पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की संभावना को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, पाकिस्तान में भारत के पूर्व उच्चायुक्त अजय बिसारिया ने युद्ध के समय को लेकर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि युद्ध का समय जनता के मूड पर आधारित नहीं होना चाहिए।
एएनआई के पॉडकास्ट में बिसारिया ने कहा कि “इस तरह के ऑपरेशन में सफलता के लिए तीन अहम बातें हैं: पहला, गति (स्पीड), दूसरा, सरप्राइज (दुश्मन को चौंकाना) और तीसरा, गोपनीयता (सीक्रेसी)। साथ ही, ऑपरेशन को सही समय पर अंजाम देना जरूरी है, जो जनता की भावनाओं पर निर्भर न हो बल्कि हमारी सहूलियत और रणनीति पर आधारित हो।”
उन्होंने यह भी कहा कि भारत को अपने दम पर युद्ध लड़ना होगा और इसके लिए क्षमता, राजनीतिक इच्छाशक्ति, राष्ट्रीय एकता और मजबूत इरादे की आवश्यकता है।
EP-292 with Sushant Sareen & Ajay Bisaria premieres today at 5 PM IST
“Speed, surprise, and secrecy…not public mood dictate a war,” says Ajay Bisaria, former High Commissioner to Pakistan.
“Why didn’t Russia stand with India after the Pahalgam terror attack?” asks Sushant… pic.twitter.com/kix1fASNtC
— ANI (@ANI) May 3, 2025
सामरिक मामलों के विशेषज्ञ सुशांत सरीन ने भी इस पर अपनी राय दी, उन्होंने कहा कि अगर दोनों देश मिसाइलों का इस्तेमाल करने लगे तो दोनों देशों के लिए यह खतरनाक साबित हो सकता है। सरीन ने यह भी बताया कि किसी भी युद्ध कार्रवाई की भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है, और अगर इस्लामाबाद और लाहौर पर मिसाइलें गिरीं, तो दिल्ली भी असुरक्षित हो सकती है।
सरीन ने भारत और रूस के रिश्तों पर भी सवाल उठाए और पूछा कि क्या रूस भारत-पाक युद्ध में भारत का साथ देगा, खासकर जब रूस का सबसे बड़ा सहयोगी चीन भारत के खिलाफ खड़ा है।
इसके अलावा, सरीन ने पाकिस्तान के यूट्यूब चैनलों पर बैन को सही ठहराया, यह कहते हुए कि ये चैनल भारत के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाते थे और भारतीय व्यूअरशिप का उपयोग कर रहे थे।

