गरियाबंद: छुरा ब्लॉक की 70 वर्षीय महिला ओम बाई बघेल ने अपनी पुश्तैनी जमीन पर कब्जे को लेकर न्याय की गुहार लगाते हुए राष्ट्रपति को अपने खून से पत्र लिखा है। महिला का आरोप है कि उनके पूर्वजों की परंपरागत समाधि (मठ) को तोड़कर गांव के संतोष सारडा ने उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया। ओम बाई ने बताया कि मठ तोड़ते समय उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया और लगातार प्रताड़ित किया गया। प्रशासन से कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने खून से पत्र लिखने का कदम उठाया। महिला वर्तमान में गंभीर बीमारी टीबी से भी पीड़ित हैं और इस विवाद को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रही हैं।
एक अन्य खबर में, शादी का झांसा देकर तीन साल तक एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को 10 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। मामला कोरबा जिले के पंडरीपानी क्षेत्र का है, जहां अपर सेशन न्यायाधीश एफटीएससी (पाक्सो) ने सजा सुनाई।

