Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के निरंतर नेतृत्व पर छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने पारित किया अभिनंदन प्रस्ताव
    • बस्तर के जैविक वनोपज को नई उड़ानमाँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी को मिला एनपीओपी प्रमाणपत्र
    • अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हरलीन देओल ने हॉकी अकादमी के खिलाड़ियों से की मुलाकात, दिया मेहनत और आत्मविश्वास का मंत्र
    • सेवा की कहानी: खाली पड़ी जमीन बनी आजीविका का सहारा, डबरी निर्माण से पहाड़ी कोरवा किसान फूना राम ने शुरू किया मछली पालन
    • सेवा की कहानी: महतारी वंदन योजना से सरिता के हुनर को मिला सहारा, सिलाई से परिवार की आजीविका में दे रहीं योगदान
    • सेवा की कहानी: नोनी सुरक्षा योजना से आंचल के सपनों को मिला संबल, एक लाख रुपये का बॉन्ड बना उज्ज्वल भविष्य का आधार
    • दिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी…
    • शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन बेटियों को स्वच्छता, सुरक्षा और सम्मान की सौगात, कोरबा के ग्रामों में वीबी- जीरामजी से बालिका शौचालयों का निर्माण पूर्ण
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Sunday, October 11
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»छत्तीसगढ़»सेवा की कहानी: खाली पड़ी जमीन बनी आजीविका का सहारा, डबरी निर्माण से पहाड़ी कोरवा किसान फूना राम ने शुरू किया मछली पालन
    छत्तीसगढ़

    सेवा की कहानी: खाली पड़ी जमीन बनी आजीविका का सहारा, डबरी निर्माण से पहाड़ी कोरवा किसान फूना राम ने शुरू किया मछली पालन

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inOctober 11, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    ग्रामीण रोजगार योजना से मिला आजीविका का नया अवसर, वर्षा जल का संचय कर डबरी में डाला मछली बीज

    मछलियों की बिक्री से होगी अतिरिक्त आमदनी, परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की जगी उम्मीद

    जल संरक्षण के साथ स्वरोजगार की राह हुई आसान, विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवार को मिला आजीविका का नया साधन

    रायपुर- कभी जिस जमीन का कोई उपयोग नहीं हो रहा था, आज वही जमीन सरगुजा जिले के पहाड़ी कोरवा किसान फूना राम के लिए आजीविका की नई उम्मीद बन गई है। ग्रामीण रोजगार योजना के अंतर्गत खाली पड़ी जमीन पर आजीविका डबरी का निर्माण होने से अब वे मछली पालन से अतिरिक्त आमदनी प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। बारिश के पानी से डबरी भरने के बाद उन्होंने उसमें मछली बीज डाला है। मछलियां तैयार होने पर उनकी बिक्री से परिवार को अतिरिक्त आय प्राप्त होने की उम्मीद है।

    अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत घंघरी निवासी फूना राम पहाड़ी कोरवा की यह कहानी जल संरक्षण और आजीविका संवर्धन का उदाहरण है। ग्रामीण रोजगार योजना के माध्यम से निर्मित डबरी ने उन्हें उपलब्ध जमीन का बेहतर उपयोग करने और मछली पालन जैसी आयमूलक गतिविधि से जुड़ने का अवसर दिया है।

    खाली पड़ी जमीन पर बनी डबरी, वर्षा जल संरक्षण से मिला आजीविका का अवसर

    फूना राम पहाड़ी कोरवा बताते हैं कि उनकी जमीन का एक हिस्सा लंबे समय से खाली पड़ा था। इस भूमि का उपयोग किसी आयमूलक गतिविधि के लिए नहीं हो पा रहा था। ग्रामीण रोजगार योजना के अंतर्गत आजीविका डबरी निर्माण की सुविधा मिलने से उन्होंने अपनी खाली जमीन पर डबरी बनवाई।

    वर्षा ऋतु के दौरान डबरी में पर्याप्त पानी एकत्रित हुआ। पानी की उपलब्धता को देखते हुए फूना राम ने मछली पालन शुरू करने का निर्णय लिया और डबरी में मछली बीज छोड़ा।

    इस पहल से एक ओर वर्षा जल का संचय संभव हुआ है, वहीं दूसरी ओर खाली पड़ी जमीन आजीविका गतिविधि का आधार बन गई है। अब फूना राम को उम्मीद है कि मछलियां तैयार होने के बाद उनकी बिक्री से परिवार को अतिरिक्त आमदनी होगी।

