Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • कुम्हारी में दुर्घटना पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जताया गहरा दुःख : मृतकों के परिजनों को 9-9 लाख रुपये सहायता राशि देने की घोषणा
    • “नर्सिंग सिस्टर” अब कहलाएंगी “सीनियर नर्सिंग ऑफिसर”
    • दफ्तरों की भागदौड़ पर लगा ब्रेक, सिंगल विंडो ने कम की दूरी
    • रासायनिक खरपतवार नाशकों का नियंत्रित और प्रभावी उपयोग किया जाए: डाॅ. नायक
    • दुर्ग जिले के कुम्हारी क्षेत्र में खाना बनाते समय फटा गैस सिलेंडर: 2 बच्चों समेत 4 लोगों की मौत…
    • रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में IPL का हाई-वोल्टेज मुकाबला प्लेऑफ की जंग में आमने-सामने RCB और KKR
    • छत्तीसगढ़ ‘माड़ बचाओ अभियान’ के तहत सुरक्षा बलों को मिली बड़ी सफलता नक्सलियों के डंप से करोड़ों की नकदी और हथियार बरामद
    • जुगाड़ू गाड़ी देखकर हैरान सचिन तेंदुलकर ने हाल ही में अपने आधिकारिक X हैंडल से एक वीडियो शेयर किया कही ये बात…
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Tuesday, May 12
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»छत्तीसगढ़»CG हाई कोर्ट का अहम फैसला: 2006 से पहले रिटायर कर्मचारियों को पेंशन का लाभ मिलेगा
    छत्तीसगढ़

    CG हाई कोर्ट का अहम फैसला: 2006 से पहले रिटायर कर्मचारियों को पेंशन का लाभ मिलेगा

    Chhattisgarh RajyaBy Chhattisgarh RajyaMarch 28, 2025
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    हाई कोर्ट
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    मुख्य बिंदु:

    • राज्य सरकार ने वित्तीय बोझ का तर्क दिया था।
    • हाई कोर्ट ने सरकार की दलील खारिज की।
    • संशोधित पेंशन का भुगतान 4 महीने में अनिवार्य।

      बिलासपुर: हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, 2006 से पहले रिटायर कर्मचारियों को मिलेगा पेंशन लाभ

      छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह छठवें वेतन आयोग के तहत 1 जनवरी 2006 से पहले सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को पेंशन लाभ का भुगतान सुनिश्चित करे।

      यह फैसला न्यायमूर्ति राकेश मोहन पांडे की एकलपीठ ने छत्तीसगढ़ शासकीय महाविद्यालयीन पेंशनर्स संघ बनाम छत्तीसगढ़ राज्य मामले में सुनाया। याचिकाकर्ता, छत्तीसगढ़ शासकीय महाविद्यालयीन पेंशनर्स संघ, सरकारी महाविद्यालयों के पेंशनभोगियों का प्रतिनिधित्व करने वाली एक पंजीकृत संस्था है। संघ ने सरकार की नीति को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में तर्क दिया गया कि 2006 के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों को छठवें वेतन आयोग का लाभ दिया गया, जबकि 2006 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों को इससे वंचित रखा गया, जो संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता के अधिकार) का उल्लंघन है।

      राज्य सरकार की दलील खारिज

      राज्य सरकार ने कोर्ट में तर्क दिया कि 2006 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों को यह लाभ देने से सरकारी खजाने पर भारी वित्तीय बोझ पड़ेगा। हालांकि, हाई कोर्ट ने सरकार की इस दलील को खारिज कर दिया और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसले का हवाला देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 की धारा 49 के तहत मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को संयुक्त रूप से पेंशन भुगतान की जिम्मेदारी निभानी होगी।

      MP-CG के हजारों पेंशनर्स को राहत

      हाई कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि सभी पात्र पेंशनर्स को संशोधित पेंशन का भुगतान 120 दिनों के भीतर किया जाए। इस फैसले से छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के हजारों पेंशनभोगी कर्मचारियों को राहत मिलेगी।

      हाई कोर्ट ने प्रशासन को लगाई फटकार, निगम आयुक्त के निलंबन की दी चेतावनी

      छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में बुधवार को अतिक्रमण, अव्यवस्थित फुटपाथ और पर्यावरण सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सुनवाई हुई। इस दौरान मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई। पत्थलगांव सड़क मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन जिन कार्यों को एक आदेश से पूरा कर सकता है, उसे नज़रअंदाज कर रहा है और केवल दिखावा कर रहा है।

      हाई कोर्ट ने बिलासपुर नगर निगम और जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि शहर में हुए अतिक्रमण हटाने के लिए उनके पास पहले से ही पर्याप्त आदेश हैं, लेकिन कार्रवाई न करने की मानसिकता चिंता का विषय है।

      फुटपाथ निर्माण पर उठे सवाल

      स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा बनाए गए फुटपाथों पर सवाल उठाते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यहां न केवल दिव्यांगजन बल्कि एक सामान्य व्यक्ति के लिए भी चलना मुश्किल है। उन्होंने जिला कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त को मौके पर जाकर निरीक्षण करने के निर्देश दिए। मुख्य न्यायाधीश ने यहां तक कहा कि निगम आयुक्त की लापरवाही इतनी गंभीर है कि उन्हें तत्काल निलंबित किया जाना चाहिए।

      9 अप्रैल को अगली सुनवाई

      हाई कोर्ट ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे अपनी जिम्मेदारी निभाएं, क्योंकि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मामले की अगली सुनवाई 9 अप्रैल को होगी।

      कचरे के ढेर पर भी हाई कोर्ट की नाराजगी

      सुनवाई के दौरान जरहाभाठा ओमनगर क्षेत्र में लगातार बढ़ते कचरे और सफाई कार्यों के नाम पर खर्च किए गए 4 करोड़ रुपये की खबर पर भी हाई कोर्ट ने संज्ञान लिया। कोर्ट ने इस मुद्दे को लेकर जनहित याचिका दर्ज की और जिला कलेक्टर व नगर निगम आयुक्त से व्यक्तिगत शपथपत्र पर जवाब मांगा है कि इन समस्याओं का समाधान कैसे किया जाएगा।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    Chhattisgarh Rajya
    Chhattisgarh Rajya

    Related Posts

    कुम्हारी में दुर्घटना पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जताया गहरा दुःख : मृतकों के परिजनों को 9-9 लाख रुपये सहायता राशि देने की घोषणा

    May 12, 2026

    “नर्सिंग सिस्टर” अब कहलाएंगी “सीनियर नर्सिंग ऑफिसर”

    May 12, 2026

    दफ्तरों की भागदौड़ पर लगा ब्रेक, सिंगल विंडो ने कम की दूरी

    May 12, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.