केंद्र सरकार ने पीएम किसान और फर्टिलाइजर सब्सिडी जैसी प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं के लिए सप्लीमेंटरी एलोकेशंस सहित 44,143 करोड़ रुपए के अतिरिक्त कैश खर्च के लिए संसद से मंजूरी मांगी है.
संसद में पेश किए गए प्रस्ताव में सरकार ने 87,763 करोड़ रुपए के ग्रॉस एक्स्ट्रा एक्सपेंडिचर के लिए अप्रूवल मांगा है. हालांकि, सूत्रों के अनुसार, बचत और एडजस्टमेंट्स के बाद नेट कैश खर्च 44,143 करोड़ रुपए है. इस कदम का उद्देश्य तत्काल फाइनेंशियल जरूरतों को पूरा करते हुए अलग-अलग कल्याणकारी कार्यक्रमों को सुचारू रूप से जारी रखना है.
इन अतिरिक्त फंड्स का इस्तेमाल मुख्य रूप से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) योजना के लिए किया जाएगा, जिसके तहत किसानों को सीधे कैश ट्रांसफर किया जाता है. इसके अलावा बढ़ती कृषि इनपुट लागत के बीच फर्टिलाइजर सब्सिडी के लिए एलोकेशन में बढ़ोतरी की जाएगी.
खर्च में बढ़ोतरी के बावजूद, सरकार ने आश्वासन दिया है कि संशोधित एक्सपेंडिचर कारोबारी साल के लिए अपने ओवरऑल बजटीय लक्ष्यों के भीतर रहेगा और घाटे (deficit) की सीमा का उल्लंघन नहीं करेगा.
इस अनुरोध पर संसद के आगामी सत्रों में ग्रांट्स की सप्लीमेंटरी डिमांड के भाग के रूप में चर्चा और बहस होने की उम्मीद है.
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