UAPA Case | काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) ने आज (बुधवार) को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA और भारतीय दंड संहिता के तहत दर्ज एक मामले की जांच के सिलसिले में श्रीनगर में दो ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच एजेंसियों ने बाग-ए-मेहताब और शेख-उल-आलम कॉलोनी नौगाम स्थित दो आवासों की तलाशी ली।
एक साथ हुई दो छापेमारी
अधिकारियों के अनुसार, पहली कार्रवाई बाग-ए-मेहताब निवासी अल्ताफ अहमद भट के घर पर की गई। अल्ताफ अहमद भट, अब्दुल जब्बार भट का पुत्र है और बताया जा रहा है कि वह साल 1990 से पाकिस्तान में रह रहा है। वहीं, CIK की दूसरी टीम ने शेख-उल-आलम कॉलोनी, नौगाम में रहने वाले मुख्तार अहमद बाबा के घर पर भी तलाशी ली। मुख्तार अहमद बाबा, मोहम्मद यासीन बाबा का पुत्र है और वह वर्ष 2022 से पाकिस्तान में रह रहा है।
UAPA मामले में दर्ज FIR के आधार पर कार्रवाई
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई पुलिस स्टेशन CIK श्रीनगर में दर्ज FIR नंबर 04/2026 के तहत की गई है। इस मामले में IPC की धारा 505 और 153A के साथ-साथ UAPA की धारा 13 और 18 के तहत जांच की जा रही है। जांच एजेंसियों का कहना है कि छापेमारी का उद्देश्य मामले से जुड़े संभावित सबूतों को जुटाना और संदिग्ध गतिविधियों की कड़ियों को जोड़ना है। अधिकारियों ने बताया कि जांच आगे बढ़ने के साथ मामले से जुड़ी अन्य जानकारियां भी सामने आएंगी।
पाकिस्तान कनेक्शन पर जांच जारी
CIK अधिकारियों के मुताबिक, दोनों संदिग्ध लंबे समय से पाकिस्तान में रह रहे हैं। अल्ताफ अहमद भट करीब तीन दशक से ज्यादा वक्त से पाकिस्तान में रह रहा है जबकि मुख्तार अहमद बाबा 2022 से वहां रह रहा है। जांच एजेंसियों को शक है कि दोनों किसी संभावित सीमा पार गतिविधि या नेटवर्क से जुड़ी भूमिका की जांच की जा रही है।
डॉक्यूमेंट और डिजिटल उपकरण जब्त
अधिकारियों के अनुसार, तलाशी के दौरान कुछ डॉक्यूमेंट और डिजिटल उपकरण बरामद किए गए हैं। इन सामग्रियों की तकनीकी जांच और विश्लेषण के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इनका मामले से कितना सीधा संबंध है। फिलहाल इस मामले में किसी गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई है, क्योंकि दोनों आरोपी पाकिस्तान में मौजूद बताए जा रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और आगे मिलने वाले सबूतों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
CIK की कार्रवाई जारी
काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) राष्ट्र विरोधी गतिविधियों, आतंकी नेटवर्क और सीमा पार संपर्कों से जुड़े मामलों पर लगातार निगरानी रखती है। UAPA के तहत दर्ज मामलों में अक्सर पाकिस्तान में मौजूद कथित हैंडलर्स और कश्मीर में उनके संपर्कों के बीच संबंधों की जांच प्रमुख बिंदु होती है।

