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    Home»खानपान-सेहत»खांसने, छींकने या हंसने पर पेशाब क्यों लीक हो जाता है? कारण…
    खानपान-सेहत

    खांसने, छींकने या हंसने पर पेशाब क्यों लीक हो जाता है? कारण…

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inJanuary 27, 2026
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    डेस्क:  कई लोग खांसते, छींकते या जोर से हंसते समय अचानक पेशाब लीक होने की समस्या से परेशान रहते हैं। यह परेशानी भले ही आम हो, लेकिन लोग शर्म की वजह से इसके बारे में बात नहीं करते। खासतौर पर महिलाओं में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है, लेकिन पुरुष भी इससे अछूते नहीं हैं। मेडिकल भाषा में इसे स्ट्रेस यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस (Stress Urinary Incontinence) कहा जाता है। यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है, लेकिन समय पर ध्यान न दिया जाए तो रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर असर डाल सकती है। आइए  समझते हैं कि ऐसा क्यों होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है।

    स्ट्रेस यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस क्या है?  

    जब पेट के अंदर अचानक दबाव बढ़ता है और उस दबाव को पेशाब रोकने वाली मांसपेशियां संभाल नहीं पातीं, तब पेशाब लीक हो जाता है। खांसने, छींकने, हंसने, वजन उठाने या दौड़ने पर पेट के अंदर प्रेशर बढ़ता है। अगर पेल्विक फ्लोर मसल्स कमजोर हों, तो पेशाब पर कंट्रोल नहीं रह पाता।

    पेल्विक फ्लोर मसल्स क्या होती हैं?

    पेल्विक फ्लोर मसल्स मांसपेशियों का एक समूह होता है जो हमारे पेल्विस यानी कूल्हों के अंदर मौजूद रहता है। ये मसल्स यूरिनरी ब्लैडर, यूटरस (महिलाओं में) और आंतों को सहारा देती हैं। साथ ही पेशाब और स्टूल को रोकने और सही समय पर बाहर निकालने में मदद करती हैं। जब ये मसल्स मजबूत होती हैं, तो हम पेशाब को कुछ समय तक रोक सकते हैं। लेकिन जब ये कमजोर हो जाती हैं, तो जरा सा दबाव बढ़ते ही यूरिन लीक होने लगता है।

    महिलाओं में यह समस्या ज्यादा क्यों होती है?

    महिलाओं में यह समस्या पुरुषों के मुकाबले ज्यादा देखने को मिलती है। इसकी सबसे बड़ी वजह है प्रेग्नेंसी और नॉर्मल डिलीवरी। गर्भावस्था के दौरान बच्चे का वजन पेल्विक फ्लोर मसल्स पर लगातार दबाव डालता है। बार-बार प्रेग्नेंसी होने या मुश्किल डिलीवरी के बाद ये मसल्स कमजोर हो जाती हैं। इसके अलावा मेनोपॉज के बाद शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी हो जाती है, जिससे मांसपेशियों की ताकत कम हो जाती है और यूरिन कंट्रोल की समस्या बढ़ सकती है।

    पुरुषों में पेशाब लीक होने के कारण

    पुरुषों में यह समस्या कम होती है, लेकिन पूरी तरह नहीं के बराबर भी नहीं। 45–50 साल के बाद पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ने लगती है। इससे पेशाब का रास्ता संकरा हो जाता है और ब्लैडर पर दबाव पड़ता है। कभी-कभी प्रोस्टेट की सर्जरी के बाद भी पेल्विक मसल्स कमजोर हो सकती हैं, जिससे खांसने या छींकने पर पेशाब लीक होने लगता है।

    उम्र बढ़ने के साथ क्यों बढ़ती है परेशानी?

    जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे शरीर की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। पेल्विक फ्लोर मसल्स भी इससे अलग नहीं हैं। 40 साल के बाद इन मसल्स की ताकत धीरे-धीरे कम होने लगती है, खासकर अगर व्यक्ति एक्सरसाइज़ न करता हो। इसी वजह से बुजुर्गों में यूरिन कंट्रोल की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है।

    मोटापा और कब्ज भी बन सकते हैं वजह

    ज्यादा वजन होने पर पेट के अंदर लगातार दबाव बना रहता है। यह दबाव सीधे पेल्विक फ्लोर मसल्स पर पड़ता है, जिससे वे कमजोर हो जाती हैं। वहीं लंबे समय तक कब्ज रहने से बार-बार ज़ोर लगाना पड़ता है। यह ज़ोर भी इन मसल्स को नुकसान पहुंचाता है और धीरे-धीरे पेशाब लीक होने की समस्या शुरू हो सकती है।

    किन लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है?

    अगर आपको नीचे दिए गए लक्षण महसूस हों, तो इसे नजरअंदाज न करें खांसने या छींकने पर पेशाब की कुछ बूंदें निकल जाना। जोर से हंसने या उठने-बैठने पर यूरिन लीक होना। एक्सरसाइज़ या दौड़ते समय पेशाब कंट्रोल न रहना। बार-बार पैड या कपड़े बदलने की जरूरत पड़ना। ये संकेत बताते हैं कि पेल्विक फ्लोर मसल्स कमजोर हो रही हैं।

    Kegel Exercise से कैसे मिलेगा फायदा?

    पेल्विक फ्लोर मसल्स को मजबूत करने के लिए Kegel Exercise सबसे असरदार तरीका है। यह एक्सरसाइज़ बहुत आसान है और इसे घर बैठे, बिना किसी उपकरण के किया जा सकता है। इसमें वही मसल्स सिकोड़नी होती हैं जिनकी मदद से हम पेशाब रोकते हैं। नियमित अभ्यास से कुछ हफ्तों में ही फर्क दिखने लगता है।

    Kegel Exercise करने का सही तरीका

    आराम से बैठ जाएं या लेट जाएं। अब पेल्विक फ्लोर मसल्स को ऐसे सिकोड़ें जैसे आप पेशाब रोक रहे हों।3–5 सेकंड तक मसल्स को टाइट रखें, फिर धीरे-धीरे ढीला छोड़ दें। दिन में 3–4 बार, एक बार में 10–15 रिपीटेशन करना फायदेमंद होता है।

    किन बातों से रखें सावधानी?

    पेशाब करते समय रोज़ Kegel न करें

    सांस रोककर एक्सरसाइज़ न करें

    पेट, जांघ या नितंबों को टाइट न करें

    नियमित अभ्यास करें, बीच में न छोड़ें

    गलत तरीके से की गई एक्सरसाइज़ फायदा कम और नुकसान ज्यादा कर सकती है।

    लाइफस्टाइल में क्या बदलाव करें?

    वजन कंट्रोल में रखें

    कब्ज से बचें, फाइबर युक्त भोजन लें

    चाय, कॉफी और शराब कम करें

    स्मोकिंग से दूरी बनाएं

    हल्की-फुल्की एक्सरसाइज़ और वॉक को दिनचर्या में शामिल करें

    ये छोटे-छोटे बदलाव बड़ी परेशानी से बचा सकते हैं।

    कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?

    अगर एक्सरसाइज़ और लाइफस्टाइल सुधार के बावजूद समस्या बनी रहे, या पेशाब के साथ जलन, दर्द, खून या बदबू आए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। कई बार दवाओं, फिजियोथेरेपी या अन्य ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ सकती है। खांसने, छींकने या हंसने पर पेशाब लीक होना शर्म की बात नहीं है, बल्कि यह शरीर के कमजोर होते मसल्स का संकेत है। सही जानकारी, समय पर एक्सरसाइज़ और थोड़ी सी जागरूकता से इस समस्या पर काबू पाया जा सकता है।

    अगर समय रहते ध्यान दिया जाए, तो बिना सर्जरी और बिना दवा के भी इस परेशानी से राहत संभव है।  

    महत्वपूर्ण नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी दवा या चिकित्सा इलाज का विकल्प नहीं है। ज्यादा जानकारी या गंभीर समस्या होने पर हमेशा डॉक्टर से संपर्क करें।

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