Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • BREAKING:पेट्रोल में एथनॉल की मात्रा दर्शाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार
    • मुख्यमंत्री की मौजूदगी में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय और सीएमडीसी के मध्य हुआ महत्वपूर्ण समझौता
    • छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर कंपनी से 11 कर्मियों की भावभीनी विदाई
    • खनिज उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा छत्तीसगढ़, अन्वेषण से एडवांस मैन्युफैक्चरिंग तक विकसित होगी पूरी वैल्यू चेन – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
    • रायपुर के नंदनवन का 50 करोड़ से होगा कायाकल्प
    • महतारी के आशीष से, राखी के विश्वास से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान, स्वावलंबन और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में निरंतर पहल
    • जशपुर में आधुनिक फुटबॉल स्टेडियम के निर्माण के लिए 5.49 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति
    • विष्णु भैया की योजना बनी सावित्री का सहारा, आर्थिक चिंता से मिली राहत
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Monday, August 31
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»अंतर्राष्ट्रीय»मोदी-पुतिन-जिनपिंग की तिकड़ी, BRICS से पहले SCO में मुलाकात, अमेरिका-पाक की छाती पर लोटे सांप
    अंतर्राष्ट्रीय

    मोदी-पुतिन-जिनपिंग की तिकड़ी, BRICS से पहले SCO में मुलाकात, अमेरिका-पाक की छाती पर लोटे सांप

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inAugust 31, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    Modi-Putin-Jinping Meeting: किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक चलने वाला 26वां शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन सिर्फ एक क्षेत्रीय बैठक नहीं है. यह उस तस्वीर का प्रतीक है जिसमें भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक बार फिर एक साथ नजर आने वाले हैं. SCO के 25 साल पूरे होने के मौके पर यह बैठक बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत बनकर उभर रही है. प्रधानमंत्री मोदी बिश्केक पहुंच चुके हैं, इसी दिन शी जिनपिंग भी यहां पहुंच चुके हैं. दोनों नेताओं के अलावा पुतिन भी समिट में शामिल होंगे.

    मोदी की पुतिन से द्विपक्षीय मुलाकात तय है, जबकि शी से भी साइडलाइंस पर बातचीत की संभावना जताई जा रही है. यह तिकड़ी पिछले कुछ सालों में कई मौकों पर एक साथ दिखी है, लेकिन मौजूदा माहौल में इसकी अहमियत और बढ़ गई है. ये उन देशों का संगठन है, जो सिर्फ दक्षिण एशिया की शक्तियों के सहयोग के लिए महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि ग्लोबल पावर बैलेंस में भी इसकी अहम भूमिका है. खासतौर पर भारत-चीन के नेताओं की आमने-सामने की मुलाकात इसे और खास बना देती है.

     SCO की भूमिका और एजेंडा

    • SCO की स्थापना 2001 में चीन, रूस और मध्य एशियाई देशों ने की थी. भारत और पाकिस्तान 2017 में, ईरान 2023 में और बेलारूस 2024 में पूर्ण सदस्य बने. अब यह संगठन करीब 3.4 अरब आबादी और वैश्विक GDP के एक चौथाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है.
    • बिश्केक समिट में इस संगठन के 25 साल पूरे हो रहे हैं. इसका थीम है – 25 Years of the SCO: Together Towards Sustainable Peace, Development and Prosperity. एजेंडे में आतंकवाद, क्षेत्रीय स्थिरता, सीमापार खतरे, यूरेशियन परिवहन कॉरिडोर, ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और व्यापार सुविधा शामिल हैं.
    • SCO विकास बैंक और कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर भी चर्चा होने वाली है. बिश्केक घोषणापत्र अंतिम रूप लेगा और किर्गिस्तान की अध्यक्षता पाकिस्तान को सौंपी जाएगी. भारत के लिए यह मंच मध्य एशिया से व्यापार, ऊर्जा और कनेक्टिविटी बढ़ाने का अवसर है.

    आतंकवाद के मुद्दे को उठाएगा भारत 

    पीएम मोदी ने शिखर सम्मेलन में जाने से पहले कहा था कि वे क्षेत्र में सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर की दृष्टि से आगे बढ़ना चाहते हैं. चूंकि इस मंच पर पाकिस्तान भी मौजूद रहता है, ऐसे में भारत आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से मुक्त क्षेत्र के लिए बात करेंगे. पिछले साल बीजिंग में हुए एससीओ समिट के दौरान ही पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर भारत ने अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी और पाकिस्तान की मौजूदगी में इस पर बात हुई थी.

