मुख्य बिंदु:
- एंड्री के जंगल के पास घेराबंदी करते हुए जवान आगे बढ़े, तभी नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी।
- जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिससे दोनों ओर से करीब चार से पांच घंटे तक मुठभेड़ जारी रही।
- कांकेर और नारायणपुर जिले की सीमा पर हुई मुठभेड़ में चार नक्सलियों के शव बरामद किए गए।
छत्तीसगढ़ में दो बड़ी मुठभेड़: 30 नक्सली ढेर, एक जवान शहीद
जगदलपुर: डबल इंजन सरकार के तहत नक्सलियों के खात्मे के लक्ष्य को गति देते हुए सुरक्षा बलों ने गुरुवार को बस्तर संभाग के बीजापुर और कांकेर जिलों में हुई दो अलग-अलग मुठभेड़ों में 30 नक्सलियों को मार गिराया। इन अभियानों के दौरान भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए गए हैं। बीजापुर में हुई मुठभेड़ में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के जवान राजू ओयाम वीरगति को प्राप्त हुए।
बीजापुर और कांकेर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले की सीमा पर स्थित गंगालूर थाना क्षेत्र से करीब 26 किमी दूर बैलाडीला पहाड़ी के पास पुरंगेल, गमपुर और एंड्री के जंगलों में सुबह सात बजे से दोपहर तक मुठभेड़ चली। जब सुरक्षा बलों ने इलाके की तलाशी ली तो वहां 26 नक्सलियों के शव बरामद किए गए।
दूसरी ओर, महाराष्ट्र की सीमा से सटे कांकेर और नारायणपुर जिले की सीमा पर भी सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाया, जिसमें चार नक्सली मार गिराए गए।

सूचना मिलते ही लॉन्च हुआ था ऑपरेशन
बस्तर आईजीपी सुंदरराज पी. ने बताया कि सुरक्षा बलों को बैलाडीला पहाड़ी के जंगलों में पश्चिम बस्तर डिविजन के नक्सलियों की मौजूदगी की जानकारी मिली थी। इसके बाद बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले से डीआरजी, कोबरा बटालियन और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की संयुक्त टीम को बुधवार रात अभियान पर भेजा गया।
गुरुवार सुबह जब जवान पुरंगेल और गमपुर होते हुए एंड्री के जंगल की पहाड़ी के पास पहुंचे, तो नक्सलियों ने घेराबंदी का अंदाजा लगाते ही गोलीबारी शुरू कर दी। जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिससे मुठभेड़ लगभग चार से पांच घंटे तक चली। इस दौरान कांकेर और नारायणपुर जिले की सीमा पर भी एक अन्य मुठभेड़ में चार नक्सलियों के शव बरामद किए गए।

2025 में अब तक 119 नक्सली ढेरकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 2026 तक नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सल विरोधी अभियान को तेज कर दिया है। इस साल जनवरी से अब तक 10 मुठभेड़ों में 119 नक्सलियों को मार गिराया गया है।
पिछले वर्ष (2024) में भी 100 से अधिक अभियानों में 239 नक्सली मारे गए थे। इनमें से 219 नक्सलियों के शव बरामद किए गए, जबकि अन्य नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि नक्सलियों द्वारा जारी पर्चों में भी की गई थी।

अब तक डबल इंजन सरकार के 14 महीनों में 358 नक्सली मारे जा चुके हैं।इस साल हुई बड़ी मुठभेड़ें:
- 09 फरवरी: बीजापुर मुठभेड़ में 31 नक्सली ढेर।
- 21 जनवरी: गरियाबंद मुठभेड़ में 16 नक्सली मारे गए।
- 16 जनवरी: बीजापुर मुठभेड़ में 18 नक्सली ढेर।
- 01 फरवरी: बीजापुर के कोरचोली में 8 नक्सली मारे गए।
- 05 जनवरी: अबूझमाड़ मुठभेड़ में 5 नक्सली मारे गए।
- 02 जनवरी: बीजापुर मुठभेड़ में 5 नक्सली ढेर।
- 03 जनवरी: गरियाबंद के कांडेसर में 3 नक्सली मारे गए।
- 01 मार्च: सुकमा जिले में 2 नक्सली ढेर।
- 01 फरवरी: बीजापुर के पानीडोबिर में 1 नक्सली मारा गया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बयान:
“‘नक्सल मुक्त भारत अभियान’ के तहत हमारे जवानों ने आज एक और बड़ी सफलता हासिल की है। मोदी सरकार नक्सलियों के खिलाफ निर्दयी नीति (Ruthless Approach) के साथ आगे बढ़ रही है। जो नक्सली आत्मसमर्पण नहीं कर रहे, उनके खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। 31 मार्च 2026 तक भारत नक्सलमुक्त हो जाएगा।”
— अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बयान:
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे का संकल्प और मजबूत हो गया है। हमारे सुरक्षाबल लगातार सफलता हासिल कर रहे हैं और बस्तर को भयमुक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इस मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए डीआरजी के जवान के बलिदान को नमन करता हूं। उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।”
— विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
गृहमंत्री विजय शर्मा का बयान:
“यह ऑपरेशन हमारे बहादुर जवानों के अदम्य साहस और शौर्य का प्रमाण है। छत्तीसगढ़ में शांति और विकास की राह में बाधा बनने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।”
— विजय शर्मा, उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री, छत्तीसगढ़

