चेन्नई: बजट सत्र में पीएम मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार को लोकसभा के परिसीमन के मुद्दे पर तमिलनाडु से सबसे ज्यादा विरोध का सामना करना पड़ा था। मॉनसून सत्र में भी केंद्र सरकार को तमिलनाडु से परिसीमन के साथ नीट परीक्षा के मुद्दे पर विरोध झेलना पड़ा। ऐसे में जब मॉनसून का सत्र खत्म हो गया है तब चर्चा है कि नीट के खिलाफ मोर्चा खोले तमिलनाडु के हिस्से में केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पद आ सकता है। संभावना व्यक्त की जा रही है कि पीएम मोदी ने मौजूदा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को शिक्षा मंत्री बन सकते हैं। वह पीएम मोदी के सबसे भरोसेमंद मंत्रियों में शामिल रही हैं। सूत्र दावा कर रहे हैं कि नए शिक्षा मंत्री की तलाश पूरी हो चुकी है। सरकार का पूरा फोकस एजुकेशन पर होगा। इस मंत्रालय को जेएनयू से पढ़कर आने वाले चलाएंगे। उच्च शिक्षा विभाग की सेक्रेटरी दीप्ति गौड़ मुखर्जी जेएनयू से पढ़ी है।
2014 मोदी मंत्रिमंडल में स्थान
निर्मला सीतारमण उन केंद्रीय मंत्रियों में शामिल हैं जो 2014 से लगातार मोदी सरकार का हिस्सा हैं। तमिलनाडु के त्रिची से आने वाली निर्मला सीतारमण का जन्म मदुरै में हुआ। वह मई 2014 में नवंबर, 2014 तक वित्त मंत्रालय और कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय में राज्य मंत्री रहीं। इसके बाद पीएम मोदी ने उनके काम में बदलाव किया। उन्होंने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री) मई 2014 से सितंबर 2017 तक काम किया। इसके बाद वह सितंबर, 2017 में देश की पहली दूसरी रक्षा मंत्री बनीं है। वह इस पर मई, 2019 तक रहीं। इसके बाद से वह वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों को संभाल रही हैं। निर्मला सीतारमण देश की पहली महिला और पूर्णकालिक वित्त मंत्री हैं।
नीट पर तमिलनाडु में क्या है स्थिति
- नीट (NEET) परीक्षा को पूरी तरह से रद्द करने और मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश केवल 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर करने की मांग के साथ तमिलनाडु विधानसभा ने प्रस्ताव पारित किया है।
- राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के जी अरुणराज ने विधानसभा में यह प्रस्ताव रखा था, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
- विजय सरकार का कहना है कि नीट परीक्षा सामाजिक न्याय, समानता और ग्रामीण तथा आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के छात्रों के हितों के खिलाफ है।
- सत्ता पक्ष के साथ-साथ मुख्य विपक्षी दलों (जैसे डीएमके और एआईएडीएमके) ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया, जबकि भाजपा ने इसका विरोध करते हुए वॉकआउट किया।
तमिलनाडु में हुआ तीखा विरोध
ऐसे में जब तमिलनाडु में नीट के मुद्दे पर बीजेपी को छोड़कर सभी पार्टियां एक साथ खड़ी हैं तब चर्चा हो रही है कि निर्मला सीतारमण नई शिक्षा मंत्री बन सकती हैं। जुलाई में जब सांसद का मॉनसून सत्र शुरू हुआ था तब उम्मीद की गई थी सरकार बड़े महत्वाकांक्षी बिलों को पास कराएगी लेकिन नीट पेपर लीक, Gen Z प्रोटेस्ट और फिर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पूरा सत्र गतिरोध की भेंट चढ़ गया। अब सभी की नजरें 15 अगस्त के बाद पीएम मोदी के संभावित मंत्रिमंडल पर टिक गई हैं। चर्चा है कि पीएम नरेंद्र मोदी Gen Z प्रोटेस्ट और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में चुनाव को देखते हुए मंत्रिमंडल में अमूलचूल परिवर्तन कर सकते हैं। अभी पीएम मोदी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है।
निर्मला सीतारमण की बड़ी बातें
1.जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से अर्थशास्त्र में एमए और एमफिल की डिग्री।
2. आर्थिक आंकड़ों, नीतियों और जटिल वित्तीय मामलों की गहरी व स्पष्ट समझ।
3. देश की पहली पूर्णकालिक महिला रक्षा मंत्री और वित्त मंत्री के रूप में ऐतिहासिक कार्यभार संभालना।
4. वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बनाए रखना।
5. लगातार सबसे अधिक बार केंद्रीय बजट पेश करने का रिकॉर्ड अपने नाम करना।
6. मध्यम वर्ग और करदाताओं को ध्यान में रखते हुए कर ढांचे (Tax Slabs) व सुधारों में लगातार कदम उठाना।