    मछली पालन से बढ़ेंगे आय के साधन, परिवार की आर्थिक स्थिति होगी मजबूत

    फूना राम बताते हैं कि डबरी निर्माण से पहले उनकी जमीन का यह हिस्सा खाली पड़ा रहता था। अब उसी स्थान पर पानी का संचय हो रहा है और मछली पालन की गतिविधि शुरू हो गई है।

    उन्होंने डबरी में मछली बीज डाल दिया है। मछलियों के विकसित होने के बाद उन्हें बेचकर आय अर्जित करने की योजना है। इससे परिवार को आजीविका का एक अतिरिक्त साधन मिलेगा।

    फूना राम के लिए यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे उन्हें अपनी उपलब्ध जमीन और वर्षा जल का उपयोग कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिला है।

    ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार की आजीविका डबरियां जल संरक्षण के साथ मछली पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने में सहायक साबित हो सकती हैं।

    पहाड़ी कोरवा परिवार को मिला स्वरोजगार का नया अवसर

    फूना राम पहाड़ी कोरवा विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय से आते हैं। ग्रामीण रोजगार योजना के अंतर्गत आजीविका डबरी निर्माण से उन्हें मछली पालन जैसी आयमूलक गतिविधि शुरू करने का अवसर मिला है।

    पहले जिस जमीन से कोई आमदनी नहीं हो रही थी, अब उसी जमीन पर निर्मित डबरी भविष्य में अतिरिक्त आय का साधन बन सकती है।

    फूना राम की पहल यह दर्शाती है कि ग्रामीण परिवारों को उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने के अवसर मिलने पर वे कृषि के साथ अन्य आजीविका गतिविधियों से भी जुड़ सकते हैं।

    “पहले जमीन खाली पड़ी थी, अब डबरी में मछली पालन शुरू किया है”

    फूना राम पहाड़ी कोरवा बताते हैं कि उनकी जमीन का एक हिस्सा खाली पड़ा था। ग्रामीण रोजगार योजना से वहां आजीविका डबरी का निर्माण कराया गया। बारिश के दौरान डबरी में पानी भरने के बाद उन्होंने मछली बीज डाला है।

    उनका कहना है कि मछलियां तैयार होने पर उनकी बिक्री से अतिरिक्त आमदनी प्राप्त होगी। इससे परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

    फूना राम डबरी निर्माण से मिले इस अवसर को लेकर खुश हैं। उनके लिए खाली पड़ी जमीन का आजीविका के साधन में बदलना महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

    प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

    फूना राम पहाड़ी कोरवा ने ग्रामीण रोजगार योजना के अंतर्गत आजीविका डबरी निर्माण से मिले सहयोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

    उन्होंने कहा कि डबरी निर्माण होने से वर्षा जल का संचय संभव हुआ है और उन्हें मछली पालन शुरू करने का अवसर मिला है। मछलियों की बिक्री से अतिरिक्त आय प्राप्त होने पर परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

    जल संरक्षण से आजीविका संवर्धन तक, बदलाव की मिसाल बनी फूना राम की डबरी

    सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत फूना राम पहाड़ी कोरवा की कहानी बताती है कि ग्रामीण रोजगार योजना के माध्यम से निर्मित आजीविका डबरी ग्रामीण परिवारों को जल संरक्षण के साथ स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध करा सकती है।

    अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत घंघरी में फूना राम ने अपनी खाली पड़ी जमीन पर डबरी निर्माण कराकर मछली पालन की शुरुआत की है। वर्षा जल के संचय से अब इस भूमि का उपयोग आयमूलक गतिविधि के लिए हो रहा है।

    मछलियों की बिक्री से भविष्य में मिलने वाली अतिरिक्त आमदनी उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक होगी। फूना राम की यह पहल जल संरक्षण, उपलब्ध संसाधनों के सदुपयोग और ग्रामीण आजीविका संवर्धन का प्रेरक उदाहरण है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के निरंतर नेतृत्व पर छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने पारित किया अभिनंदन प्रस्ताव

    October 11, 2026

    बस्तर के जैविक वनोपज को नई उड़ानमाँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी को मिला एनपीओपी प्रमाणपत्र

    October 11, 2026

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हरलीन देओल ने हॉकी अकादमी के खिलाड़ियों से की मुलाकात, दिया मेहनत और आत्मविश्वास का मंत्र

    October 11, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.