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ईरान-इजरायल तनाव, होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से क्या तेल की कीमतों में आएगा बड़ा उछाल?

Crude Oil Price Today: अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से 28 फरवरी को ईरान के कई ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की है. जानकारी के अनुसार, इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है. जिसके बाद से पूरे पश्चिम एशिया के हालात और ज्यादा संवेदनशील हो गए है. 

पहले से तनाव झेल रहे इस क्षेत्र में अनिश्चितता बढ़ गई है. ऐसे माहौल में क्रूड ऑयल मार्केट में गतिविधियां तेज हो गई हैं और निवेशकों की नजर अब तेल की कीमतों पर टिकी हुई है. इस तनाव का सीधा असर भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों पर पड़ने वाला है…..

ईरान ने बंद किया होर्मुज स्ट्रेट

दोनों देशों के बीच जारी इस विवाद के बीच ईरानी सरकार ने होर्मुज स्ट्रेट यानी होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का ऐलान किया है. ईरान के इस फैसले से आशंका जताई जा रही है कि कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती है.

इसके पीछे की वजह की बात करें तो, दुनिया का 20 प्रतिशत कच्चा तेल इसी रास्ते से सप्लाई होता है. यानी रास्ता बंद होने से कच्चे तेल की सप्लाई में कमी आएगी, जिससे कीमतें बढ़ने की उम्मीद की जा रही है. 

सप्लाई अटकने पर और तेज हो सकती है कच्चे तेल की रफ्तार

ऑयल मार्केट में उतार-चढ़ाव के बीच कीमतों ने हाल में तेज रफ्तार पकड़ी है. न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग के मुताबिक IG Group के एक रिटेल ट्रेडिंग प्रोडक्ट में वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट का भाव एक समय 75.33 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया.

जो शुक्रवार के बंद स्तर से करीब 12 प्रतिशत ज्यादा थी. अन्य मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतें 76 से 81 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं.

होमुज स्ट्रेट की अहमियत

होमुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के बीच स्थित है. यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है. इसे दुनिया के अहम एनर्जी चोकपॉइंट्स में गिना जाता है. कतर, जो दुनिया का सबसे बड़ा LPG निर्यातक है, अपनी लगभग पूरी एलपीजी सप्लाई इसी रास्ते से भेजता है.

यही कारण है कि, होमुज स्ट्रेट के बंद होने से ऑयल मार्केट में उतार-चढ़ाव की आशंका की जा रही है.

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