Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु छत्तीसगढ़ प्रवास के पश्चात रायपुर से हुईं रवाना
    • आदिवासी समाज की परंपरागत व्यवस्था सामाजिक एकता, न्याय और सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण- राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु
    • राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर दशहरा की अनूठी परंपराओं और जनजातीय संस्कृति की सराहना की
    • उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देश पर पीएम जनमन आवास में ठगी करने पर ठेकेदार शेख निजामुद्दिन उर्फ निक्की खान के विरुद्ध एफआईआर दर्ज
    • ‘अथ उद्यम’ से ग्रामीण महिलाओं को मिलेगी नई पहचान, अब छोटे व्यवसाय बनेंगे सफल उद्यम
    • शासन के बल्क परचेस निर्णय से छत्तीसगढ़ में आवासीय योजनाओं को मिली नई गति, संस्थाओं ने खरीदे 226 आवास
    • PM मोदी ने राहुल गांधी को बताया ‘फेल प्रोडक्ट’, प्रियंका चतुर्वेदी ने किया बचाव, बोलीं देश के मुद्दों को उठा रहे
    • MP राज्यसभा उपचुनाव में बड़े ‘खेल’ की तैयारी! जीतू पटवारी के संपर्क में भाजपा के कई रूठे विधायक?
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Friday, October 23
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»राष्ट्रीय»‘रियर व्यू मिरर में देखकर भविष्य की ओर गाड़ी नहीं चलाई जा सकती’, भारत ने की UNSC में तत्काल सुधार की मांग
    राष्ट्रीय

    ‘रियर व्यू मिरर में देखकर भविष्य की ओर गाड़ी नहीं चलाई जा सकती’, भारत ने की UNSC में तत्काल सुधार की मांग

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inOctober 23, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    नई दिल्ली। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में तत्काल सुधारों की मांग की है। भारत ने चेतावनी दी है कि 80 साल पुराना इसका ढांचा दुनिया के कुछ सबसे गंभीर संघर्षों को सुलझाने में संघर्ष कर रहा है।

    भारत का कहना है कि सुरक्षा परिषद का स्वरूप आज की वैश्विक वास्तविकताओं के अनुरूप होना चाहिए। भारत का तर्क है कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बना इसका ढांचा अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय का सही प्रतिनिधित्व नहीं करता है।

    भारत ने क्या कहा?

    न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पार्वथानेनी हरीश ने गुरुवार को कहा कि दूसरे विश्व युद्ध से मिली सत्ता सुरक्षा परिषद में उचित प्रतिनिधित्व की कमी की भरपाई नहीं कर सकती।

    पार्वथानेनी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में सुरक्षा परिषद के विस्तार और उसमें समान प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर बोलते हुए कहा, “इसके नतीजे पहले ही सामने आ रहे हैं। 80 साल बीत जाने के बाद भी यह संगठन परिषद के सामने मौजूद कुछ सबसे गंभीर संघर्षों में शांति और सुलह कराने में संघर्ष कर रहा है।”

    उन्होंने आगे कहा, “आठ दशक पहले मिली जीत से मिलने वाला अधिकार आज की ऐसी सुरक्षा परिषद की वैधता की कमी को पूरा नहीं कर सकता, जो दुनिया का सही प्रतिनिधित्व नहीं करती।” भारतीय दूत ने तर्क दिया कि 1945 में जब दूसरे विश्व युद्ध के बाद संयुक्त राष्ट्र (UN) की स्थापना हुई थी, उसे वैश्विक शासन के लिए एकमात्र आधार नहीं माना जा सकता।

    ‘रियर व्यू को देखते हुए भविष्य की ओर नहीं बढ़ सकते’