    मोदी-पुतिन-शी की मुलाकात क्यों खास?

    ये तिकड़ी पश्चिमी नेतृत्व वाले विश्व व्यवस्था के विकल्प के रूप में देखी जाती है. रूस पश्चिमी प्रतिबंधों का सामना कर रहा है और चीन-भारत संबंधों में हाल के वर्षों में सीमा विवाद के बावजूद कुछ सुधार के संकेत दिखे हैं. भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखते हुए अमेरिका के साथ क्वाड जैसे मंचों पर भी सक्रिय है, लेकिन SCO जैसे मंचों से वह रूस और मध्य एशिया से जुड़ाव मजबूत करता है. पुतिन और शी अक्सर SCO को पश्चिमी प्रभाव के मुकाबले एक संयुक्त मोर्चा बनाने के लिए इस्तेमाल करते रहे हैं. मोदी की उपस्थिति भारत को संतुलन बनाए रखने का मौका देती है. भारत न तो पूरी तरह चीन-रूस गुट में शामिल होता है और न ही पश्चिम से दूरी बनाता है. ये मल्टीलेटरल पॉलिसी भारत की विदेश नीति का अहम हिस्सा है.

    अमेरिका पर क्या होगा असर?

    1. अमेरिका लंबे समय से भारत को चीन के खिलाफ एक महत्वपूर्ण साझेदार मानता रहा है. क्वाड, इंडो-पैसिफिक रणनीति और रक्षा सहयोग इसी दिशा में हैं लेकिन जब मोदी, पुतिन और शी एक मंच पर नजर आते हैं तो अमेरिका में यह बहस तेज हो जाती है कि भारत कहीं चीन-रूस खेमे की ओर तो नहीं खिसक रहा.
    2. भारत SCO में अपनी प्राथमिकताएं आतंकवाद विरोध, कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग रखता है. वह चीन के प्रभाव को संतुलित करने की कोशिश भी करता है. साथ ही अमेरिका के साथ संबंधों को मजबूत बनाए रखता है. SCO कोई सैन्य गठबंधन नहीं है और इसमें सदस्य देशों के हित अक्सर टकराते रहते हैं. भारत-पाकिस्तान और भारत-चीन मतभेद इसे पूरी तरह एकजुट मोर्चा नहीं बनने देते.
    3. ये समिट अमेरिका को याद दिलाती है कि यूरेशिया में वैकल्पिक शक्ति केंद्र मजबूत हो रहे हैं. रूस पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद चीन और भारत जैसे बड़े बाजारों से जुड़ा हुआ है. चीन मध्य एशिया में अपनी आर्थिक पैठ बढ़ा रहा है. भारत भी इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति मजबूत करना चाहता है.

    अब अमेरिका के लिए चुनौती यह है कि वह भारत जैसे साझेदारों को अपनी ओर बनाए रखते हुए यूरेशिया में बढ़ते प्रभाव को कैसे संतुलित करे. टैरिफ, प्रतिबंध और रणनीतिक दबाव के बावजूद भारत अपनी स्वायत्तता बनाए रखने पर जोर देता है. बिश्केक समिट में मोदी-पुतिन-शी की यह मुलाकात सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं है. यह दिखाती है कि 21वीं सदी की जियोपॉलिटिक्स में शक्ति का केंद्र यूरेशिया की ओर खिसक रहा है. कुल मिलाकर SCO की यह तस्वीर विश्व व्यवस्था के बदलते समीकरणों की एक महत्वपूर्ण झलक पेश कर रही है.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    भारत के खिलाफ ‘गलवान ऑपरेशन’ का दिया था आदेश, शी ने जनरल झाओ जोंगकी को हटाया

    August 29, 2026

    नेपाल तबाही: स्कूल ढहने के बाद जिसे मृत मान चुकी थी मां, रेस्क्यू टीम ने मासूम को मलबे से निकाला जिंदा

    August 29, 2026

    नेपाल में बाढ़ के बीच तिब्बत में फिर टूटा बांध, बढ़ी दहशत; पुलिस की अपील- तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाएं

    August 28, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.