Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण ने किया किसान सम्मेलन का आयोजन
    • श्री आर. वेंकटेश्वरलु ने संभाला एनएचएआई रायपुर के क्षेत्रीय अधिकारी का पदभार
    • छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला: सैनिकों और उनके परिवारों को स्टाम्प शुल्क में 25% की राहत
    • छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला: महिलाओं के नाम संपत्ति रजिस्ट्री पर शुल्क में 50% की भारी कटौती
    • मुख्यमंत्री श्री साय ने दूरभाष पर पद्मश्री फुलबासन यादव से की चर्चा, जाना हालचाल
    • मोर गांव – मोर पानी महाअभियान से मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी बना जल संरक्षण का मॉडल जिला
    • 07 मई को ग्राम पंचायतों में चावल महोत्सव, रोजगार और आवास दिवस का त्रिवेणी संगम
    • अंधेरे से उजाले की ओर- कृष्णा और अनिता के जीवन में सुशासन ने भरी उम्मीद की रोशनी
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Thursday, May 7
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»खानपान-सेहत»सर्दियों में क्यों बढ़ जाता है लकवा का खतरा? डॉक्टर ने बताई सबसे बड़ी वजह, सभी के लिए जानना जरूरी
    खानपान-सेहत

    सर्दियों में क्यों बढ़ जाता है लकवा का खतरा? डॉक्टर ने बताई सबसे बड़ी वजह, सभी के लिए जानना जरूरी

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inDecember 30, 2025
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    सर्दियों का मौसम घूमने-फिरने और मस्ती के लिहाज से सबसे अच्छा माना जाता है. बड़ी संख्या में लोग ठंड के मौसम में बर्फबारी का मजा लेने के लिए पहाड़ों का रुख करते हैं. सर्दियों में सेलिब्रेशन के कई मौके भी होते हैं, जो एंजॉयमेंट को बढ़ा देते हैं. सर्दियां जितनी सुहावनी दिखती हैं, उतनी ही सेहत के लिए चैलेंजिंग भी हैं. सर्दियों में कम तापमान शरीर के अंदर ऐसे बदलाव पैदा कर देता है, जिन्हें लोग अक्सर महसूस नहीं कर पाते हैं. ठंड के मौसम में हार्ट अटैक और स्ट्रोक के मामले काफी बढ़ जाते हैं. यही वजह है कि डॉक्टर्स लोगों को सर्दी में ज्यादा एहतियात बरतने की सलाह देते हैं. अब सवाल है कि ठंड के मौसम में स्ट्रोक का रिस्क ज्यादा क्यों होता है?

    नई दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल की सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट ने बताया कि यह बात सही है कि सर्दी के मौसम में हार्ट अटैक और स्ट्रोक के मामले कई गुना बढ़ जाते हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह कम तापमान है. ठंड का असर सीधे शरीर की ब्लड वेसल्स और दिल पर पड़ता है. सर्दियों में शरीर अपना टेंपरेचर कंट्रोल करने की कोशिश करता है और इसके लिए ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं. इससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और हार्ट अटैक व स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है. हाई ब्लड प्रेशर स्ट्रोक का सबसे बड़ा कारण माना जाता है. जो लोग पहले से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या हार्ट डिजीज से जूझ रहे हैं, उनके लिए हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा हेल्दी लोगों की तुलना में कई गुना ज्यादा होता है.

    ठंड में स्ट्रोक की यह भी एक वजह

    कई रिसर्च बताती हैं कि सर्दियों में खून थोड़ा गाढ़ा हो जाता है, जिसकी वजह से स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. ठंड में पसीना कम निकलता है और लोग पानी भी कम पीते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन हो सकता है. इसका नतीजा यह होता है कि खून गाढ़ा हो जाता है और ब्लड क्लॉट बनने की संभावना बढ़ जाती है. अगर यह थक्का दिमाग तक पहुंच जाए, तो इस्केमिक स्ट्रोक हो सकता है. इसके अलावा सर्दियों में फ्लू और वायरल संक्रमण बढ़ जाते हैं, जो शरीर में सूजन पैदा करते हैं और स्ट्रोक का खतरा बढ़ा देते हैं. अचानक ठंडी हवा के संपर्क में आने से ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ सकता है. अगर यह स्थिति बार-बार होती है, तो ब्लड वेसल्स कमजोर हो सकती हैं और नस फटने या ब्लॉकेज का खतरा बढ़ जाता है.

    जानिए क्या होते हैं स्ट्रोक के लक्षण

    डॉक्टर वनीता अरोरा ने बताया कि स्ट्रोक के शुरुआती लक्षणों को पहचान लिया जाए, तो लकवा और मौत से बचा जा सकता है. अगर किसी के चेहरे का एक हिस्सा लटक जाए, हाथ या पैर में अचानक कमजोरी आ जाए, बोलने में दिक्कत हो और बेहोशी हो जाए, तो उसे जल्द से जल्द अस्पताल ले जाना चाहिए. इसके अलावा अचानक तेज सिरदर्द, चक्कर आना, देखने में परेशानी, भ्रम या शरीर के एक हिस्से में सुन्नपन भी स्ट्रोक के संकेत हो सकते हैं. ऐसे लक्षण दिखें तो देर किए बिना अस्पताल पहुंचना जरूरी है. अगर आप स्ट्रोक के 3-4 घंटे के अंदर सही इलाज शुरू करा लें, तो लकवा और मौत से बचा जा सकता है.

    स्ट्रोक से बचने के लिए क्या करना चाहिए

    कार्डियोलॉजिस्ट के अनुसार सर्दियों की कुछ आदतें अनजाने में खतरा बढ़ा देती हैं. लंबे समय तक ठंड में रहना, हैवी और नमक से भरपूर फूड्स खाना, घंटों एक जगह बैठे रहना, नींद की कमी और तनाव जैसी आदतें भी स्ट्रोक का रिस्क बढ़ा देती हैं. कई लोग इस मौसम में ब्लड प्रेशर या शुगर की नियमित जांच भी छोड़ देते हैं, जिससे समस्या समय पर पकड़ में नहीं आती है. इसके अलावा सर्दियों में स्ट्रोक से बचने के लिए प्रॉपर गर्म कपड़े पहनें. घर से निकलते समय हाथ-पैर और सिर को ढककर रखें. नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करें, पर्याप्त पानी पिएं, नियमित व्यायाम करें और संतुलित आहार लें. स्मोकिंग से बचें, शराब छोड़ दें और पुरानी बीमारियों की दवाएं समय पर लेते रहें. अगर डॉक्टर सलाह दे, तो फ्लू का टीका भी लगवाएं. समय पर सावधानी और लक्षणों की पहचान जान बचा सकती है.

    (अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. )

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    रोजाना पिएं सिर्फ 1 गिलास चावल का पानी और शरीर में दिखेगा जबरदस्त बदलाव

    May 6, 2026

    ज्यादातर लोग आटा गूंथ कर फ्रिज में रख देते हैं लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि ये सेहत पर क्या असर डालता है?

    May 5, 2026

    हर Blood Test नहीं बताता सेहत का पूरा हाल…

    May 4, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.