Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • कुम्हारी में दुर्घटना पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जताया गहरा दुःख : मृतकों के परिजनों को 9-9 लाख रुपये सहायता राशि देने की घोषणा
    • “नर्सिंग सिस्टर” अब कहलाएंगी “सीनियर नर्सिंग ऑफिसर”
    • दफ्तरों की भागदौड़ पर लगा ब्रेक, सिंगल विंडो ने कम की दूरी
    • रासायनिक खरपतवार नाशकों का नियंत्रित और प्रभावी उपयोग किया जाए: डाॅ. नायक
    • दुर्ग जिले के कुम्हारी क्षेत्र में खाना बनाते समय फटा गैस सिलेंडर: 2 बच्चों समेत 4 लोगों की मौत…
    • रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में IPL का हाई-वोल्टेज मुकाबला प्लेऑफ की जंग में आमने-सामने RCB और KKR
    • छत्तीसगढ़ ‘माड़ बचाओ अभियान’ के तहत सुरक्षा बलों को मिली बड़ी सफलता नक्सलियों के डंप से करोड़ों की नकदी और हथियार बरामद
    • जुगाड़ू गाड़ी देखकर हैरान सचिन तेंदुलकर ने हाल ही में अपने आधिकारिक X हैंडल से एक वीडियो शेयर किया कही ये बात…
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Tuesday, May 12
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»छत्तीसगढ़»बिलासपुर नगर निगम: नाली सफाई के लिए मांगा अनुभव, पुराने ठेकेदारों को मिलेगा फायदा
    छत्तीसगढ़

    बिलासपुर नगर निगम: नाली सफाई के लिए मांगा अनुभव, पुराने ठेकेदारों को मिलेगा फायदा

    Chhattisgarh RajyaBy Chhattisgarh RajyaMarch 28, 2025
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    नगर निगम
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    मुख्य बिंदु:

    • नए ठेकेदारों के लिए टेंडर हासिल करना लगभग असंभव।
    • नया नियम पुराने ठेकेदारों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
    • सफाई व्यवस्था में सुधार की उम्मीद और कमजोर हुई।

      बिलासपुर: सफाई टेंडर में अनुभव अनिवार्य, नए ठेकेदारों के लिए मुश्किलें बढ़ीं

      शहर की सफाई व्यवस्था को सुधारने के उद्देश्य से नगर निगम ने सफाई टेंडर में एक नया नियम जोड़ा है, जिसके तहत अनुभव को अनिवार्य कर दिया गया है। इस बदलाव के कारण अब केवल वही ठेकेदार टेंडर के पात्र होंगे, जिन्होंने पहले सफाई कार्य का अनुभव प्राप्त किया है।

      नए ठेकेदारों के लिए टेंडर हासिल करना कठिन

      इस नियम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कई लोगों का मानना है कि इससे नए ठेकेदारों के लिए टेंडर प्राप्त करना लगभग असंभव हो जाएगा। यह नियम पुराने ठेकेदारों के पक्ष में एक प्रकार का विशेषाधिकार साबित हो सकता है, जिससे सफाई व्यवस्था में सुधार की उम्मीद भी धूमिल होती दिख रही है।

      नगर निगम समय-समय पर सफाई कार्यों के लिए टेंडर जारी करता है, लेकिन इस बार टेंडर प्रक्रिया में अनुभव को अनिवार्य शर्त बना दिया गया है। इस बदलाव के कारण जिन ठेकेदारों के पास पूर्व में सफाई कार्य का अनुभव नहीं है, वे टेंडर प्रक्रिया में भाग नहीं ले सकेंगे।

      पुराने ठेकेदारों का दबदबा बना रहेगा

      इस नियम के चलते पुराने ठेकेदारों का एकाधिकार बना रहेगा, जिससे उनकी मनमानी जारी रहने की आशंका है। वर्तमान में सफाई व्यवस्था पहले से ही सवालों के घेरे में है। सफाई व्यवस्था की बदहाल स्थिति के बावजूद पुराने ठेकेदारों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाती।

      अब जब टेंडर प्रक्रिया में अनुभव को अनिवार्य कर दिया गया है, तो वही ठेकेदार दोबारा सफाई कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे, जिन पर पहले से ही लापरवाही की शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। नगर निगम की निगरानी के बावजूद कचरा उठाने और नालों की सफाई में लापरवाही आम बात हो गई है।

      शहर में सफाई व्यवस्था बदहाल

      शहर के कई इलाकों में गंदगी और कचरे के ढेर लगे हुए हैं। कई नालियां जाम पड़ी हैं, लेकिन सफाई कार्यों में लापरवाही के कारण स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा। तंग गलियों में सफाई कर्मचारी नहीं पहुंच पाते, जिससे वहां कचरा जमा रहता है। कई जगहों पर सफाई अधूरी छोड़ दी जाती है।

      मुख्य मार्गों को छोड़कर अंदरूनी गलियों की स्थिति बेहद खराब है। पुराने ठेकेदार लंबे समय से सफाई का काम कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों से मिलीभगत के कारण उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। नए नियमों से पुराने ठेकेदारों को एक तरह से आरक्षण मिल गया है, जिससे उनकी मनमानी और बढ़ने की संभावना है।

      मुख्य अभियंता का आदेश, सवालों के घेरे में फैसला

      मुख्य अभियंता राजकुमार मिश्रा ने 5 मार्च को एक आदेश जारी किया, जिसमें उल्लेख किया गया कि नालियों की सफाई के लिए केवल वे ठेकेदार ही भाग ले सकते हैं, जिनके पास कम से कम तीन साल का अनुभव हो। यह नियम सीधे तौर पर पुराने ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने वाला माना जा रहा है।

      इस फैसले को लेकर एक और बड़ा सवाल उठ रहा है—क्या बिना नगर निगम आयुक्त के हस्ताक्षर के ऐसा आदेश जारी किया जा सकता है?

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    Chhattisgarh Rajya
    Chhattisgarh Rajya

    Related Posts

    कुम्हारी में दुर्घटना पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जताया गहरा दुःख : मृतकों के परिजनों को 9-9 लाख रुपये सहायता राशि देने की घोषणा

    May 12, 2026

    “नर्सिंग सिस्टर” अब कहलाएंगी “सीनियर नर्सिंग ऑफिसर”

    May 12, 2026

    दफ्तरों की भागदौड़ पर लगा ब्रेक, सिंगल विंडो ने कम की दूरी

    May 12, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.