छत्तीसगढ़बिलासपुर

भाई-बहन को घर में बंद कर आग लगाने वाला दोषी, हत्या के प्रयास में 10 साल की सजा

जिलाबदर के बावजूद शहर लौटकर नशीली दवाओं की तस्करी में जुटा विक्की उर्फ भूपेंद्र पांडेय, गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में पेश कर भेजा गया जेल।

बिलासपुर। एक सनसनीखेज घटना में ऑटो में रखे पर्स से जेवर और पैसे चोरी होने की शिकायत करना एक भाई-बहन को भारी पड़ गया। जब उन्होंने पुलिस में शिकायत की, तो नाराज ऑटो ड्राइवर के बेटे ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। जान बचाने के लिए भाई-बहन घर के अंदर भागे, लेकिन हमलावर ने बाहर से दरवाजा बंद कर पेट्रोल छिड़ककर घर में आग लगा दी। गनीमत रही कि दोनों ने आंगन में जाकर किसी तरह अपनी जान बचाई।

यह मामला 25 मई 2018 का है, जब सकरी निवासी बजरंग कुमार शर्मा अपनी बहन लता तिवारी के साथ बीमार मां का इलाज कराने सेंदरी गए थे। वहां उन्होंने अपना पर्स और थैला ऑटो में छोड़ दिया, लेकिन लौटने पर उसमें रखे जेवर और नकद गायब मिले। उन्होंने इसकी शिकायत थाने में की, जिसके बाद ऑटो ड्राइवर गोपाल पांडेय का बेटा विक्की उर्फ भूपेंद्र उनसे रंजिश रखने लगा।

कुछ समय बाद विक्की उनके घर आया और पानी मांगा। युवती जब पानी देने बाहर निकली, तो विक्की ने गाली-गलौज कर चाकू से हमला कर दिया। शोर सुनकर बजरंग बाहर आए, तो उन पर भी हमला किया गया। दोनों किसी तरह घर के अंदर भागे, लेकिन विक्की ने बाहर से दरवाजा बंद कर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। घर जलकर खाक हो गया, लेकिन परिवार के लोग आंगन में जाकर बच निकले।

मामले में पुलिस ने विक्की को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। सुनवाई के बाद द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार महोबिया ने विक्की को हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में कुल 10 साल की सजा और 2100 रुपये अर्थदंड से दंडित किया।

वहीं, यह भी सामने आया कि आरोपी विक्की को पूर्व में कलेक्टर ने जिलाबदर किया था, लेकिन इसके बावजूद वह शहर लौट आया और नशीली दवाओं की तस्करी में लिप्त हो गया। सिविल लाइन पुलिस ने उसे साथी के साथ नशीली दवाओं के साथ गिरफ्तार किया और कोर्ट के आदेश पर फिलहाल वह जेल में है।

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