Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • मातृशक्ति के खातों में पहुँची महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त
    • पीएम सूर्य घर योजना से घर-घर उजियारा, बिजली बिल में बचत से परिवारों को मिल रहा आर्थिक संबल
    • यूसुफ की शाह से अपील, मुर्शिदाबाद में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने की कार्रवाई रोकें
    • छत्तीसगढ़ में रेलवे विस्तार को मिली रफ्तार, वार्षिक बजट आवंटन बढ़कर ₹7,470 करोड़
    • योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग और आईआईएम रायपुर के बीच एमओयू
    • घर से संदिग्ध हालत में लापता हुईं 2 नाबालिग बहनें, परिवार में चिंता
    • नाबालिग लड़की का अपहरण, दुष्कर्म और फिर गला घोंटकर हत्या
    • शाम को घूमने निकले थे दोनों, नहर में नहाते समय डूबने से कार्तिक और गौरव की गई  जान
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Friday, August 7
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»संपादकीय»‘जेलें हैं या गैस्ट हाऊस’ पैसा दो…
    संपादकीय

    ‘जेलें हैं या गैस्ट हाऊस’ पैसा दो…

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inAugust 7, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    हमारी जेलों में एक ऐसा दुष्चक्र चल रहा है जैसे कि ये जेलें न होकर गैस्ट हाऊस बन गई हों। जहां इनके स्टाफ को मुंह मांगी रकम देकर कोई भी सुविधा हासिल की जा सकती है। इसमें टी.वी., मोबाइल फोन या नशा और डाक्टरी जांच के बहाने सैर-सपाटा आदि सब कुछ शामिल है, जिसकी पिछले कुछ समय की घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :

    * 26 मई, 2025 को ‘जयपुर’ (राजस्थान) की सैंट्रल जेल में सजा काट रहे 5 कैदियों ने ‘एस.एम.एस. अस्पताल’ में मैडीकल चैकअप के लिए मंजूरी ली थी, परंतु जेल कर्मचारियों की मिली-भगत से इनमें से 4 कैदी डाक्टर के पास जाने की बजाय एक होटल में अपनी-अपनी पत्नियों या प्रेमिकाओं के साथ कुछ खाते-पीते और घूमते-फिरते मिले।
    यह सैर-सपाटा 25,000 रुपयों में तय किया गया था तथा कैदियों के साथ गए कांस्टेबलों को 5000-5000 रुपए देने का वादा किया गया था।
    * 9 नवम्बर, 2025 को बेंगलुरु (कर्नाटक) की जेल से वायरल हुए एक वीडियो में 20 महिलाओं से रेप व 18 हत्याओं के मामलों में दोषी ठहराए गए ‘उमेश रैड्डी’ को जेल के अंदर 2 एंड्रॉयड व 1 की-पैड मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए देखा गया। उसकी बैरक में टी.वी. भी लगा हुआ था।

    * 29 नवम्बर, 2025 को ‘लखनऊ’ (उत्तर प्रदेश) की ‘गोसाईं गंज जेल’ से एक कैदी ‘ऋषभ राय’ का मैडीकल करवाने निकले 4 पुलिस कर्मचारी उसे डाक्टर के पास लेकर जाने की बजाय शॉपिंग मॉल में घुमाने ले गए। इसकी सूचना उसके मित्रों और परिजनों को भी दी गई थी जो उससे मिलने उक्त शॉपिंग मॉल में पहुंच गए।
    ऋषभ उनके साथ घूमा-फिरा और खरीदारी भी की। इस सिलसिले में डिप्टी सुपरिंटैंडैंट राम सेवक के अलावा ‘अनुज धामा’, ‘नितिन राणा’ तथा ‘रामचंद्र प्रजापति’ को निलम्बित  कर दिया गया। 
    * 16 मार्च, 2026 को करोड़ों रुपयों के ‘सतारा’ ड्रग्स स्कैंडल के  मामले में ‘सोलापुर’ (महाराष्टï्र) जेल में बंद आरोपी ‘फैजान शेख’ को मोबाइल फोन देने के आरोप में जेल के कांस्टेबल ‘बालू चव्हाण’ को गिरफ्तार किया गया जिसने इसके बदले में 40,000 रुपयों से अधिक रकम ली थी। 

