सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है। बारिश में भीगी ग्रे हुडी पहने एक युवा महिला पुलिस वैन के सामने हाथ फैलाकर खड़ी हो गई और उसे आगे बढ़ने से रोक दिया। गाड़ी के अंदर वे प्रदर्शनकारी थे जिन्हें बुधवार को मुंबई में विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के उस आंदोलन के समर्थन में किया जा रहा था जो कथित परीक्षा अनियमितताओं और दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ था।
40 मिनट तक पुलिस वैन के सामने खड़ी रहीं रिया
रिया अहीर नाम की यह महिला करीब 40 मिनट तक वैन के सामने खड़ी रही। अहीर ने बताया कि वह विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से पहले अपने दोस्तों का इंतजार कर रही थी, तभी उसने हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को ले जा रही पुलिस की गाड़ी देखी। उसने अधिकारियों से पूछा कि क्या उनके पास अंदर मौजूद लोगों को हिरासत में लेने के लिए जरूरी कागजात हैं। जवाब से असंतुष्ट होकर, वह पहले चलती हुई वैन के साथ-साथ चली। जब वह कदमताल नहीं कर पाई, तो वह सीधे उसके रास्ते में आ गई। उसने कहा कि मुझे एक बात पता थी। अगर मैंने इसे शुरू किया है, तो मुझे इसे खत्म भी करना होगा। उन्होंने गाड़ी की रफ्तार बढ़ाकर मुझे डराने की कोशिश की।
इंग्लिश लिक्ट्रेचर में कर रहीं पढ़ाई
रिया अहीर ‘वायरल बस गर्ल’ के नाम से मशहूर हो गई हैं। रिया 27 साल की हैं। उनके पिता ITBP में अफसर हैं। वह इंग्लिश लिक्ट्रेचर की स्टूडेंट और मॉडल हैं। रिया अपने कपड़ों का एक ब्रांड भी चलाती हैं, यह रियासात (Rhiyasath) नाम का है। रिया की बस वाली तस्वीर वायरल होने के बाद सिर्फ दो दिनों में, उनके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स की संख्या 3,000 से बढ़कर 2,20,000 हो गई। अब उनके इंस्टाग्राम पर 3,800 सब्सक्राइबर्स हैं।
रिया अहीर के पिता का नाम राजकुमार है। वह आईटीबीपी में अफसर हैं। रिया अहीर का परिवार मूलता उत्तर प्रदेश के आगरा का रहने वाला है लेकिन वह मुंबई में सेटल हैं। रिया के परिवार के कई सदस्य भारतीय सेना में हैं। रिया ने 13 साल तक थिएटर में काम किया है।
रिया अहीर ने कहा कि मैं कोई छात्रा नहीं हूं, मेरे पिता किसान नहीं हैं, और न ही मैं किसान हूं। मैं दलित या OBC समुदाय से भी नहीं हूं, लेकिन उन्होंने (दिल्ली में) छात्रों के साथ जो किया वह गलत है। उन्हें अपने कार्यों की जिम्मेदारी लेनी होगी। सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए उसने पूछा कि अगर प्रदर्शनकारियों को संसद तक मार्च करने की अनुमति नहीं थी, तो केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान उनसे विरोध स्थल पर क्यों नहीं मिले। ‘सिस्टम हमें निराश कर चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि युवा पीढ़ी अब चुप रहने को तैयार नहीं है।
रिया बोलीं- मॉडल हूं तो क्या आंदोलन में हिस्सा नहीं ले सकती?
रिया अहीर का आरोप है कि विरोध प्रदर्शनों में उनकी भागीदारी की आलोचना से शुरू हुई बात जल्द ही उनकी छवि खराब करने की लगातार कोशिश में बदल गई। उन्होंने दावा किया कि कई अकाउंट्स ने उन्हें गलत तरीके से ओनली-फैन्स मॉडल के तौर पर पेश किया और झूठी बातें फैलाईं, जिनमें यह दावा भी शामिल था कि वह खुद को 140 रुपये में बेच रही थीं। उन्होंने कहा कि ये आरोप सिर्फ मेरी छवि खराब करने के लिए फैलाए गए थे। भले ही मैं एक मॉडल हूं, लेकिन इससे देशभक्ति जाहिर करने या किसी सार्वजनिक आंदोलन में हिस्सा लेने का मेरा अधिकार कम नहीं हो जाता।
रिया हुईं ट्रोल
रिया ने आरोप लगाया कि उनकी कई तस्वीरों को जानबूझकर एडिट किया गया और बहुत ज़्यादा पिक्सेलेट किया गया ताकि यह झूठा संकेत दिया जा सके कि उन्होंने आधे-अधूरे कपड़े पहने हैं। उन्होंने आरोप लगाया, यह सब सिर्फ मुझे नीचा दिखाने और गलत जानकारी फैलाने के लिए किया गया। रिया अहीर के मुताबिक, इस अभियान में लगातार चरित्र हनन, महिलाओं के प्रति नफरत भरी गालियां और ऐसी बातें कहना शामिल था। उन्होंने कहा कि मेरे माता-पिता और छोटे भाई को भी ऐसी चीजों में घसीटा गया है जिनसे उनका कोई लेना-देना नहीं है। ऑनलाइन नफरत के नतीजे सोशल मीडिया से कहीं आगे तक जाते हैं। उन्होंने कहा कि वह अब इस मामले में साइबर सेल में शिकायत करेंगी।

