HighLights
- भाजपा ने सांसदों को अनिवार्य उपस्थिति के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किया।
- कांग्रेस का आरोप – सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए बहाने तलाश रही है।
- कांग्रेस ने व्हिप जारी करने के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं किया।
Parliament Budget Session:
संसद के बजट सत्र में लगातार हंगामा देखने को मिला है। चाहे सत्र का पहला चरण हो या दूसरा, विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरता रहा है। इस बीच, केंद्र सरकार आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट को पारित कराने की तैयारी में है। इसी को लेकर भाजपा ने अपने सभी सांसदों को व्हिप जारी किया है।तीन लाइन का व्हिप जारी
कांग्रेस ने भी अपने सांसदों को संसद में मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी किया है। कांग्रेस के कुछ सांसदों का कहना है कि सरकार बजट पर चर्चा को सीमित रखते हुए गिलोटिन प्रक्रिया के जरिए इसे जल्द पारित करवा सकती है। भाजपा ने अपने सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी कर अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पार्टी ने लोकसभा में अपने सभी सांसदों को सूचित किया है कि शुक्रवार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अनुदान की विभिन्न मांगों पर विचार और पारित किया जाएगा, जिसके लिए सभी सांसदों की उपस्थिति जरूरी है।
क्या होता है गिलोटिन?
गिलोटिन एक संसदीय प्रक्रिया है, जिसके तहत किसी विधेयक को बिना विस्तृत चर्चा के पारित किया जा सकता है। इसे केवल महत्वपूर्ण मौकों पर लागू किया जाता है, जब सरकार किसी विधेयक को जल्द से जल्द पारित कराना चाहती है।
कांग्रेस का आरोप – भाजपा लोकतंत्र की हत्या कर रही
कांग्रेस ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी संसद में तुच्छ मुद्दों को उठाकर व्यवधान पैदा कर रही है और अपनी विफलताओं पर चर्चा से बचने के बहाने ढूंढ रही है। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भाजपा को आर्थिक संकट, सामाजिक तनाव और कल्याणकारी योजनाओं की स्थिति पर जवाब देना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का तरीका स्पष्ट है – तुच्छ मुद्दों को उठाकर संसदीय कार्यवाही बाधित करना और महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा से बचना। वेणुगोपाल ने कहा कि एक जिम्मेदार विपक्ष के रूप में कांग्रेस ने हमेशा चर्चा के लिए सहमति जताई है, लेकिन सरकार खुद कठिन सवालों से बच रही है।
गौरतलब है कि परिसीमन से जुड़े मुद्दों पर नारे लिखी टी-शर्ट पहनकर विरोध जताने वाले डीएमके सांसदों के कारण संसद की कार्यवाही बाधित हुई, जिसके बाद दोनों सदनों को स्थगित कर दिया गया।

