Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • नन्हे दिल को मिली नई धड़कन,’चिरायु योजना’ ने धमतरी के भाव्यांश को दिया नया जीवन
    • सेवा_संकल्प_अभियान”
    • 100 साल बाद खोजी गई बिल्ली की नई प्रजाति, तेंदुए जैसी खाल; वजन घरेलू बिल्ली से भी कम
    • गणपति विसर्जन के दौरान केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान  हुए भावुक,बप्पा को विदाई देते समय उनकी आंखों से छलक पड़े आंसू…
    • पूर्व सरपंच के घर से 70 तोला सोना और ढाई किलो चांदी उड़ाई, दीवार कूदकर फरार हुए चोर…
    • ‘वाइब’ ने पहले दिन कमाए ₹2.25 करोड़,‘मडगांव एक्सप्रेस’ की ओपनिंग कलेक्शन को पछाड़ा
    • हाईकोर्ट में एक हिंदू और मुस्लिम लड़कियों का समलैंगिक जोड़ा सुरक्षा की मांग लेकर पहुंचा, हाईकोर्ट ने मामले पर कह दी बड़ी बात…
    • सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर राजा डी किंग यानी राकेश त्रेहान 22 सितंबर को चंडीगढ़ में आईफोन लंगर का करेंगे आयोजन…
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Saturday, September 19
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»छत्तीसगढ़»Sukma Village Expulsion: गांव की रीति-रिवाज न मानने पर छह मतांतरित परिवारों को किया बेदखल
    छत्तीसगढ़

    Sukma Village Expulsion: गांव की रीति-रिवाज न मानने पर छह मतांतरित परिवारों को किया बेदखल

    Chhattisgarh RajyaBy Chhattisgarh RajyaApril 14, 2025
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    रीति-रिवाज
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    सुकमा। Kari Gundam Panchayat: गांव की रीति-रिवाज का पालन न करने वाले छह मतांतरित परिवारों को ग्रामीणों ने गांव से बेदखल कर दिया। यह घटना कोंटा विकासखंड के 80 किमी दूर स्थित करीगुंडम पंचायत की है। शनिवार को इस पंचायत के नौ गांवों के करीब 400 लोगों की एक विशेष ग्राम सभा हुई।

    इस सभा में 13 मतांतरित परिवारों को बुलाकर गांव की रीति-रिवाज और परंपरा का पालन करने की सलाह दी गई। ग्रामीणों की समझाइश के बाद सात परिवारों ने मूल धर्म में वापसी करने और गांव की परंपरा का पालन करने पर सहमति दी। हालांकि, छह परिवारों ने वापसी करने से मना कर दिया और गांव छोड़ने का फैसला किया।

    इन परिवारों ने बताया कि करीब दस साल पहले, जब उनके घर के लोग बीमार पड़े थे, तो चर्च में जाने पर उनकी तबियत ठीक हो गई थी, जिसके बाद उन्होंने अपना धर्म बदल लिया था। अब जब गांव के लोग उन्हें मूल धर्म में वापसी करने के लिए कह रहे थे, तो उन्होंने गांव की संस्कृति और परंपरा से जुड़ने का इन्कार कर दिया और गांव छोड़ने का फैसला किया।

    गांव के लोगों ने इन छह परिवारों को गांव छोड़ने में मदद की और उनका सारा सामान ट्रैक्टर में लादने में सहयोग किया।

    ग्राम सभा में शनिवार सुबह से लेकर देर शाम तक मतांतरण को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा खुलकर सामने आया। ग्रामीणों ने कहा कि मतांतरण से गांव की परंपरा और संस्कृति को गहरा आघात पहुंचा है। उनका मानना था कि अगर सभी गांववाले अपनी मूल परंपराओं को छोड़ देंगे, तो एक दिन पूरी आदिवासी संस्कृति ही नष्ट हो जाएगी। उन्होंने कहा कि लोग अब गांव के देवी-देवताओं को छोड़कर बाहरी देवताओं की पूजा कर रहे हैं, और आसपास के गांवों में भी यही स्थिति बन रही है। इस प्रकार, उनकी आदिवासी परंपरा का अस्तित्व खतरे में है, और इसलिए गांव की संस्कृति और परंपरा को नहीं मानने वालों को गांव में रहने का अधिकार नहीं है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    Chhattisgarh Rajya
    Chhattisgarh Rajya

    Related Posts

    नन्हे दिल को मिली नई धड़कन,’चिरायु योजना’ ने धमतरी के भाव्यांश को दिया नया जीवन

    September 19, 2026

    बस्तर सेवा संकल्प अभियान’ के तहत शहीदों की याद में 1986 स्थानों पर जलाए गए दीये

    September 19, 2026

    विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है छत्तीसगढ़, निवेश के लिए है असीम संभावनाएं – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

    September 19, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.