    उन्होंने कहा, “कोई भी युद्ध, खासकर वह जो 80 साल से भी पहले हुआ हो आज की दुनिया की स्थिति को तय नहीं करना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा, “इतिहास हमें यह बता सकता है कि क्या नहीं करना चाहिए लेकिन आज की चुनौतियों का सामना करने के लिए क्या किया जाना चाहिए यह इतिहास तय नहीं कर सकता। हम लगातार पीछे देखने वाले शीशे (रियर व्यू मिरर) को देखते हुए भविष्य की ओर आगे नहीं बढ़ सकते।”

    यूएनएससी में बदलाव की जरूरत

    पार्वथानेनी ने विश्व युद्धों में भारत के योगदान पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने तर्क दिया कि युद्ध के बाद बनी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में कई देशों के बलिदानों को उचित मान्यता नहीं मिली।

    उन्होंने कहा, “विजेताओं द्वारा, विजेताओं के लिए और विजेताओं से बनी एक संस्था ने जाहिर तौर पर पीड़ितों की चिंताओं को शामिल करने की परवाह नहीं की।” उन्होंने सुरक्षा परिषद से आग्रह किया कि वह अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए खुद में बदलाव लाए।

    उन्होंने बताया कि दूसरे विश्व युद्ध में लगभग 25 लाख भारतीयों ने हिस्सा लिया था, जिनमें से करीब 90,000 लोगों की सैन्य सेवा के दौरान जान चली गई। उन्होंने बंगाल के अकाल का भी जिक्र किया और इसके लिए औपनिवेशिक दौर की युद्धकालीन नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। भारत ने एशिया-प्रशांत, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के अपर्याप्त प्रतिनिधित्व की ओर भी इशारा किया।

    एशिया-प्रशांत क्षेत्र में दुनिया की 60 प्रतिशत से अधिक आबादी रहती है लेकिन परिषद में इसके पास केवल एक स्थायी सीट है और इसके अलावा कुछ चुने हुए सदस्य भी समय-समय पर इसमें शामिल होते रहते हैं।

    पार्वथानेनी ने कहा, “सुधार का मतलब पुरानी रंजिशें निकालना नहीं है। यह एक ऐसी परिषद में निवेश है जिस पर सभी सदस्य देश भरोसा कर सकें और जिसके परिणामस्वरूप यह और अधिक मजबूत हो सके।”

    15 सदस्यीय यूएनएससी में पांच स्थायी सदस्य चीन, फ्रांस, रूस, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका हैं, जिनके पास वीटो पावर है। इसके अलावा, इसमें दो साल के कार्यकाल के लिए चुने गए 10 सदस्य भी होते हैं। भारत स्थायी और अस्थायी दोनों तरह की सदस्यता के विस्तार का समर्थन करता है। भारत का तर्क है कि अगर बदलाव केवल चुनी हुई सीटों तक सीमित रहे तो मौजूदा असंतुलन बना रहेगा।

    यूएनएससी में सुधार की मांग

    बातचीत की गति की आलोचना करते हुए परवथानेनी ने कहा, “यह बातचीत नहीं है। यह तो बस यथास्थिति को बनाए रखने जैसा है।” उन्होंने आगे कहा, “सहमति के कुछ बिंदुओं का होना पूर्ण सहमति नहीं है और सबसे कम साझा आधार की तलाश मौजूदा ढांचे में केवल दिखावटी बदलाव करके उसे सुधार बताने का बहाना नहीं बननी चाहिए।”

    भारत ने यह भी कहा कि स्थायी सदस्यता के विस्तार में वीटो के सवाल को उचित तरीके से सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “दो-स्तरीय स्थायी सदस्यता असमानता को और अधिक संस्थागत ही बनाएगी।”

     

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु छत्तीसगढ़ प्रवास के पश्चात रायपुर से हुईं रवाना

    October 23, 2026

    अमिताभ बच्चन के बंगले और दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, मुंबई मेयर को मिला ई-मेल

    October 23, 2026

    दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन : बच्चे को लेकर भागी रूसी मां को लाया जाएगा भारत, रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ

    October 23, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.