पाकिस्तान में आतंकवाद कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। लंबे समय से पाकिस्तान ने आतंकवाद और आतंकियों को संरक्षण दिया है। दुनियाभर के आतंकियों के लिए पाकिस्तान हमेशा से ही सुरक्षित ठिकाना रहा है, लेकिन अब पाकिस्तान भी आतंकवाद के जाल में फंस चुका है और आए दिन ही देश में आतंकी हमलों के मामले देखने को मिलते हैं। पाकिस्तान में आतंकी हमलों से आम जनता ही नहीं, बल्कि सेना और पुलिस भी सुरक्षित नहीं है। गुरुवार रात को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले में आतंकियों ने सेना के ठिकाने पर हमला कर दिया।
15 सैनिकों की हुई मौत
जानकारी के अनुसार बाजौर में पाकिस्तानी सेना के ठिकाने पर पहले एक जोरदार धमाका हुआ, जिससे हाहाकार मच गया। इसके बाद भारी हथियारों से लैस आतंकियों ने सेना के ठिकाने पर हमला बोल दिया। अचानक हुए इस हमले के लिए पाकिस्तानी सैनिक तैयार नहीं थे। आतंकियों ने पाकिस्तानी सेना पर ताबड़तोड़ गोलीबारी की। जवाब में पाकिस्तानी सैनिकों ने भी गोलीबारी की। इस हमले में 15 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए।
करीब 30 सैनिक घायल
बाजौर में पाकिस्तानी सेना के ठिकाने पर इस आतंकी हमले में करीब 30 सैनिक घायल हो गए। घायल सैनिकों को सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।
किसने किया हमला?
पाकिस्तानी सेना के ठिकाने पर इस आतंकी हमले की ज़िम्मेदारी आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान – टीटीपी (Tehrik-e-Taliban Pakistan – TTP) ने ली है। टीटीपी ने बताया कि इस हमले को संगठन की स्पेशल इस्तिशादी फोर्सेज़ – एसआईएफ (Special Istishhadi Forces – SIF) ने अंजाम दिया। आपकी जानकारी के लिए बता दें की टीटीपी आतंकी अक्सर ही पाकिस्तानी सेना और पुलिस पर हमले करते हैं। गौरतलब है कि खैबर पख्तूनख्वा पाकिस्तान में आतंकवाद से सबसे ज़्यादा प्रभावित प्रांत है।
क्या है स्पेशल इस्तिशादी फोर्सेज़?
स्पेशल इस्तिशादी फोर्सेज़ आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान की स्पेशल यूनिट है। यह यूनिट खास तौर पर पाकिस्तान में सेना के खिलाफ आत्मघाती हमलों और हाई रिस्क वाले ऑपरेशन्स को अंजाम देने के लिए प्रशिक्षित है। एसआईएफ को टीटीपी की सबसे खतरनाक यूनिट माना जाता है, जो जिहादी विचारधारा के तहत ‘शहादत’ को सबसे बड़ा और पवित्र बलिदान मानती है।

