Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • Breaking News : धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से दिया इस्तीफा
    • जयपुर में आयोजित मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 के गाला राउंड में देशभर से चयनित 52 कंटेस्टेंट्स ने रैंप पर दिखाया अपना हुनर…
    • रायपुर में 459 प्रतिबंधित नशीली गोलियों के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, ओडिशा से बस के जरिए लाते थे खेप…
    • छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन बारिश के आसार, उत्तर-मध्य जिलों में बरसेंगे बादल…
    • अमरोहा में तीन सगी बहनों द्वारा एक ही युवक से शादी करने का मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में…
    • रायपुर: हॉट-लाइन तकनीक से चालू रेलवे ट्रैक के ऊपर खींची गई 220 केवी लाइन
    • CWG 2026 में हाथ मिला सकेंगे भारत-पाकिस्तान के एथलीट, लेकिन तोहफे लेने पर लगा बैन
    • बुध और शनि करेंगे अपनी चाल में बदलाव, इन 6 राशियों पर पड़ेगा असर
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Saturday, July 25
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»व्यापार»लगातार 5 दिनों की गिरावट के बाद क्या बदलेगा बाजार का रुख?, जाने अगले हफ्ते कैसे रहेगा शेयर बाजार का हाल
    व्यापार

    लगातार 5 दिनों की गिरावट के बाद क्या बदलेगा बाजार का रुख?, जाने अगले हफ्ते कैसे रहेगा शेयर बाजार का हाल

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inJuly 25, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    भारतीय शेयर बाजार के सामने अगले हफ्ते सबसे बड़ी चुनौती निफ्टी का 23,600 का स्तर होगा। तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि अगर निफ्टी इस स्तर से नीचे फिसलता है तो बिकवाली और तेज हो सकती है। वहीं, बाजार में मजबूती लौटाने के लिए सबसे पहले 24,000 के ऊपर टिकना जरूरी होगा। लगातार पांच कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद बाजार की चाल कमजोर पड़ चुकी है। शुक्रवार को भी बाजार दबाव में रहा। निफ्टी 102 अंक टूटकर 23,767 पर बंद हुआ, जो 12 जून के बाद का सबसे निचला क्लोजिंग लेवल है। वहीं, पिछले पांच सत्रों में सेंसेक्स करीब 2,092 अंक लुढ़क चुका है।

    बाजार पर क्यों बढ़ा दबाव?

    इस बार गिरावट की सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल रहा। ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया, जिससे महंगाई और भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर की चिंता बढ़ गई है। इसके साथ ही कुछ बड़ी कंपनियों के उम्मीद से कमजोर तिमाही नतीजों ने भी निवेशकों का उत्साह ठंडा किया। रुपये की कमजोरी और सप्लाई चेन को लेकर बनी अनिश्चितता ने भी बाजार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

    क्या कह रहे हैं टेक्निकल चार्ट्स

    एलकेपी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक रूपक डे के मुताबिक, निफ्टी अपने अहम सपोर्ट जोन से नीचे निकल चुका है और 50 दिन की एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के नीचे फिसलने के बाद शॉर्ट टर्म ट्रेंड कमजोर हो गया है। उनका कहना है कि वीकली चार्ट और ज्यादा चिंता बढ़ाने वाले हैं। पिछले चार हफ्तों से निफ्टी 50 सप्ताह की EMA के ऊपर टिक नहीं पा रहा है। ऊंचे स्तरों पर लगातार बिकवाली हो रही है।

    एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर 23,600 का स्तर टूट जाता है तो घबराहट में बिकवाली बढ़ सकती है और बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। दूसरी तरफ 24,000 के ऊपर वापसी होने पर ही बाजार में कुछ भरोसा लौटेगा।

    राहत की उम्मीद पूरी तरह खत्म नहीं

    हालांकि, शुक्रवार को दिन के निचले स्तर से बाजार में अच्छी रिकवरी भी देखने को मिली। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक नागराज शेट्टी का मानना है कि निफ्टी ने निचले स्तर पर खरीदारी के संकेत दिए हैं। उनके अनुसार 23,600 का स्तर इसलिए भी अहम है, क्योंकि यह 15 जून को बने अपसाइड गैप और एक महत्वपूर्ण ट्रेंड लाइन के पास है। अगर यह स्तर बचा रहता है तो अगले हफ्ते निफ्टी 24,200 तक राहत भरी तेजी दिखा सकता है। हालांकि, उसके बाद फिर दबाव लौटने की संभावना बनी रहेगी।

    तेल की कीमतें बनी सबसे बड़ी चिंता

    जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर का कहना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो बाजार पर दबाव जारी रह सकता है। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा रहेगा और आर्थिक विकास की रफ्तार भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में 10 साल की बॉन्ड यील्ड 52 सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच चुकी है। इससे यह संकेत मिल रहा है कि निवेशक ऊर्जा आधारित महंगाई और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सख्त ब्याज दर नीति को लेकर चिंतित हैं। ऐसे में सितंबर में अमेरिकी ब्याज दर बढ़ने की संभावना भी मजबूत हुई है।

    लाल सागर में सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हुए हूती हमलों के बाद मिडिल ईस्ट का संकट और गहरा गया है। इसी वजह से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। जब ब्रेंट क्रूड 95 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहता है तो उसका असर भारतीय शेयर बाजार के सेंटीमेंट पर साफ दिखाई देता है। भारत अपनी तेल जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है, इसलिए महंगा कच्चा तेल देश की अर्थव्यवस्था के लिए फिर से बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

    अगले हफ्ते इन 3 फैक्टर्स पर रहेगी नजर?

    बाजार की दिशा अब तीन बड़े फैक्टर्स से तय होगी। पहली, कंपनियों के तिमाही नतीजे। दूसरी, कच्चे तेल की कीमतों की चाल। तीसरी, निफ्टी 23,600 के स्तर को बचा पाता है या नहीं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट अच्छी कंपनियों में धीरे-धीरे निवेश बढ़ाने का मौका भी बन सकती है। खासकर बैंकिंग सेक्टर मजबूत कर्ज वृद्धि और कम एनपीए की वजह से अभी भी आकर्षक नजर आ रहा है। फिलहाल बाजार में भरोसे की वापसी के लिए सबसे पहले निफ्टी को 23,600 का स्तर बचाना होगा और उसके बाद 24,000 के ऊपर मजबूती दिखानी होगी।

    (डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    L&T हेवी इंजीनियरिंग ब्रांच को एशिया, अफ्रीका और अमेरिका से मिला 5000 करोड़ का ऑर्डर, बनाएगी दुनिया का सबसे बड़ा रिएक्टर

    July 24, 2026

    चांदी की कीमतों में 5000 रूपए की गिरावट, सोना भी 1850 रूपए टूटी, जानिए आपके शहर के रेट

    July 24, 2026

    मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से शेयर बाजार में आज भी जारी है गिरावट, सेंसेक्स 300 पॉइंट टूटा

    July 23, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.