बीजापुर (छत्तीसगढ़)। जिले में माओवादियों ने एक ही रात में चार लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी। मृतकों में उसूर क्षेत्र के मारुडबाका गांव के निवासी कांग्रेस कार्यकर्ता और राशन दुकान संचालक नागा भंडारी, मीना गट्टा स्कूल में कार्यरत शिक्षा दूत अशोक मुचाकी, एक रसोइया और एक अन्य ग्रामीण शामिल हैं। सभी की हत्या धारदार हथियारों से की गई। घटना की पुष्टि बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव ने की है।
जानकारी के अनुसार, नागा भंडारी बीती रात लिंगापुर गांव में एक सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे, जहां दो दर्जन से अधिक हथियारबंद माओवादियों ने उन्हें घेर लिया और हत्या कर दी। वहीं, पामेड़ थाना क्षेत्र के ग्राम कंचाल और मीनागट्टा में भी तीन ग्रामीणों की हत्या की पुष्टि पुलिस ने की है।
मीना गट्टा के अशोक मुचाकी, जो शिक्षा दूत के रूप में कार्यरत थे, की भी माओवादियों ने आधी रात को हत्या कर दी। सूत्रों के अनुसार, अशोक रविवार को गांव में घर-घर जाकर स्कूल से वंचित बच्चों का सर्वे कर रहे थे। बताया जा रहा है कि उनकी पत्नी भी उसी स्कूल में शिक्षा दूत के रूप में कार्यरत हैं। अशोक की हत्या के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है।
सूत्रों का यह भी कहना है कि अशोक के साथ एक रसोइया और एक अन्य ग्रामीण की भी माओवादियों द्वारा हत्या की गई है। एएसपी चंद्रकांत गवर्ना ने बताया कि घटनाओं की सूचना मिली है, लेकिन पामेड़ थाना से कंचाल और मीनागट्टा की दूरी ज्यादा होने और संचार सुविधा न होने के कारण मृतकों की सही संख्या की पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है। विस्तृत जानकारी मंगलवार तक मिलने की संभावना है।

