Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • “ये मेरे पिता और दादी की गलती है”, फांसी के फंदे पर लटका मिला 20 वर्षीय VFX डिजाइनर का शव, दीवार पर लिखा मिला सुसाइड नोट
    • शाला प्रवेश उत्सव में गूंजा शिक्षा का उत्साह, मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने नवप्रवेशी बच्चों का किया आत्मीय स्वागत
    • रायपुर के पं. जेएनएम मेडिकल कॉलेज में 20 एमबीबीएस सीटें बढ़ीं, कुल संख्या हुई 250
    • भोरमदेव में इको-टूरिज्म को मिली नई पहचान, उप मुख्यमंत्री ने वन महोत्सव और 6 किमी लंबे इको ट्रेल का किया शुभारंभ
    • आदित्य कुमार चंद्राकर बने अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा के युवा संगठन के व्यापारी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक
    • मुंबई में डिप्टी सीएम पवन कल्याण के दाएं कंधे की सर्जरी, 2016 में लगी चोट से दर्द में थे
    • मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु की थलपति विजय की छोड़ी सीट समेत 5 विधानसभा सीटों के उपचुनाव पर लगाई रोक
    • मोदी सरकार में मंत्री का CM डीके पर बड़ा अटैक
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Saturday, July 11
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»राष्ट्रीय»फर‍िश्ता बनकर आया मैनेजर, और बचा लिए महिला के 1.13 करोड़ रुपये, जानें कैसे?
    राष्ट्रीय

    फर‍िश्ता बनकर आया मैनेजर, और बचा लिए महिला के 1.13 करोड़ रुपये, जानें कैसे?

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inDecember 25, 2025
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    लखनऊ. ‘मैनेजर साहब, मेरी ये 12 एफडी (FD) अभी के अभी तोड़ दीजिए और सारा पैसा, जो मेरे सेविंग अकाउंट में है वह इस खाते में ट्रांसफर कर दीजिए.’ 75 साल की एक बुजुर्ग महिला जब यह बात बोल रही थी तो उसके हाथ और ओंठ दोनों कांप रहे थे. उस महिला की आवाज में एक अजीब सी जल्दबाजी, घबराहट और खौफ झलक रहा था. लखनऊ के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की मामा चौराहा शाखा के मैनेजर ने चश्मा ठीक करते हुए पूछा, ‘माताजी, 1.13 करोड़ रुपये की इतनी बड़ी रकम और अचानक ट्रांसफर? सब ठीक तो है न? बच्चों के लिए चाहिए क्या?’ महिला ने नजरें चुराते हुए दबी आवाज में कहा, ‘हां… बस बच्चों के लिए चाहिए. आप सवाल मत कीजिए, बस जल्दी प्रोसेस शुरू कर दीजिए.’ यहीं से शुरू हुई लखनऊ की पीएनबी बैंक की जांबाज बैंककर्मियों की कहानी, जिसने न केवल एक बुजुर्ग महिला की उम्र भर की कमाई बचाई, बल्कि डिजिटल अरेस्ट के एक खतरनाक जाल से महिला को निकाल लिया.

    15 दिसंबर की सुबह जब यह बुजुर्ग महिला बैंक पहुंची तो उनकी घबराहट बैंक कर्मियों की नजरों से छुप नहीं सकी. बैंक मैनेजर को लगा कि मामला कुछ गंभीर है. उन्होंने महिला को चाय ऑफर की और उनसे बात करने की कोशिश की. मैनेजर ने उन्हें समझाया कि एफडी समय से पहले तोड़ने पर उन्हें काफी नुकसान होगा और अगर पैसे की बहुत जरूरत है तो बैंक उन्हें दूसरी स्कीम के तहत फंड दिला सकता है. लेकिन महिला जिद पर अड़ी थी कि उसके पैसे दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर ही चाहिए. इस बीच एक बैककर्मी ने महिला से बेटे का नंबर मांगा. महिला चुप हो गई.

