नई दिल्ली। भारत ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के प्रतिबंधों से जुड़े फैसलों में ज्यादा पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग की। भारत ने कहा कि इस ताकतवर संस्था की सदस्यता का इस्तेमाल आतंकवादियों को वैध ठहराने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। यह बात पाकिस्तान की आतंकवाद से निपटने की भूमिका पर परोक्ष रूप से की गई आलोचना थी।
बुधवार को परिषद के कामकाज के तरीकों पर हुई खुली बहस में यूएन में भारत की प्रभारी राजदूत योजना पटेल ने कहा कि सुरक्षा परिषद की सदस्यता संकीर्ण राजनीतिक हितों को साधने का मंच नहीं बननी चाहिए।
भारत ने क्या कहा?
न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, उन्होंने कहा, “सुरक्षा परिषद में मौजूदगी का इस्तेमाल आतंकवादियों को वैध ठहराने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। चाहे उन्हें सूची से हटाने की कोशिश हो या फिर बिना किसी ठोस आधार या दस्तावेज के सिर्फ राजनीतिक कारणों से किसी अन्य संस्था को आतंकवादी संगठन घोषित करना हो।”

