नई दिल्ली: ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस में बगावत थमने का नाम नहीं ले रहा। पहले दो-तिहाई से ज्यादा विधायकों ने टीएमसी नेता का साथ छोड़ा, फिर राज्यसभा सांसद ने इस्तीफा देना शुरू किया और अब जाकर 19 लोकसभा सांसद की वह लिस्ट भी सामने आ गई,जिन्होंने तृणमूल से नाता तोड़ने का रास्ता अख्तियार किया है। इसी बात को लेकर टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने बीजेपी पर ऑपरेशन लोटस वाला हमला किया तो उनका बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे से सोशल मीडिया पर आमना-सामना हो गया।
कीर्ति आजाद और निशिकांत दुबे के बीच ट्विटरबाजी की शुरुआत पहले टीएमसी सांसद ने की, जिन्होंने बीजेपी एमपी को नेहरू लवर कहते हुए तृणमूल के एक बागी नेता को प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए अपने घर का इस्तेमाल करने देने वाला तंज कसा। इसी पर पहले दुबे ने उन्हें जवाब दिया और फिर मतभेद को मनभेद में नहीं बदलने देने की बात कहकर कीर्ति ने उनके साथ मामले को तूल देने से परहेज किया।
‘आपके पिताजी आजाद जी मेरे अभिभावक थे’
झारखंड के गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कीर्ति आजाद के आरोपों और कटाक्षों पर अपने पोस्ट में लिखा, ‘मेरे घर के अंदर या बाहर प्रेस कांफ्रेंस का आपका तो अधिकार और कर्तव्य दोनों है…पहली बात ये कि मैं 10 साल तक आपके साथ भाजपा सांसद रहा हूं..।’
…आपके पिताजी आजाद जी मेरे अभिभावक थे, दूसरी बात मैं आपका सांसद हूं,आपका पुश्तैनी गांव कसबा मेरे लोकसभा गोड्डा में है तथा आपके बूथ से हमेशा 2009 से लेकर 2024 तक मुझे 99 प्रतिशत वोट मिलता है..।
निशिकांत दुबे, बीजेपी सांसद
कीर्ति आजाद ने अमित शाह पर लगाया आरोप
- दरअसल, इससे पहले बंगाल की बर्धमान-दुर्गापुर लोकसभा से टीएमसी सांसद ने एक्स पोस्ट पर पार्टी में हो रही बगावत का ठीकरा बीजेपी पर फोड़ने की कोशिश की थी।
- उन्होंने आरोप लगाया कि ‘अमित शाह के इशारे पर ऑपरेशन लोटस चल रहा है।’
- राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने वाले ‘प्रकाश बारिक ने दिवंगत नेहरू के लवर निशिकांत दुबे के घर के बार से प्रेस को संबोधित किया।’
- उन्होंने इस खेल में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के भी शामिल होने का आरोप लगाया।
- लेकिन, यह भी दावा कि ‘अभी तक अमित शाह का ऑपरेशन लोटस फेल हो चुका है।’
- उन्होंने आरोप लगाया कि ‘वे मेरी सुरक्षा और होम गार्ड को लेकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनके दुर्भाग्य से मैं उनके इन हथकंडों के आगे झुकने वाला नहीं हूं।’
- उनका यह भी दावा है कि ‘ये कहने की जरूरत नहीं कि मेरे पास कई बीजेपी सांसदों और संगठन के अनगिनत लोगों के फोन आए हैं।’
कीर्ति आजाद को अपने घर से प्रेस कांफ्रेंस का ऑफर
कीर्ति आजाद के इन्हीं आरोपों पर दुबे ने तंज भरे अंदाज में उनके लिए लिखा, ‘आप इसलिए इस अधिकार का इस्तेमाल कीजिए, मेरा सरकारी आवास गोड्डा के लोगों की ही देन है।’ इसी के बाद कीर्ति आजाद ने उन्हें जवाब दिया है-
तुम्हें मेरा आशीर्वाद है। व्यक्तिगत लड़ाई तो है नहीं। मेरा बस एक सुझाव या अनुरोध समझ लो, दुश्मनी करो खूब करो, लेकिन वो इतनी हद से पार हो जाए की मतभेद मनभेद में बदल जाए…।
कीर्ति आजाद, टीएमसी सांसद
‘प्रत्यक्ष को प्रमाण की जरूरत नहीं’
टीएमसी सांसद का दावा है, ‘मैं तो केवल ऑपरेशन लोटस की पुष्टि कर रहा था। पहले भूपेंद्र, फिर शुभेंदु और फिर मेरा छोटा भाई निशिकांत। प्रत्यक्ष को प्रमाण की जरूरत नहीं। मिलते हैं पार्लियामेंट में परिवार में सब को प्यार।’

