कोलकाता : बंगाल विधानसभा चुनाव से लगभग 9 महीने पहले, कल्याण बनर्जी ने अचानक टीएमसी संसदीय दल के मुख्य सचेतक के पद से इस्तीफा दे दिया था। उनकी जगह उत्तर 24 परगना जिले के बारासात निर्वाचन क्षेत्र से चार बार के तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार को नियुक्त किया गया था। अब चुनाव के बाद अचानक ममता बनर्जी ने काकोली घोष को इस पद से हटाकर वापस कल्याण बनर्जी को इस पद पर तैनाती दे दी। इधर काकोली घोष का टीएमसी में पद घटते ही बीजेपी ने इसे लपक लिया। केंद्र सरकार ने काकोली को वाई श्रेणी की सुरक्षा दी है, जिसके बाद बंगाल में सियासी अटकलें तेज हो गई हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार ने तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार को ‘Y’ श्रेणी की सशस्त्र सुरक्षा मुहैया कराई है। उनकी सुरक्षा में 19 मई से सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए हैं।
इंटेलिजेंस ब्यूरो की रिपोर्ट के बाद दी सुरक्षा
गृह मंत्रालय (MHA) ने इंटेलिजेंस ब्यूरो की सुरक्षा मूल्यांकन रिपोर्ट के आधार पर काकोली घोष दस्तीदार को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की सुरक्षा प्रदान की है। CISF एक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है, जिसका मुख्य काम महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों की सुरक्षा करना और उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों को सुरक्षा देना है।
‘Y’ श्रेणी के तहत, सुरक्षा पाने वाले व्यक्ति को आमतौर पर 24 घंटे सुरक्षा के लिए सशस्त्र कर्मियों की एक टीम दी जाती है। यह सुरक्षा इंटेलिजेंस एजेंसियों के किए गए खतरे के आकलन के आधार पर तय की जाती है। सूत्रों ने बताया कि दस्तीदार को सुरक्षा देने का फैसला उनके खतरे के प्रोफाइल की समीक्षा करने के बाद लिया गया।
काकोली घोष दस्तीदार कौन
काकोली घोष दस्तीदार पश्चिम बंगाल की बारासात सीट से सांसद हैं। वह एक जानी-मानी राजनेता हैं और संसदीय मामलों के साथ-साथ पार्टी संगठन में भी सक्रिय रही हैं। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के भीतर कई जिम्मेदारियां निभाई हैं और कई मुद्दों पर पार्टी की एक अहम आवाज मानी जाती हैं।
अधिकारियों ने बताया कि दस्तीदार की सुरक्षा की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी, जो कि मानक प्रोटोकॉल के अनुसार होगा। खतरे के आकलन में किसी भी बदलाव के आधार पर उनकी सुरक्षा के स्तर को बढ़ाया या घटाया जा सकता है। यह सुरक्षा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के कुछ ही दिनों बाद दी गई है। इन चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने TMC को हराकर पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ अपनी सरकार बनाई थी।

