आज चंद्रग्रहण, शाम 6 बजकर 48 मिनट के बाद खुलेंगे मंदिरों के द्वार

Chandra Grahan 2026: राजधानी में इस बार होलिका दहन सोमवार की शाम पूजा-अर्चना के बाद देर रात किया गया. भद्रा काल होने के कारण शुभ समय देर रात मिला. रात्रि शेष 4 बजकर 56 मिनट पर विधि-विधान से होलिका दहन संपन्न हुआ. सामान्यतः यह अनुष्ठान शाम को होता है, लेकिन भद्रा को अशुभ माना जाता है, इसलिए उसके समाप्त होने के बाद ही दहन किया गया.
मंगलवार को कई शुभ संयोग
मंगलवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास है. इस दिन फाल्गुन पूर्णिमा है. साथ ही स्नान-दान का विशेष महत्व रहेगा. इसी दिन चैतन्य महाप्रभु की जयंती और दोलयात्रा भी मनाई जाएगी. उदया तिथि में पूर्णिमा मिलने के कारण रंगों का त्योहार होली मंगलवार को मनाया जाएगा. काशी में भी इसी दिन होली मनाई जा रही है.
चंद्र ग्रहण का समय
फाल्गुन पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण भी लगेगा. यह ग्रहण पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र और सिंह राशि में होगा. भारतीय मानक समय के अनुसार ग्रहण का स्पर्श दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर होगा. ग्रहण का मध्य शाम 5 बजकर 5 मिनट पर और मोक्ष यानी समाप्ति शाम 6 बजकर 48 मिनट पर होगी.
यह चंद्र ग्रहण भारत में ग्रस्तोदित खंडग्रास चंद्र ग्रहण के रूप में दिखाई देगा. यानी जब चंद्रमा उदय होगा, उसी समय वह ग्रहण की स्थिति में रहेगा.
सूतक और मंदिरों के पट
चंद्र ग्रहण से नौ घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है. सूतक लगने के बाद मंदिरों के पट बंद कर दिए जाते हैं. आज सुबह 8 बजकर 51 मिनट पर मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाएंगे. ग्रहण समाप्त होने के बाद शाम 6 बजकर 48 मिनट के बाद मंदिरों के पट फिर से खोले जाएंगे.
श्री संकटमोचन हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी श्यामानंद पांडेय ने बताया कि मंगलवार सुबह 8:51 बजे मंदिर बंद होगा और शाम लगभग 7 बजे पुनः श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा.
इस तरह होली, पूर्णिमा और चंद्र ग्रहण के कारण यह दिन धार्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगा.