    तीन घंटे की कंसल्टेशन और शक की सुई

    लेकिन बैंककर्मियों को शक और गहरा गया जब बुजुर्ग महिला ने अपने बेटे का नंबर देने से इनकार कर दिया. बैंक कर्मियों ने रिकॉर्ड खंगाला और नॉमिनी के तौर पर दर्ज उनके बेटे का नंबर निकालकर उसे फोन किया. बेटे ने बताया कि उन्हें कार खरीदने के लिए कुछ पैसों की जरूरत तो थी, लेकिन इतनी बड़ी रकम की नहीं. पता नहीं मां को क्यों इतने पैसे ट्रांसफर करवा रही है? इसके बाद बैंककर्मी ने महिला से उस अकाउंट की जांच की जहां पैसा भेजा जाना था, वह किसी फर्म का खाता निकला.

    इस बीच बातचीत के महिला कई बार बैंक से अंदर-बाहर कर रही थी. कभी कोने में खड़े होकर किसी से फोन पर बात करती दिखी. बैंक कर्मियों ने चतुराई से उनका फोन ‘डिटेल्स वेरिफाई’ करने के बहाने लिया. व्हाट्सएप खोलते ही उनके होश उड़ गए. अनजान नंबरों से आए वॉयस नोट्स और मैसेज में महिला को डराया जा रहा था. जब पुलिस को बुलाया गया और महिला की काउंसलिंग की गई, तो वह फूट-फूटकर रो पड़ी.

    4 दिनों से महिला थी डिजिटल अरेस्ट

    महिला ने बताया कि वह 11 दिसंबर से ‘डिजिटल अरेस्ट’ थी. उसे एक कॉल आया था जिसमें खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए कहा गया कि उसके स्वर्गीय पति का आधार कार्ड और मोबाइल नंबर 50 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग में इस्तेमाल हुआ है. जालसाजों ने उसे व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर वर्दी पहने लोग दिखाए और डराया कि अगर उसने पूरा पैसा उनके बताए सेफ अकाउंट में ट्रांसफर नहीं किया तो उसके परिवार को मार दिया जाएगा. उसे घर से बाहर निकलने और किसी को बताने तक की मनाही थी. बैककर्मी ने महिला को समझाया कि आपके साथ बड़ा साइबर ठगी हो रहा था. कुछ भी ऐसा नहीं है. आप परेशान न हों. पीएनबी बैंककर्मियों की इस कोशिश को लखनऊ के डीसीपी शशांक सिंह ने जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि अगर बैंककर्मी केवल अपने काम से मतलब रखते तो आज एक परिवार सड़क पर होता. बैंक अधिकारियों की 3 घंटे की मेहनत और सूझबूझ ने 1.13 करोड़ रुपये को साइबर अपराधियों के हाथ में जाने से बचा लिया. पीएनबी ने भी सोशल मीडिया पर इस घटना को साझा करते हुए लोगों से अपील की है कि डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई कानून नहीं है. डरे नहीं बल्कि तुरंत पुलिस या बैंक को सूचित करें. इस घटना ने साबित कर दिया कि तकनीकी के इस दौर में केवल पासवर्ड और पिन की सुरक्षा काफी नहीं है, बल्कि सतर्कता ही साइबर अपराध के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    ‘न्यूजीलैंड में 25 साल पहले गिफ्ट में मिला मफलर आज भी मेरे पास’ : पीएम मोदी

    July 11, 2026

    हिंद महासागर में बढ़ेगी ताकत, INS महेंद्रगिरि आज नौसेना में होगा शामिल, जाने क्या है इसकी खासियत?

    July 11, 2026

    NEET UG पेपर लीक मामले में NTA अधिकारियों को मिली क्लीन चिट, निजी आरोपियों के खिलाफ दाखिल होगी चार्जशीट

    July 11, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.