बिहार– मोतिहारी में खाकी की आड़ में चल रहे लूट के एक बड़े खेल का पर्दाफाश हुआ है. यहां पुलिस की वर्दी पहनकर आम जनता को डराने और लूटने वाला कोई और नहीं, बल्कि महकमे के ही बर्खास्त और रिटायर्ड लोग निकले. मुफस्सिल थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है.
कैसे हुआ इस ‘वर्दी वाले गैंग’ का खुलासा?
पूरे मामले की कड़ियां तब जुड़नी शुरू हुईं जब पुलिस ने हाल ही में हुए एक मारपीट के मामले में सफदर इमाम नाम के शख्स को गिरफ्तार किया. पूछताछ में सफदर ने जो राज उगले, उसने अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए. उसकी निशानदेही पर छापेमारी की गई और एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ हुआ जो रात के अंधेरे में वर्दी का रौब दिखाकर वारदात को अंजाम देता था.
सदर एसडीपीओ-2 जितेश पांडे ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल लाल बहादुर राम एक बर्खास्त पुलिसकर्मी है. वहीं, राजेंद्र राय और प्रभु लाल शाह रिटायर्ड होमगार्ड जवान हैं. इनके अलावा मोहम्मद आरिफ और सफदर इमाम भी इस काली कमाई के धंधे में शामिल थे. गिरोह में एक मिस्त्री भी था जो वारदात के समय इनका साथ देता था.
लग्जरी गाड़ियां और लाखों में कैश बरामद
यह गिरोह दो तरीके से काम करता था. पहला, रात में वर्दी पहनकर लोगों को रोकना और केस में फंसाने का डर दिखाकर पैसे लूटना. दूसरा, भोले-भले लोगों को ‘नोट डबल’ करने का लालच देकर ठगी करना. पुलिस ने इनके पास से 4 सेट खाकी वर्दी, टोपी, बेल्ट, पुलिस स्टिक, आईडी कार्ड, पुलिस बोर्ड के अलावा 1 लाख 81 हजार 200 रुपये कैश और 3 लग्जरी गाड़ियां बरामद की हैं.
पुलिस की सख्त चेतावनी
डीएसपी जितेश पांडे ने बताया कि यह गिरोह काफी समय से सक्रिय था. इनके पास से नोटबुक और पासबुक भी मिली है, जिससे कई अन्य शिकारों की जानकारी मिल सकती है. फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में छापेमारी कर रही है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि रात में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने को दें.

