जगदलपुर (नक्सल हमला)। तेलंगाना सीमा से लगे छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा पहाड़ियों में माओवादियों के खिलाफ पिछले 19 दिनों से सुरक्षा बलों का निर्णायक अभियान जारी है। इसी दौरान, 7 मई को माओवादियों की ओर से एक पत्र जारी कर छह महीने के युद्धविराम और शांति वार्ता की बात कही गई थी। हालांकि, अगले ही दिन यानी 8 मई को माओवादी अपने बयान से पलट गए और सुरक्षा बलों पर हमला कर दिया।
सुबह कर्रेगुट्टा पहाड़ी के उत्तरी इलाके में इलमिड़ी के पास तेलंगाना की ग्रेहाउंड्स फोर्स पर आईईडी (इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) विस्फोट कर हमला किया गया, जिसमें तीन जवान—एन. पवन कल्याण, वडला श्रीधर और संदीप—शहीद हो गए। इस हमले के जवाब में ग्रेहाउंड्स ने कार्रवाई करते हुए माओवादियों के शीर्ष नेताओं को ढेर कर दिया। मारे गए 10 माओवादियों में एक करोड़ के इनामी सेंट्रल कमेटी सदस्य चंद्रन्ना और 25 लाख के इनामी बंडी प्रकाश भी शामिल हैं।
लगातार दबाव और अभियान के चलते माओवादियों ने आत्मसमर्पण की राह भी अपनानी शुरू कर दी है। शुक्रवार को तेलंगाना के भद्रादी-कोठागुड़ेम जिले में 38 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। ये सभी छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के जिड़पल्ली और पामेड़ क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं।

इसी दिन छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में भी एक बड़ी सफलता मिली, जहां 16 लाख रुपये के इनामी माओवादी दंपती ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। यह दंपती कोंडागांव, कांकेर और नारायणपुर के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय था। समर्पण के बाद पुलिस अधीक्षक ने दोनों को प्रोत्साहन स्वरूप 50-50 हजार रुपये के चेक प्रदान किए।
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