जोमैटो जैसी डिलीवरी कंपनियां पहले कस्टमर सर्विस के लिए मशहूर थी. लेकिन अब जब इन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को कस्टमर केयर में उतार दिया है, तो हालात बिगड़ गए हैं. हाल ही में एक लड़की, जिसका नाम नलिनी बताया जा रहा है, ने अपने साथ हुई घटना सोशल मीडिया पर शेयर की, जहां से ये खूब वायरल हो रही है.
नलिनी ने ऑनलाइन लस्सी मंगवाया था. नलिनी को जोमैटो से लस्सी का ऑर्डर आया. बोतल खोलकर देखा तो वो एक तिहाई खाली थी यानी उसे जूठी लस्सी डिलीवर कर दी गई थी. नलिनी ने तुरंत जोमैटो के चैट सपोर्ट से संपर्क किया. लेकिन यहां उसे जो रिस्पॉन्स मिला, उसने कस्टमर के तौर पर उसका गुस्सा और बढ़ा दिया. लड़की ने चैट के स्क्रीनशॉट शेयर किये, जिसे पढ़ने के बाद लोग भी गुस्से में नजर आए.
पहली चैट:
नलिनी: मैंने food taste, quality or quantity issue चुनकर शिकायत की.
AI एजेंट: Sorry about this. कृपया order@zomato.com पर Order ID और concern लिखकर ईमेल करें, हमारी टीम 24 घंटे में जवाब देगी.
नलिनी: No, this wasn’t helpful.
AI: Thank you for feedback. We will strive to do better next time.
Conversation closed
इसके बाद नलिनी ने फिर से चैट शुरू की. इस बार उन्होंने “Items are missing or incorrect” कैटेगरी चुनी.
दूसरी चैट:
AI: What best describes the issue?
नलिनी: Incorrect order
AI: Oops! Please send picture of your order.
नलिनी: फोटो अपलोड कर दी.
AI: कृपया order@zomato.com पर ईमेल करें.
नलिनी: No, this wasn’t helpful.
AI: Thank you… Conversation closed
दोनों बार AI एजेंट ने वही रोबोटिक जवाब दिया– ईमेल करने को कहना और फिर चैट बंद कर देना. नलिनी ने स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा– “AI के आने के बाद जोमैटो का सपोर्ट और भी बदतर हो गया है. पहले तुरंत रिफंड या नया ऑर्डर मिल जाता था, अब सिर्फ ईमेल करने को कह दिया जाता है.”
क्यों हो रहा है ऐसा?
कंपनियां AI चैटबॉट्स से कॉस्ट बचाना चाहती है. लेकिन AI अभी इतना स्मार्ट नहीं है कि जटिल समस्याओं (जैसे जूठा प्रोडक्ट, खराब क्वालिटी) को समझकर तुरंत सॉल्यूशन दे सके. इसका नतीजा है कि कस्टमर को बार-बार ईमेल करने को कहा जाता है, जिससे समस्या लंबी खिंच जाती है. कस्टमर सर्विस एक्सपर्ट्स का कहना है कि AI को सिर्फ सिंपल क्वेरी के लिए इस्तेमाल करना चाहिए. जटिल शिकायतों में अभी भी ह्यूमन एजेंट की जरूरत है. जोमैटो और स्विगी जैसी कंपनियां AI पर ज्यादा निर्भर हो रही हैं, जिससे कस्टमर नाराज हो रहे हैं.नलिनी की स्टोरी कई लोगों की कहानी बन गई है. अब कई लोग शेयर कर रहे हैं कि उन्हें भी AI से मिले टका-टक जवाबों से परेशानी हुई है.

