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जम्मू में बारिश ने तोड़ा 115 सालों का रिकॉर्ड, अगले 15 दिन अहम, अगस्त में आसमानी आफत

नई दिल्ली:

जम्मू-कश्मीर में बीते 24 घंटों की भारी बारिश ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए. जम्मू में 380 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो 1910 में वेधशाला की स्थापना के बाद से सबसे अधिक है. यहां 115 सालों में सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है. इससे पहले का रिकॉर्ड 25 सितंबर 1988 का था, जब 270.4 मिमी बारिश हुई थी. 23 अगस्त 1996 को दर्ज 218.4 मिमी वर्षा का आंकड़ा भी पीछे छूट गया. तुलना के लिए अगस्त महीने का औसत वर्षा आंकड़ा 403.1 मिमी है, जो अब लगभग एक दिन में ही पूरा हो गया. जम्मू में माता वैष्णो देवी मार्ग के अर्द्धकुंवारी में हुए भूस्खलन में मरने वालों की संख्या 40 पार हो गई है.

अगले 15 दिन अहम, मॉनसून का खतरा बरकरार
जम्मू में बारिश के रेड अलर्ट को हटाकर येलो अलर्ट कर दिया गया है. लेकिन जम्मू-कश्मीर में मॉनसून का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. प्रशासन ने अगले 15 दिन बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. हालांकि हालात में सुधार को देखते हुए जम्मू क्षेत्र के लिए जारी रेड अलर्ट हटा लिया गया है और अब येलो अलर्ट लागू है. कश्मीर संभागीय आयुक्त अंशुल गर्ग का कहना है कि झेलम नदी का जलस्तर घटा है, लेकिन खतरा टला नहीं है. आने वाले 10–15 दिन बेहद अहम हैं. लोग मौसम विभाग की सलाह का पालन करें और नदियों के पास सतर्क रहें. उन्होंने कहा कि सभी टीमें हाई अलर्ट पर हैं और 150 से अधिक संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. पिछले 48 घंटों में किसी नई बाढ़ की सूचना नहीं मिली है.

मौसम में सुधार पर सतर्कता जरूरी
गर्ग ने सेना, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के प्रयासों की सराहना की. इस बीच, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि प्रदेश में मौसम में सुधार दर्ज किया गया है। विभाग ने लाल चेतावनी घटाकर पीली चेतावनी जारी की है. आईएमडी के अनुसार, 29 को भी जम्मू, ऊधमपुर और डोडा के कुछ हिस्सों में छिटपुट भारी बारिश संभव है. कुछ स्थानों पर 24 घंटे में 7–11 सेंटीमीटर बारिश का अनुमान है. फिलहाल जम्मू के कई जिले अब भी बाढ़ से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे हैं और लोग राहत व पुनर्वास कार्यों में तेजी की उम्मीद लगाए हुए हैं.

जनजीवन पर भारी असर
लगातार बारिश से बिजली, पानी और मोबाइल-इंटरनेट सेवाएं ठप हैं. सड़कें क्षतिग्रस्त होने से संपर्क बाधित है और ज़्यादातर ट्रेनें दूसरे दिन भी रद्द कर दी गई हैं. रेलवे के सूत्रों का कहना है हालात ठीक रहे तो कुछ ट्रेनें चलेंगी. दूरसंचार कंपनियों ने बताया कि मरम्मत और बहाली का काम जारी है. मौसम की स्थिति अनुकूल रही तो सेवाएं देर शाम तक बहाल होने की संभावना है. निवासियों से धैर्य बनाए रखने की अपील की गई है.

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