
छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदलेगा, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। बंगाल की खाड़ी से आर्द्र हवाओं के प्रवेश के कारण प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक, अंधड़ और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।
द्रोणिका और चक्रवाती परिसंचरण का असर
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण छत्तीसगढ़ से मध्य महाराष्ट्र तक 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक फैली द्रोणिका सक्रिय है। इसके अलावा, मराठवाड़ा से दक्षिण कोमोरान क्षेत्र तक भी इसी ऊंचाई पर एक और द्रोणिका बनी हुई है। साथ ही, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तरी तमिलनाडु के ऊपर समुद्र तल से 1.5 से 3.1 किलोमीटर ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जिससे प्रदेश में नमी युक्त हवाएं प्रवेश कर रही हैं और मौसम में बदलाव देखा जा रहा है।
बारिश और ओलावृष्टि की संभावना
मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा के अनुसार, 2 और 3 अप्रैल को प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज आंधी, वज्रपात और ओलावृष्टि की संभावना है। विशेष रूप से कांकेर, धमतरी और गरियाबंद जिलों में तेज अंधड़ और वज्रपात की संभावना अधिक बनी हुई है। इन क्षेत्रों के नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
तापमान में गिरावट के संकेत
प्रदेश में अधिकतम तापमान में 4 अप्रैल तक गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि, अगले 24 घंटों में तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा, लेकिन इसके बाद तीन दिनों में अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। बीते 24 घंटों में प्रदेश का मौसम शुष्क रहा, जहां सबसे अधिक तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम तापमान 15.0 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रहा।
रायपुर का मौसम कैसा रहेगा?
राजधानी रायपुर के लिए मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी किया है। 2 अप्रैल को रायपुर का आकाश मुख्यतः साफ रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। हालांकि, आगामी दिनों में हल्की बारिश और आंधी-तूफान की संभावना बनी हुई है।
सावधानी बरतने की अपील
मौसम विभाग ने नागरिकों से सतर्क रहने और मौसम की अनिश्चितताओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं। साथ ही, वज्रपात से बचने के लिए खुले स्थानों पर जाने से परहेज करें। बदलते मौसम के इस दौर में नागरिकों को सतर्क रहना होगा ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।



