प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सऊदी अरब की दो दिवसीय यात्रा पर रवाना हो गए हैं। यात्रा से पहले उन्होंने दोनों देशों के लिए एक अहम संदेश दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि भारत सऊदी अरब को क्षेत्रीय स्थिरता और सकारात्मकता की शक्ति मानता है। पीएम मोदी ने बताया कि दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा और सुरक्षा संबंध आपसी विश्वास को दर्शाते हैं।
मोदी की जेद्दा यात्रा के दौरान भारत और सऊदी अरब के बीच छह समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिनमें अंतरिक्ष, ऊर्जा, स्वास्थ्य, विज्ञान, संस्कृति और उन्नत प्रौद्योगिकी के क्षेत्र शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, भारत और सऊदी अरब हज कोटे को लेकर भी चर्चा करेंगे।
भारत के लिए 2025 में हज कोटा बढ़कर 175,025 हो गया है, लेकिन अनुबंधों में देरी के कारण लगभग 42,000 भारतीय तीर्थयात्रियों के इस वर्ष हज यात्रा पर जाने की संभावना नहीं है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और सऊदी अरब समुद्री पड़ोसी होने के नाते शांति और स्थिरता लाने में विश्वास रखते हैं और वे क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट रहते हैं।
साथ ही, दोनों देश साइबर सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने के लिए नए रास्ते तलाश रहे हैं। पीएम मोदी ने बताया कि पिछले साल दोनों देशों की सेनाओं ने पहला संयुक्त अभ्यास किया, जो साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम था।
पीएम मोदी ने कहा कि वह सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मिलने के लिए उत्सुक हैं, और इस यात्रा से दोनों देशों के रिश्तों में और मजबूती आएगी।

