अमरावती : चक्रवात मुरासु के तट से टकराने की प्रक्रिया रात 1 बजे दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में शुरू हो गई। इस भीषण चक्रवाती तूफान के कारण आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और ओडिशा के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम तेज कर दिया है, जबकि एहतियात के तौर पर चेन्नई में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। इस चक्रवात के दौरान हवा की गति 120 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। चक्रवात के कारण चेन्नई हवाई अड्डे से आने-जाने वाली कम से कम 11 उड़ानें और विजयवाड़ा हवाई अड्डे की 19 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।
IMD ने बताया कि चक्रवात के ‘वॉल क्लाउड’ का एक हिस्सा जमीन के अंदर प्रवेश कर चुका है, जबकि इसका केंद्र तट को छू रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, ‘मुरासु’ पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में, दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट के काफी करीब है और इसका तट से टकराने का क्रम जारी है
हाई अलर्ट पर राज्य
IMD ने आगे बताया कि चेन्नई और मछलीपट्टनम में लगे ‘डॉपलर वेदर रडार’ के जरिए इस मौसमी प्रणाली पर लगातार नजर रखी जा रही है। इस बीच, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को ‘हाई अलर्ट’ पर रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा है कि चक्रवात ‘मुरासु’ के राज्य के तट के करीब पहुंचने पर किसी की जान न जाए।
तमिलनाडु में स्कूल-कॉलेज बंद
चक्रवात ‘मुरासु’ के कारण भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए चेन्नई और तिरुवल्लुर में स्कूल- कॉलेज बंद रहेंगे। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) द्वारा दोनों जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किए जाने के बाद जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर छुट्टी की घोषणा की। 24 घंटों के भीतर 12 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश होने की संभावना है। उत्तरी तमिलनाडु के कई जिलों में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए राज्य राजस्व प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने जिला कलेक्टरों को ‘हाई अलर्ट’ पर रहने और आपदा प्रबंधन की मानक प्रक्रियाओं को लागू करने का निर्देश दिया है।
ओडिशा में 33 लाख लोग सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए गए
ओडिशा सरकार ने पांच दक्षिणी जिलों से 33 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और वहां आपदा मोचन बलों को तैनात किया। राज्य अब भी पिछले सप्ताह आए चक्रवात अर्नब से हुई उस तबाही से उबर नहीं पाया है, जिसमें बाढ़ और भूस्खलन के कारण कम से कम छह लोगों की मौत हो गई थी। विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) राजेश पी पाटिल ने बताया कि लगभग एक सप्ताह से जारी बारिश के कारण भूस्खलन की संभावना बढ़ गई है। गों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि चक्रवात के कारण आठ जिलों – गंजाम, गजपति, कोरापुट, रायगढ़ा, मलकानगिरी, कंधमाल, कालाहांडी और पुरी में भारी बारिश की आशंका है। अधिकारियों ने बताया कि करीब 3.33 लाख लोगों को ठहराने के लिए 1,139 राहत शिविर तैयार किए गए हैं।

