बिहार के रोहतास जिले में लड़कियों की तस्करी का एक मामला सामने आया है। सासाराम के डालमियानगर थाना क्षेत्र में एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है, जो नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाता और फिर शादी के लिए उन्हें बेच देता। इस पुरे मामले का खुलासा तब हुआ जब 16 साल की पीड़िता एक साल तक बंधक और यातनाएं झेलने के बाद किसी तरह कैद से बच निकली। नाबालिग ने घर लौटने के बाद अपने परिवार वालों को पूरी आपबीती सुनाई। इसके बाद परिवार के लोगों ने पुलिस को सुचना दी। पुलिस ने मामले में तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है।
पड़ोसी महिला ने ही किया सौदा
दरअसल, साल 2025 में डालमियानगर के मथुरी मोहल्ले में रहने वाली एक नाबालिग लड़की को पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने अपने साथियों के साथ मिलकर निशाना बनाया। पीड़िता की मां के अनुसार, जब लड़की घर पर अकेली थी तो तीन महिलाएं उसे धोखे से अपने साथ ले गईं। पैसे के लालच में इन महिलाओं ने नाबालिग को ट्रेन से राजस्थान पहुंचा दिया। वहां पहुंचने पर उन्होंने बीकानेर के कालपंप चुंगी निवासी 32 वर्षीय सीताराम से मोटी रकम ली और जबरन नाबालिग की शादी उससे करवा दी।
एक आल कैद में रही नाबालिग
राजस्थान में बेचे जाने के बाद नाबालिग की जिंदगी नरक बन गई। पीड़िता के अनुसार उसे लगातार शारीरिक मारपीट और यौन शोषण का शिकार होना पड़ा। जब भी वह विरोध करने की कोशिश करती, तो उसे एक कमरे में बंद कर दिया जाता था। लगभग एक साल तक कैद रहने और अमानवीय यातनाएं सहने के बाद, 28 अप्रैल को वह आखिरकार पड़ोसियों की मदद से वहां से भाग निकलने में कामयाब रही और सुरक्षित रूप से अपने घर डेहरी लौट आई। सामाजिक बदनामी के डर से परिवार वालों ने शुरू में पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से परहेज किया। हालांकि, अपनी बेटी की आपबीती सुनने के बाद उन्होंने आखिरकार पुलिस की मदद लेने का फैसला किया।
तीन महिलाएं गिरफ्तार
डालमियानगर के स्टेशन हाउस ऑफिसर राजीव रंजन सिंह ने मामले में तुरंत कार्रवाई की और इस आपराधिक गिरोह से जुड़ी तीन महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार की गई महिलाओं में मथुरी की चैना देवी, पटलूका (तिलोथू में) की बबीता देवी और पटलूका की वार्ड सदस्य (पंच) सूरजमुखी कुंवर शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, बबीता और सूरजमुखी इस गिरोह की सरगना हैं और पहले भी छोटी बच्चियों की तस्करी से जुड़े मामलों में इनका नाम सामने आ चुका है। अदालत के आदेश पर कार्रवाई करते हुए, तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
सक्रिय है मानव तस्करी का बड़ा नेटवर्क
पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि तिलोथू और रोहतास प्रखंडों के साथ-साथ रोहतास जिले के डेहरी नगर परिषद क्षेत्र में एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जो नाबालिग बच्चियों की तस्करी कर उन्हें राजस्थान में बेचने का धंधा करता है। राजस्थान में बैठे दलाल स्थानीय लोगों को मोटी रकम का लालच देते हैं। इसके बदले में, इस क्षेत्र की गरीब और मासूम बच्चियों को ‘दुल्हन’ बनाने के बहाने वहां तस्करी करके भेज दिया जाता है। पुलिस ने सेवही, पटलूका, बहेरा और कैथी तथा बकनौरा जैसे इलाकों को इस आपराधिक नेटवर्क के प्रभाव वाले क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया है। फिलहाल, पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जगह-जगह छापेमारी कर रही है।

