बन आया पुलिसवाला…

    July 9, 2026

    पानी से सराबोर मंडप में,फिल्मी ‘हीरो’ की तरह दुल्हन को गोद में उठाकर दूल्हे ने पूरे किए अपनी शादी की रस्में…

    July 8, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.