Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • जन्माष्टमी के मौके पर दही-हांडी में खास उत्साह रहता है, इसी बीच एक बंदर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल यूजर्स बोले-हनुमान जी आए हैं…
    • इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज करते समय भूल कर भी न करें ये 5 गलतियां…
    • रायपुर में अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा युवा प्रकोष्ठ की प्रांतीय बैठक संपन्न, संगठन विस्तार और युवा एकजुटता पर मंथन
    • दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ईशान किशन का दोहरा शतक, ईस्ट जोन 5 विकेट पर 550 रन के पार
    • दो अलग-अलग सड़क हादसों में दर्शन कर तिरुपति से लौट रहे एक ही परिवार के 4 सदस्यों समेत 7 लोगों की मौत
    • सत्य निकेतन हादसे में MCD पर बड़ा एक्शन, डिप्टी कमिश्नर समेत 5 अफसर सस्पेंड; विभागीय जांच का भी आदेश
    • मॉडल जैसी लड़की, आधुनिक ड्रेस और फर्स्ट AC से शराब तस्करी,ट्रॉली बैग से मिले 75 लीटर ब्रांडेड शराब…
    • शादी के कुछ ही महीनों बाद पति बना हैवान,पत्नी की हत्या, सिर काटकर फ्रिज में रखा…
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Monday, September 7
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»छत्तीसगढ़»कोरिया के जीराफूल चावल ने बनाई नई पहचान, एफपीओ मॉडल से किसानों को मिल रहा बेहतर बाजार
    छत्तीसगढ़

    कोरिया के जीराफूल चावल ने बनाई नई पहचान, एफपीओ मॉडल से किसानों को मिल रहा बेहतर बाजार

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inAugust 18, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    832 किसान प्राकृतिक खेती से कर रहे जीराफूल धान का उत्पादन, एफपीओ के जरिए ब्रांडिंग, पैकेजिंग और विपणन को बढ़ावा

    कोरिया जिले का पारंपरिक और सुगंधित जीराफूल चावल प्राकृतिक खेती और किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के प्रभावी मॉडल से नई पहचान बना रहा है। जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा स्थानीय कृषि उत्पादों को प्रोत्साहित करने और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से जीराफूल चावल की पहुंच स्थानीय बाजार से आगे व्यापक स्तर तक बढ़ रही है।

    कृषि विभाग के उप संचालक श्री राजेश भारती ने बताया कि कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव के मार्गदर्शन में कोरिया जिले में एफपीओ से जुड़े 832 किसान प्राकृतिक खेती पद्धति से जीराफूल धान का उत्पादन कर रहे हैं। किसान खेती में जीवामृत, बीजामृत जैसे जैव- आधारित इनपुट का उपयोग कर रहे हैं।प्राकृतिक खेती से उत्पादित जीराफूल धान को गुणवत्ता, प्रमाणन और बेहतर पैकेजिंग के माध्यम से बाजार में विशिष्ट पहचान दिलाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

    खेत से बाजार तक एफपीओ बना मजबूत कड़ी
    किसानों की उपज को केवल उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय उसे संगठित बाजार से जोड़ने में एफपीओ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सोनहत गौरव एग्रोफेड कृषक उत्पादक बहुउद्देशीय सहकारी समिति मर्यादित के माध्यम से जीराफूल चावल के एकत्रीकरण, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, पैकेजिंग एवं विपणन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे किसानों को सामूहिक रूप से बाजार तक पहुंच बनाने और अपनी उपज के बेहतर मूल्य प्राप्त करने के अवसर मिल रहे हैं।

    प्राकृतिक खेती से मूल्य संवर्धन तक तैयार हुई पूरी श्रृंखला
    जीराफूल चावल की प्राकृतिक खेती, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, प्रमाणन, आकर्षक पैकेजिंग और एफपीओ के माध्यम से विपणन ने ‘उत्पादन से मूल्य संवर्धन और बाजार तक’ की पूरी श्रृंखला तैयार की है। कृषि मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से कोरिया के जीराफूल धान की प्राकृतिक खेती और एफपीओ मॉडल से जुड़े प्रयासों को सराहा गया है।

    प्राकृतिक खेती से तैयार जीराफूल चावल को पीजीएस-प्राकृतिक खेती प्रमाणन के साथ बाजार तक पहुंचाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इससे कोरिया के पारंपरिक जीराफूल चावल को गुणवत्तापूर्ण और प्राकृतिक उत्पाद के रूप में नई पहचान मिल रही है।

    मुख्यमंत्री ने भी किसानों के प्रयासों की सराहना की
    कोरिया के जीराफूल चावल को राष्ट्रीय स्तर पर मिल रही पहचान को लेकर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भी जिले के किसानों के प्रयासों की सराहना की है। पारंपरिक कृषि उत्पाद को प्राकृतिक खेती, एफपीओ और बेहतर विपणन से जोड़ने की यह पहल किसानों के लिए नए बाजार और मूल्य संवर्धन के अवसर खोल रही है।

    कृषि विभाग द्वारा किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीक, जैव-इनपुट निर्माण, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन तथा एफपीओ के माध्यम से विपणन के संबंध में निरंतर मार्गदर्शन दिया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य कोरिया के स्थानीय एवं पारंपरिक कृषि उत्पादों को संगठित बाजार उपलब्ध कराकर किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना है।

    जीराफूल की पहचान अब खेत से बाजार तक पहुंच रही है और एफपीओ इस बदलाव की महत्वपूर्ण कड़ी बनकर उभर रहा है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    रायपुर में अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा युवा प्रकोष्ठ की प्रांतीय बैठक संपन्न, संगठन विस्तार और युवा एकजुटता पर मंथन

    September 7, 2026

    योगेश वर्मा के आयोजन में भव्य दही हांडी उत्सव, मानपुर की टीम ने जीता 21 हजार रुपये का पुरस्कार

    September 7, 2026

    लोकधुनों और लोकनृत्यों से सजा ‘लोकरंग पर्व’, भरथरी गाथा ने बांधा समां

    September 7, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.