Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • छत्तीसगढ़ सचिवालय सेवा में बड़ा फेरबदल,कर्मचारियों के बदले प्रभार; देखें किसे कहां मिली जिम्मेदारी…
    • जनजातीय क्षेत्रों में तिलहन उत्पादन बढ़ाने हेतु प्रदेश स्तरीय कार्यशाला आयोजित
    • ब्लू ड्रम हत्याकांड में बड़ा फैसला: मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, ‘हमें इंसाफ मिला, मुस्कान की बड़ी बेटी को अपनाएंगे, छोटी को नहीं…’, मृतक सौरभ की मां का बयान…
    • छत्तीसगढ़ में पहली बार होगा अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मैच, मुख्यमंत्री श्री साय ने जताई प्रसन्नता
    • गन्ने का मूल्य 425 रुपये प्रति क्विंटल होने पर किसानों में उत्साह एवं खुशी, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा को शक्कर की बोरियों से तौलकर जताया आभार
    • मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की पहल पर 12 घंटे में लटोरी पहुंची ALS एंबुलेंस
    • नारायणपुर के दूरस्थ अंचलों में शिक्षा की नई रोशनी,24 वैकल्पिक शालाओं से लगभग 800 बच्चों को जोड़ने की पहल
    • छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति से बदली चीतुराम शोरी की जिंदगी
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Wednesday, October 14
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»छत्तीसगढ़»नारायणपुर के दूरस्थ अंचलों में शिक्षा की नई रोशनी,24 वैकल्पिक शालाओं से लगभग 800 बच्चों को जोड़ने की पहल
    छत्तीसगढ़

    नारायणपुर के दूरस्थ अंचलों में शिक्षा की नई रोशनी,24 वैकल्पिक शालाओं से लगभग 800 बच्चों को जोड़ने की पहल

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inOctober 14, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    बंद विद्यालयों में फिर शुरू हुई पढ़ाई, निःशुल्क कोचिंग से इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों तक पहुंचे विद्यार्थी

    रायपुर- नारायणपुर जिले के दूरस्थ एवं नक्सल प्रभावित अंचलों में शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के प्रयासों से बच्चों के लिए पढ़ाई के नए अवसर खुल रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विगत दो वर्षों में नए विद्यालयों के संचालन, बंद शालाओं को पुनः प्रारंभ करने और वैकल्पिक शालाओं की स्थापना के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में अनेक पहल की गई हैं। जिले में 24 वैकल्पिक शालाओं के माध्यम से लगभग 800 बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की पहल की गई है। वहीं, निःशुल्क प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग, डिजिटल शिक्षण और व्यावसायिक शिक्षा से विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं।

    नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत शिक्षा सत्र 2024-25 में ईरक्कभट्टी, जड्डा, ताडोबेडा एवं तोयामेटा (एनमेटा) में चार नवीन प्राथमिक विद्यालय प्रारंभ किए गए। इसके साथ ही लंबे समय से बंद नौ प्राथमिक शालाओं में दोबारा पढ़ाई शुरू कराई गई। इन प्रयासों से 207 विद्यार्थियों को लाभ मिला। शिक्षा सत्र 2025-26 एवं 2026-27 में 24 वैकल्पिक शालाओं का संचालन शुरू किया गया, जिससे ऐसे गांवों के बच्चों तक भी शिक्षा पहुंची, जिन्हें पहले विद्यालय जाने का अवसर नहीं मिला था। सत्र 2026-27 में चार प्राथमिक शालाओं का शुभारंभ भी किया गया है।

    ‘स्कूल केईंता’ अभियान से शिक्षा से वंचित बच्चों की पहचान

    शाला त्यागी एवं अप्रवेशी बच्चों को विद्यालयों से जोड़ने के लिए जिले में विशेष ‘स्कूल केईंता’ अभियान चलाया गया। इसके अंतर्गत 24,701 परिवारों का सर्वेक्षण कर 1,047 शाला त्यागी और 1,295 अप्रवेशी बच्चों की पहचान की गई। इन बच्चों को विद्यालयों में प्रवेश दिलाकर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की पहल की गई है। जिले में वर्तमान में 538 विद्यालय संचालित हैं। आवासीय शिक्षा के लिए दो कस्तूरबा गांधी विद्यालय, दो पोर्टा केबिन विद्यालय और एक डॉरमेट्री की सुविधा उपलब्ध है। केंद्रीय विद्यालय और जवाहर नवोदय विद्यालय भी विद्यार्थियों को शैक्षणिक अवसर प्रदान कर रहे हैं। शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए 187 शासकीय शालाओं में 273 अतिथि शिक्षकों की स्वीकृति दी गई है। जरूरत वाले गांवों में शिक्षा दूतों के माध्यम से भी बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था की जा रही है।

    निःशुल्क कोचिंग से उच्च शिक्षा की राह हुई आसान

    जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जिले में पिछले दो वर्षों से निःशुल्क कोचिंग संचालित की जा रही है। शिक्षा सत्र 2025-26 में गणित संकाय के 29 विद्यार्थियों में से 16 का चयन विभिन्न प्रतिष्ठित शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालयों में हुआ। जीवविज्ञान संकाय के सात विद्यार्थियों ने नीट के माध्यम से काउंसलिंग प्रक्रिया में सफलता प्राप्त की। इनमें एक विद्यार्थी का चयन शासकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए हुआ है।

    डिजिटल शिक्षा और नवाचार से बढ़ रहे सीखने के अवसर

    जिले में 10 आईसीटी लैब और 32 स्मार्ट क्लास संचालित हैं। डिजिटल शिक्षण सामग्री से विद्यार्थियों को विषयों को सरल और रुचिकर तरीके से समझने में मदद मिल रही है। आठ विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब के माध्यम से बच्चों को वैज्ञानिक प्रयोग और मॉडल निर्माण के अवसर दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही 12 हायर सेकेंडरी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा के जरिए विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान और रोजगारोन्मुखी कौशल से परिचित कराया जा रहा है। दोनों विकासखंडों में एक-एक पीएम श्री विद्यालय तथा जिले में कुल सात स्वामी आत्मानंद विद्यालय संचालित हैं। विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के विद्यार्थियों के लिए पीएम जनमन योजना के अंतर्गत 100-100 सीटों वाले बालक एवं बालिका छात्रावासों के संचालन की दिशा में कार्य प्रारंभ किया गया है। नारायणपुर जिले के बोर्ड परीक्षा परिणामों में भी जिले की स्थिति बेहतर हुई है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    छत्तीसगढ़ सचिवालय सेवा में बड़ा फेरबदल,कर्मचारियों के बदले प्रभार; देखें किसे कहां मिली जिम्मेदारी…

    October 14, 2026

    जनजातीय क्षेत्रों में तिलहन उत्पादन बढ़ाने हेतु प्रदेश स्तरीय कार्यशाला आयोजित

    October 14, 2026

    छत्तीसगढ़ में पहली बार होगा अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मैच, मुख्यमंत्री श्री साय ने जताई प्रसन्नता

    October 14, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.