क्राइम

जातिवाद, घोड़े पर चढ़ा दलित दूल्हे पर तलवारें लेकर टूट पड़ी भीड़…

Gujrat News: इक्कीसवीं सदी के भारत में जहां हम तकनीकी और आर्थिक प्रगति के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, वहीं सामाजिक धरातल पर जातिवाद का ज़हर आज भी हमारे लोकतंत्र को खोखला कर रहा है. ताजा मामला गुजरात के पाटन जिले से सामने आया है, जहां एक दलित युवक को अपनी शादी के दिन सिर्फ इसलिए प्रताड़ित किया गया, क्योंकि उसने घोड़े पर चढ़कर बारात निकालने की ‘हिम्मत’ की थी.

खुशियों के बीच गूंजी तलवारों की झंकार

विशाल चाबड़ा नामक यूवक के लिए वह दिन उसके जीवन का सबसे सुखद अवसर होने वाला था. पांच अन्य दूल्हों की तरह विशाल भी सुनहरे सपने आंखों में लिए सज-धजकर घोड़े पर सवार होकर अपनी बारात लेकर निकला था. संगीत की धुन पर बाराती नाच रहे थे, लेकिन चंद्रुमना गांव के पास पहुंचते ही खुशियों का यह माहौल अचानक मातम और दहशत में बदल गया. अचानक संगीत थम गया और नाचते हुए कदम रुक गए. सन्नाटे को चीरते हुए सुनाई दी तो बस नफरत भरी आवाजें और तलवारों की झंकार.

‘प्रभावशाली’ अहंकार और अमानवीय व्यवहार

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गांव के एक ‘प्रभावशाली’ समुदाय के लोगों ने बारात का रास्ता रोक लिया. हमलावरों का तर्क हैरान करने वाला और अमानवीय था. उनका मानना था कि घोड़े पर सवार होना केवल ‘उच्च वर्ण’ के लोगों का विशेषाधिकार है. भीड़ में से लोग चिल्ला रहे थे, “इस गांव में एक दलित की घोड़े पर चढ़ने की हिम्मत कैसे हुई?”

देखते ही देखते आरोपियों ने तलवारें निकाल लीं और दूल्हे विशाल को डराना-धमकाना शुरू कर दिया. बारात में शामिल कई लोगों के साथ मारपीट की गई और उन्हें शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया. जातिगत श्रेष्ठता के इस नग्न प्रदर्शन ने न केवल बारातियों को बल्कि पूरे गांव को आतंकित कर दिया है.

2026 में भी बरकरार है ‘मध्यकालीन’ सोच

यह घटना पाटन जिले में जातिवाद और सामाजिक वर्गीकरण के चरम रूप को दर्शाती है. सवाल यह उठता है कि क्या 2026 में भी किसी की जाति यह तय करेगी कि वह अपनी शादी कैसे मनाएगा? दलित समुदाय पर अत्याचार की यह कोई पहली घटना नहीं है, लेकिन जिस तरह से खुलेआम तलवारें लहराकर एक दूल्हे को निशाना बनाया गया, वह कानून-व्यवस्था और हमारे सामाजिक ताने-बाने पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है.

फिलहाल, पीड़ित परिवार और बाराती इस घटना से गहरे सदमे में हैं. स्थानीय प्रशासन और पुलिस से न्याय की गुहार लगाई गई है. नेटिज़न्स और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

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