रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 4-5 अप्रैल के छत्तीसगढ़ दौरे से पहले, सुरक्षा बलों के लगातार दबाव में आए नक्सलियों ने सशर्त शांति वार्ता का प्रस्ताव रखा, जिसे राज्य सरकार ने सख्ती से खारिज कर दिया है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने स्पष्ट कहा कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन नक्सल हिंसा और संविधान विरोधी गतिविधियों पर कोई समझौता नहीं होगा।
नक्सलियों की केंद्रीय समिति के प्रवक्ता अभय ने एक पर्चा जारी कर दावा किया कि पिछले 15 महीनों में केंद्र और राज्य सरकार ने खासकर छत्तीसगढ़ में ऑपरेशन को तेज किया है, जिसके चलते देशभर में 400 से अधिक नक्सली मारे गए हैं और सैकड़ों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि संगठन शांति वार्ता के लिए तैयार है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि यदि नक्सली वास्तव में मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं और बातचीत के इच्छुक हैं, तो उन्हें अपने प्रतिनिधि और वार्ता की शर्तें सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करनी होंगी। उन्होंने साफ किया कि बातचीत केवल भारतीय संविधान के दायरे में ही होगी और यह किसी भी कट्टरपंथी विचारधारा की तर्ज पर नहीं हो सकती।
तेज कार्रवाई से कमजोर पड़ा नक्सली नेटवर्क
गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक नक्सलवाद के समूल खात्मे का लक्ष्य तय किया है। इसी के तहत बीते 15 महीनों में छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया है। इस दौरान राज्य में 380 से अधिक नक्सली मारे गए, जबकि नक्सली संगठन यह संख्या 400 से ज्यादा बता रहे हैं। वहीं, 1,116 नक्सलियों ने समर्पण किया और लगभग 1,000 को गिरफ्तार किया गया है।
इस अवधि में कई शीर्ष नक्सली नेता जैसे चलपति, गुड्डू, सत्यम गावड़े, दामोदर, रेणुका, जोगन्ना और अन्य मारे गए हैं। साथ ही, राज्य में 40 से अधिक नई सुरक्षा चौकियां स्थापित की गई हैं, जिससे नक्सलियों का प्रभाव सीमित हुआ है। डबल इंजन सरकार के तहत ‘आपका अच्छा गांव’ योजना के तहत अंदरूनी इलाकों में सड़क, बिजली, पानी, स्कूल, आंगनबाड़ी और राशन दुकानों जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया गया है, जिससे नक्सलियों का जनाधार लगातार कमजोर हो रहा है।
मध्यप्रदेश में दो महिला नक्सली मुठभेड़ में ढेर
मध्य प्रदेश के मंडला जिले के बिछिया थाना क्षेत्र के कान्हा नेशनल पार्क के माछादादर जंगल में बुधवार सुबह सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान 14-14 लाख की इनामी दो महिला नक्सली मारी गईं। मृतकों की पहचान छत्तीसगढ़ के सुकमा की प्रमिला उर्फ मांसे मंडावी और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली की ममता उर्फ रामबाई मंडावी के रूप में हुई है। दोनों भोरमदेव एरिया कमेटी की सक्रिय सदस्य थीं।
बालाघाट के एसपी नगेंद्र सिंह ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान मौके से एक एसएलआर, मैगजीन, वॉकी-टॉकी सेट समेत अन्य सामग्री बरामद की गई है। ऑपरेशन में हॉक फोर्स के 250 से ज्यादा जवान शामिल थे। सुबह सर्चिंग के दौरान नक्सलियों ने हथियार लूटने की नीयत से सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू की, जिसका जवाब देते हुए जवानों ने दो महिला नक्सलियों को मार गिराया। उनके फरार साथियों की तलाश जंगल में जारी है।
गौरतलब है कि पिछले डेढ़ महीने में बालाघाट और मंडला क्षेत्रों में यह तीसरी मुठभेड़ है, जिसमें अब तक सात नक्सली मारे जा चुके हैं।

