दरअसल ‘दिमागी नक्सल’ वे हैं, जो भारत के संविधान को नहीं मानते। देश में संसदीय प्रणाली के विरोधी हैं, लिहाजा संसद…
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राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ पर देश भर में राजनीतिक बवाल मच गया, यह वाकई शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है। ‘वंदे मातरम्’ पर संसद…
प्रधानमंत्री मोदी ने लालकिले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार राष्ट्र को संबोधित किया, लेकिन कोई नई नीतिगत घोषणा नहीं कर…
यदि एफसीआरए (विदेशी अंशदान विनियामक अधिनियम) संशोधन बिल संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के विचारार्थ भेजा जाता है, तो इसके साफ मायने…
यह ‘नया इंकलाब’ है, नए युग और नई पीढ़ी का ‘इंकलाब’ है। यदि ये युवा और छात्र संसद भवन के करीब…
आजकल चारों तरफ जेन-जी की ऐसी धूम मची है मानो यही एकमात्र राष्ट्रीय मुद्दा और मसला हो! टीवी चैनलों पर लगातार…
हमारी जेलों में एक ऐसा दुष्चक्र चल रहा है जैसे कि ये जेलें न होकर गैस्ट हाऊस बन गई हों।…
भारतीय अस्पतालों में जहां बीमार लोग नया जीवन पाने के लिए जाते हैं, समय-समय पर होने वाले अग्निकांडों से जान-माल…
संसद देश का सर्वोच्च विधायी निकाय है, जहां जनकल्याण से जुड़े मसलों पर मंथन किया जाता है और उसके निष्कर्षों…
भारी हंगामे और तीखी नोंकझोंक के बीच लोकसभा में एंटी पेपरलीक संशोधन बिल ध्वनि-मत से पारित करना पड़ा। इस बिल पर…
