उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर क्षेत्र से जुड़ी एक घटना ने एक बार फिर रिश्तों की मर्यादा और बच्चों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां रहने वाली एक 17 वर्षीय किशोरी के साथ उसके रिश्ते में लगने वाले मामा ने मर्यादाओं को ताक पर रखकर दुष्कर्म किया। आरोपी गोमतीनगर के बड़ी जुगौली क्षेत्र का निवासी है। उसने ने पारिवारिक संबंधों का फायदा उठाते हुए इस कृत्य को अंजाम दिया। किशोरी अक्सर अपने रिश्तेदार के घर आती-जाती थी, जहां आरोपी ने उसकी मासूमियत का फायदा उठाया।
धमकी और खौफ का साया
आरोपी ने ना केवल दुष्कर्म किया, बल्कि किशोरी को मानसिक रूप से इस कदर डरा दिया कि वह लंबे समय तक चुप रहने पर मजबूर रही। आरोपी ने उसे धमकी दी थी कि यदि उसने इस बारे में किसी को भी बताया, तो वह उसे जान से मार देगा। इस डर के कारण किशोरी अंदर ही अंदर घुटती रही और अपने साथ हुए इस अन्याय को किसी से साझा नहीं कर सकी।
गर्भावस्था से हुआ खुलासा
मामले का खुलासा तब हुआ जब किशोरी गर्भवती हो गई। शारीरिक परिवर्तनों को देखकर जब परिजनों ने बच्ची से पूछताछ की, तब किशोरी ने अपनी चुप्पी तोड़ी और आपबीती सुनाई। पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर बताया कि कैसे उसके मामा ने डरा-धमकाकर उसके साथ गलत काम किया था।
आरोपी के परिवार का अमानवीय रवैया
जब पीड़िता की मां न्याय की उम्मीद में आरोपी के घर पहुंची, तो वहां स्थिति और भी खराब हो गई। आरोपी की मां ने अपनी गलती सुधारने या पश्चाताप करने के बजाय पीड़िता की मां के साथ अभद्र व्यवहार किया। उन्होंने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि पीड़िता के परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए गोमतीनगर पुलिस तुरंत हरकत में आई। इंस्पेक्टर गोमतीनगर बृजेश चंद्र त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई की। मंगलवार को रिपोर्ट दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर, देर रात पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को जुगौली रेलवे क्रॉसिंग के पास से गिरफ्तार कर लिया।
कानूनी धाराएं और वर्तमान स्थिति
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म (Rape), जान से मारने की धमकी देना और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। वर्तमान में किशोरी को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है और पुलिस मामले के सभी साक्ष्यों को मजबूती से जुटा रही है जिससे दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।