    * 28 मार्च, 2026 को ‘अम्बिकापुर’ (छत्तीसगढ़) में ‘मैडीकल कॉलेज अस्पताल’ के ‘जेल वार्ड’ में हत्या के प्रयास के आरोप में बंद कैदी ‘गुरबख्श सिंह’ को हर सुविधा उपलब्ध करवाने का मामला सामने आया। 
    उसके परिजन मोबाइल लेकर अस्पताल के ‘जेल वार्ड’ में आ-जा रहे थे तथा उसे घर का खाना और मिनरल वाटर तक उपलब्ध करवा रहे थे। इस सिलसिले में 2 जेल वार्डरों ‘जयप्रकाश’ और ‘लोकनाथ निषाद’ को निलम्बित किया गया।
    * 17 जुलाई, 2026 को दिल्ली सरकार की एंटी-करप्शन ब्रांच ने ‘तिहाड़’ और ‘रोहिणी’ जेलों के अंदर चल रहे एक संगठित उगराही और रिश्वत के रैकेट का पता चलने पर असिस्टैंट सुपरिंटैंडैंट, 6 जेल वार्डरों, 2 वकीलों तथा 2 अन्य प्राइवेट व्यक्तियों सहित कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार  करके उनसे 1 लाख रुपए की रिश्वत की रकम बरामद की।
    * 24 जुलाई, 2026 को ‘चित्तौडग़ढ़’ (राजस्थान) जिला जेल से वायरल हुए 3 वीडियो में अनेक कैदी जेल के अंदर आराम से भोजन करते, नशा करते, नाचते और एंड्रॉयड मोबाइल से सैल्फी वीडियो बनाते दिखाई दिए। 
    * 3 अगस्त, 2026 को ‘बुड़ैल जेल’ चंडीगढ़ में बंद 661 करोड़ रुपयों के बैंक घोटाले के सरगना ‘विक्रम वधवा’ को अस्पताल में चैकअप के बाद 2 पुलिस क र्मियों द्वारा एक होटल में लेकर जाने का पता चला जहां जमकर पार्टी चली। वहां ‘विक्रम वधवा’ की पत्नी, रिश्तेदार व बेटे भी मौजूद थे।
    इसका पता चलते ही डी.एस.पी. लाइन ‘पूनम दिलावरी’ ने होटल में छापा मार कर पुलिस कर्मियों और ‘विक्रम वधवा’ को  काबू कर सैक्टर 17 थाना पुलिस के हवाले कर दिया, जहां ‘विक्रम वधवा’, उसके बेटों ‘कर्ण’ व ‘कुणाल वधवा’ के विरुद्ध  मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।

    * और अब 4 अगस्त, 2026 को ‘गोवा’ की ‘कोलवाले जेल’ में बंद कुछ कैदियों को जेल कर्मचारियों की शह पर मोबाइल चाॄजग, इंटरनैट एक्सैस, टी.वी. कनैक्शन, शराब व मांसाहारी भोजन की होटलों जैसी  सुविधाएं देने पर ‘बॉम्बे हाईकोर्ट’ ने जेल प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई।
    इस प्रकार के स्कैंडलों का सामने आना निश्चय ही भारतीय जेलों में व्याप्त कुव्यवस्था और सुनियोजित ढंग से चल रहे भ्रष्टïाचार का ज्वलंत उदाहरण है जिसे रोकने के लिए कठोर प्रशासकीय पग उठाने के साथ-साथ जेलों की निगरानी प्रणाली मजबूत करने की जरूरत है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    …अग्निकांडों से’ जा रहे अनमोल प्राण!

    August 5, 2026

    बहस के बिना कानून: लोकतंत्र में संवाद जरूरी

    August 4, 2026

    टूट रहीं संसदीय मर्यादाएं

    July 31, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.