संपादकीय
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शादी करने के ‘उतावले युवक लुटेरी दुल्हनों के बन रहे शिकार!
अनेक राज्यों में शादी के लिए उतावले युवाओं की नकली बिचौलियोंं के माध्यम से अपने गिरोह की महिलाओं के साथ शादी करवाने वाले ठगों के गिरोह सक्रिय हैं और ये ‘लुटेरी दुल्हनें’ शादी के चंद ही दिनों के भीतर अपने ‘ससुरालियों’ की जमापूंजी पर हाथ साफ करके फरार हो जाती हैं जिनकी चंद घटनाएं निम्न में दर्ज हैं : *…
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आदर्श नायक गांधी जी को नमन…
देश के स्वतंत्रता संग्राम में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अविस्मरणीय योगदान से पूरी दुनिया परिचित है। वे जीवन पर्यन्त देशवासियों के लिए आदर्श नायक बने रहे। अहिंसा की राह पर चलते हुए देश को अंग्रेजी दासता से मुक्ति दिलाने वाले गांधी जी ने पूरी दुनिया को अपने विचारों से प्रभावित किया था। उन्होंने अपने अनुभवों के आधार पर कई किताबें भी…
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‘हम भारत के लोग…’
भारत का 77वां गणतंत्र दिवस बीत गया। एक राष्ट्रीय पर्व, राष्ट्रीय समारोह और राष्ट्रीय स्वाभिमान का दिवस भी बीत गया। आप सभी ने राजधानी दिल्ली के ‘कत्र्तव्य पथ’ पर, परेड के जरिए, भारत की सामरिक, सांस्कृतिक, कलात्मक, आध्यात्मिक और क्षेत्रीय संप्रभुता का प्रदर्शन टीवी पर देखा होगा। कितना विविध, विराट और एकजुट, अखंड है भारत! यह व्यावहारिक तौर पर ‘संविधान दिवस’…
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ईरान के साथ खड़ा भारत
India Iran Relation: पश्चिमी देशों के दबाव में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद द्वारा ईरान के खिलाफ लाये गये मानवाधिकार उल्लंघन के प्रस्ताव के विरोध में वोट देकर भारत ने दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया है कि विदेश नीति के मामले में वह बाहरी शक्ति या विदेशी दबावों के आगे नहीं झुकता. India Iran Relation: संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद द्वारा ईरान के…
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व्यवस्था में यह सुराख क्यों ?
किसी भी देश के गणतंत्र का 77 वां गणतंत्र दिवस इस बात के लिए अत्यंत अहम रहता है कि लोकतांत्रिक और गणतांत्रिक मूल्यों को किस तरह आत्मसात किया जा रहा है. देश में गण की आवाज में जनता के सुर किस तरह मिल रहे हैं और तंत्र इन संयुक्त सुरों पर जनहित में कैसे काम कर रहा है – यह…
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संविधान के प्रति राजनीतिक जागरूकता पर्याप्त नहीं, स्वाभिमान के रूप…
भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। ब्रिटिश आधिपत्य से स्वाधीनता के समय भारत के नेतृत्व ने भावी पीढ़ियों के शासन-प्रशासन हेतु एक संविधान का निर्माण किया। दो वर्ष, 11 महीने और 18 दिन तक संविधान सभा की बैठकें हुईं। उसके परिणामस्वरूप हमें विश्व का विशालतम संविधान प्राप्त हुआ। नौ दिसंबर 1946 से प्रारंभ कर 26 नवंबर 1949 तक हमारे…
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‘मदर ऑफ ऑल डील्स’
इस बार गणतंत्र दिवस के अगले ही दिन 27 जनवरी ‘ऐतिहासिक’ साबित हो सकती है। भारत और यूरोपीय संघ के बीच ‘मुक्त व्यापार समझौते’ (एफटीए) पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। यूरोपीय संघ आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर ने इसके स्पष्ट संकेत देते हुए इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ करार दिया है। यह कथन स्वाभाविक भी है। भारत 147 करोड़…
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राष्ट्रपति ट्रंप के क्या हैं मंसूबे
आखिर अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप के मंसूबे क्या हैं? वह दुनिया के सबसे प्राचीन लोकतांत्रिक देश के राष्ट्रपति हैं अथवा विस्तारवादी प्रवृत्ति के साम्राज्यवादी शासक हैं या अब ‘वैश्विक डॉन’ बनने की मंशा है? राष्ट्रपति ट्रंप हररोज किसी न किसी देश पर कब्जा करने या हमला करने की धमकी देते हैं। वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो को अमरीकी सैनिकों के जरिए अगवा…
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मुख्यधारा के विकास से जुड़तीं महिलाएं…
संप्रति महिलाओं के माध्यम से एक प्रभावी आर्थिक क्रांति आकार ले रही है। लाखों महिलाएं सिलाई, खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, स्थानीय व्यापार और हस्तशिल्प जैसे छोटे, अनौपचारिक उद्यमों से अपनी आजीविका चला रही हैं। यह उनका पहला स्थायी और स्वतंत्र आय का स्रोत बनता है। इस परिवर्तन में माइक्रोफाइनेंस ने एक निर्णायक भूमिका निभाई है। बिना गारंटी वाले ये छोटे कर्ज,…
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संघ-चीनी कम्युनिस्ट मुलाकात
भाजपा मुख्यालय में पार्टी महासचिव अरुण सिंह के नेतृत्व में एक टीम ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। जाहिर है कि कुछ विमर्श भी हुआ होगा। बाद में चीन की अंतरराष्ट्रीय विभाग की उपमंत्री सुन हैयान के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल आरएसएस मुख्यालय गया और सरकार्यवाह (महासचिव) दत्तात्रेय होसबले से मुलाकात और बातचीत की। इन मुलाकातों को…
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